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कच्ची सड़क और जलभराव से संघर्ष करते बीत गए 15 साल
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एटा। कच्ची सड़कों और जलभराव से संघर्ष करते हुए अशोक विहार कालॉनी के बाशिंदों को 15 साल बीत गए हैं। यहां अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। न पक्के रास्ते हैं और न ही गंदे पानी की निकासी के लिए उचित इंतजाम, जिससे जलभराव बना रहता है। ऐसे ही आर्य नगर के हैं। दोनों ही इलाके शहर से सटे हुए हैं, जो नगर पालिका में दर्ज नहीं हो पाए हैं।
अशोक विहार : गलियां कच्ची, नालियों का अभाव
अशोक विहार कॉलोनी ग्राम पंचायत शीतलपुर में आती है। इलाके का पूरी तरह शहरीकरण हो चुका है कॉलोनी में करीब 200 मकान बन गए हैं। कई ऑलीशान कोठियां हैं। लंबे समय से इसे नगर पालिका में शामिल करने की मांग उठती रही है। विस्तार के अभाव में यहां सड़कें, गलियां, नालियां नहीं बन पाईं। करीब 15 साल पहले पीडब्ल्यूडी ने मुख्य सड़क बनाई, अब वह जर्जर हालत में है। उसमें कई गड्डे हो गए हैं। गलियां में सड़कें नहीं बनीं हैं। नालियों का भी अभाव है।
आर्य नगर : गंदा पानी प्लाटों में, खंभे तक नहीं
आर्य नगर ग्राम पंचायत असरौली में आती है। जबकि यहां शहर के ही अधिकांश लोग नए मकान बनाकर बस गए हैं। इस कॉलोनी को बसे हुए चार साल बीत गए हैं। पालिका क्षेत्र में न आने के कारण पक्की सड़कें और नालियां नहीं बन सकी हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी कहीं प्लॉट तो कहीं गलियों में जमा हो जाता है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति के लिए खंभे नहीं लगे हैं। हाल में विद्युत निगम ने विद्युतीकरण के लिए खंभे रखवाए हैं, काम शुरू नहीं हुआ है।
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16 साल पहले यहां मकान बनाया था। सड़क जर्जर हो चुकी है। गलियां पूरी कच्ची पड़ी हैं, नालियां बनी नहीं हैं। जलभराव से जूझना पड़ रहा है।
- आशीष, अशोक विहार
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करीब 12 साल से यहां रह रहे हैं। उम्मीद थी कि इलाका पालिका में शामिल हो जाएगा और सुविधाएं मिलने लगेंगी। आज तक इंतजार बना हुआ है।
- राजू, अशोक विहार
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किसी भी स्तर से कालोनी में सड़कें- नालियां बनाने का काम नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते गांव जैसा पिछड़ा जीवन जीने को मजबूर हैं।
- निशांत, आर्य नगर
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शहर के अंदर जगह नहीं बची, इस इलाके में प्लॉट खरीदकर मकान बनवाया है। शहर की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना जायज नहीं है।
- मुकेश, आर्य नगर
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शहर से सटे इलाकों में आबादी तेजी से बढ़ रही है। जिसमें कार्य कराने के लिए सीमा विस्तार होना बेहद जरूरी है। सभी इलाकों को शामिल कर प्रस्ताव बनाया जाएगा।
- डॉ. दीप कुमार वार्ष्णेय, ईओ नगर पालिका
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अशोक विहार : गलियां कच्ची, नालियों का अभाव
अशोक विहार कॉलोनी ग्राम पंचायत शीतलपुर में आती है। इलाके का पूरी तरह शहरीकरण हो चुका है कॉलोनी में करीब 200 मकान बन गए हैं। कई ऑलीशान कोठियां हैं। लंबे समय से इसे नगर पालिका में शामिल करने की मांग उठती रही है। विस्तार के अभाव में यहां सड़कें, गलियां, नालियां नहीं बन पाईं। करीब 15 साल पहले पीडब्ल्यूडी ने मुख्य सड़क बनाई, अब वह जर्जर हालत में है। उसमें कई गड्डे हो गए हैं। गलियां में सड़कें नहीं बनीं हैं। नालियों का भी अभाव है।
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आर्य नगर : गंदा पानी प्लाटों में, खंभे तक नहीं
आर्य नगर ग्राम पंचायत असरौली में आती है। जबकि यहां शहर के ही अधिकांश लोग नए मकान बनाकर बस गए हैं। इस कॉलोनी को बसे हुए चार साल बीत गए हैं। पालिका क्षेत्र में न आने के कारण पक्की सड़कें और नालियां नहीं बन सकी हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी कहीं प्लॉट तो कहीं गलियों में जमा हो जाता है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति के लिए खंभे नहीं लगे हैं। हाल में विद्युत निगम ने विद्युतीकरण के लिए खंभे रखवाए हैं, काम शुरू नहीं हुआ है।
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16 साल पहले यहां मकान बनाया था। सड़क जर्जर हो चुकी है। गलियां पूरी कच्ची पड़ी हैं, नालियां बनी नहीं हैं। जलभराव से जूझना पड़ रहा है।
- आशीष, अशोक विहार
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करीब 12 साल से यहां रह रहे हैं। उम्मीद थी कि इलाका पालिका में शामिल हो जाएगा और सुविधाएं मिलने लगेंगी। आज तक इंतजार बना हुआ है।
- राजू, अशोक विहार
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किसी भी स्तर से कालोनी में सड़कें- नालियां बनाने का काम नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते गांव जैसा पिछड़ा जीवन जीने को मजबूर हैं।
- निशांत, आर्य नगर
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शहर के अंदर जगह नहीं बची, इस इलाके में प्लॉट खरीदकर मकान बनवाया है। शहर की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना जायज नहीं है।
- मुकेश, आर्य नगर
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शहर से सटे इलाकों में आबादी तेजी से बढ़ रही है। जिसमें कार्य कराने के लिए सीमा विस्तार होना बेहद जरूरी है। सभी इलाकों को शामिल कर प्रस्ताव बनाया जाएगा।
- डॉ. दीप कुमार वार्ष्णेय, ईओ नगर पालिका