{"_id":"69234c68b6b906cc2c095716","slug":"2269-pregnant-women-were-not-paid-under-the-janani-suraksha-yojana-etah-news-c-163-1-eta1004-142367-2025-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: जननी सुरक्षा योजना के तहत 2269 प्रसूताओं का नहीं हुआ भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: जननी सुरक्षा योजना के तहत 2269 प्रसूताओं का नहीं हुआ भुगतान
Sun, 23 Nov 2025 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:33 PM IST
विज्ञापन
एटा। जननी सुरक्षा योजना के तहत सीएमओ कार्यालय की ओर से 2269 लाभार्थियों को भुगतान नहीं मिला है। छह माह से महिलाएं अस्पताल और संबंधित विभाग के चक्कर काट रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं से भी लगातार पूछा जा रहा है कि भुगतान कब तक आएगा लेकिन उनसे भी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
मातृ स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को एक हजार रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि प्रसव के बाद पोषण, दवाओं और आवश्यक जरूरतों के लिए दी जाती है। लाभ के लिए प्रसव सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में होना जरूरी है। प्रसूताओं को छह महीने से भुगतान नहीं मिल रहा है।
जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का आंकड़ा सीएमओ कार्यालय में तैनात डीएमएचसी (जिला मातृत्व स्वास्थ्य सलाहकार) द्वारा छिपाया जा रहा है। कार्यालय की ओर से दावा किया जा रहा है कि 2269 लाभार्थियों का भुगतान अभी बाकी है लेकिन इससे ज्यादा लाभार्थी हैं जिनका अभी तक छह माह से भुगतान नहीं किया गया है। दरअसल हर माह पूरे जिले में करीब एक हजार से अधिक प्रसव होते हैं। उसके हिसाब से करीब 6 हजार से अधिक लाभार्थी बचे हुए हैं।
विज्ञापन
जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को छह महीने से भुगतान नहीं मिल रहा है। पहले भुगतान पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से किया जाता था। अब सिंगल नोडल अकाउंट (एसएनए) स्पर्श पोर्टल से भुगतान प्रक्रिया शुरू की गई है। पोर्टल परिवर्तन के कारण कुछ तकनीकी समस्याएं आई हैं। इस वजह से देरी हो रही है। -डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
विज्ञापन
मातृ स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को एक हजार रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि प्रसव के बाद पोषण, दवाओं और आवश्यक जरूरतों के लिए दी जाती है। लाभ के लिए प्रसव सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में होना जरूरी है। प्रसूताओं को छह महीने से भुगतान नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का आंकड़ा सीएमओ कार्यालय में तैनात डीएमएचसी (जिला मातृत्व स्वास्थ्य सलाहकार) द्वारा छिपाया जा रहा है। कार्यालय की ओर से दावा किया जा रहा है कि 2269 लाभार्थियों का भुगतान अभी बाकी है लेकिन इससे ज्यादा लाभार्थी हैं जिनका अभी तक छह माह से भुगतान नहीं किया गया है। दरअसल हर माह पूरे जिले में करीब एक हजार से अधिक प्रसव होते हैं। उसके हिसाब से करीब 6 हजार से अधिक लाभार्थी बचे हुए हैं।
विज्ञापन
जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को छह महीने से भुगतान नहीं मिल रहा है। पहले भुगतान पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से किया जाता था। अब सिंगल नोडल अकाउंट (एसएनए) स्पर्श पोर्टल से भुगतान प्रक्रिया शुरू की गई है। पोर्टल परिवर्तन के कारण कुछ तकनीकी समस्याएं आई हैं। इस वजह से देरी हो रही है। -डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ