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15 घंटे की वर्षा से जनजीवन ठहरा
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Thu, 22 Jan 2015 11:25 PM IST
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बुधवार रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार की शाम तक जारी रही। 15 घंटे से अधिक की बरसात से जनजीवन प्रभावित हो गया। बाजारों में सन्नाटा नजर आया। दुकानदारी भी प्रभावित हुई है। कई जगह पानी भरने व कीचड़ होने से लोगों को परेशानी हुई। राजकीय प्रदर्शनी भी बदरंग हो गई। बरसात से सर्दी और बढ़ गई है। गलन बढ़ने से लोग सिहर उठे। गुरुवार को अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार को आकाश में छाए बादलों के चलते सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। अनवरत हुई बारिश के चलते आम आदमी घरों से निकलने में कतरा रहा था। शिक्षक, कर्मचारी व अन्य नौकरीपेशा लोगों को उपस्थित दर्ज कराना मुश्किल हो गया। लोग भीगते हुए स्कूल व कार्यालयों में पहुंचे। बारिश के चलते शहर के बाजार काफी विलंब से खुल सके। वहीं 20 प्रतिशत दुकानें खुली ही नहीं। बाजारों में सन्नाटा रहा। यहां ग्राहकों का टोटा रहा। ऐसे में दुकानदार भी टीवी देखकर वक्त गुजारते दिखाई दिए।
राजकीय प्रदर्शनी रंग महोत्सव बारिश से बदरंग हो गया। परिसर में पानी भरने से अव्यवस्थाएं बढ़ गईं। जलभराव एवं कीचड़ से दुकानदार परेशान हो गए। दिन में प्रस्तावित कार्यक्रम नहीं हो सका। वहीं लोग भी नहीं पहुंचे। दुकानदार भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहे।
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जलेसर में बाजार तो खुले लेकिन ग्राहकों का टोटा रहा। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या नाममात्र की थी। वहीं काम कराने वाले भी नहीं थे। पालिका परिषद की स्ट्रीट लाइट भी दिन में जलती दिखाई दीं। मारहरा व मिरहची में भी बरसात से दिक्कतें बढ़ गईं। वहीं, किसान मान रहे हैं कि गेहूं और मटर की फसल के लिए यह बरसात अमृतवर्षा के समान है। आज की बारिश से मटर और गेहूं की फसल को काफी लाभ होगा, वहीं आलू की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
स्कूलों में हुआ रेनी ड
एक माह बाद खुल रहे स्कूलों पर बारिश का कहर भारी रहा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार विद्यालय गुरुवार को भी नहीं खुल सके। शिक्षक तो पहुंचे, लेकिन बच्चे नहीं पहुंच सके। ऐसे में अधिकांश विद्यालयों में रेनी डे हो गया। बताते चलें कि आगामी दिनों में भी परिषदीय विद्यालयों में अवकाश रहेगा। 23 जनवरी को शिक्षक सम्मेलन के चलते विशेष अवकाश किया गया है। 24 को बसंत पंचमी, 25 को रविवार और 26 को गणतंत्र दिवस के चलते विद्यालय नहीं खुलेंगे।
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शुक्रवार को आकाश में छाए बादलों के चलते सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। अनवरत हुई बारिश के चलते आम आदमी घरों से निकलने में कतरा रहा था। शिक्षक, कर्मचारी व अन्य नौकरीपेशा लोगों को उपस्थित दर्ज कराना मुश्किल हो गया। लोग भीगते हुए स्कूल व कार्यालयों में पहुंचे। बारिश के चलते शहर के बाजार काफी विलंब से खुल सके। वहीं 20 प्रतिशत दुकानें खुली ही नहीं। बाजारों में सन्नाटा रहा। यहां ग्राहकों का टोटा रहा। ऐसे में दुकानदार भी टीवी देखकर वक्त गुजारते दिखाई दिए।
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राजकीय प्रदर्शनी रंग महोत्सव बारिश से बदरंग हो गया। परिसर में पानी भरने से अव्यवस्थाएं बढ़ गईं। जलभराव एवं कीचड़ से दुकानदार परेशान हो गए। दिन में प्रस्तावित कार्यक्रम नहीं हो सका। वहीं लोग भी नहीं पहुंचे। दुकानदार भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहे।
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जलेसर में बाजार तो खुले लेकिन ग्राहकों का टोटा रहा। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या नाममात्र की थी। वहीं काम कराने वाले भी नहीं थे। पालिका परिषद की स्ट्रीट लाइट भी दिन में जलती दिखाई दीं। मारहरा व मिरहची में भी बरसात से दिक्कतें बढ़ गईं। वहीं, किसान मान रहे हैं कि गेहूं और मटर की फसल के लिए यह बरसात अमृतवर्षा के समान है। आज की बारिश से मटर और गेहूं की फसल को काफी लाभ होगा, वहीं आलू की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
स्कूलों में हुआ रेनी ड
एक माह बाद खुल रहे स्कूलों पर बारिश का कहर भारी रहा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार विद्यालय गुरुवार को भी नहीं खुल सके। शिक्षक तो पहुंचे, लेकिन बच्चे नहीं पहुंच सके। ऐसे में अधिकांश विद्यालयों में रेनी डे हो गया। बताते चलें कि आगामी दिनों में भी परिषदीय विद्यालयों में अवकाश रहेगा। 23 जनवरी को शिक्षक सम्मेलन के चलते विशेष अवकाश किया गया है। 24 को बसंत पंचमी, 25 को रविवार और 26 को गणतंत्र दिवस के चलते विद्यालय नहीं खुलेंगे।