{"_id":"5ce18c0cbdec22070b273831","slug":"101558285324-etah-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडी प्रशासन के आगे झुके व्यापारी, किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर बिकेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी प्रशासन के आगे झुके व्यापारी, किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर बिकेगा
विज्ञापन
व्यापारियों से वार्ता करते अधिकारी।
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। आढ़तिये किसानों का गेहूं सस्ती दर पर खरीद रहे थे, जब मंडी प्रशासन ने इस पर पाबंदी लगाई तो कुछ व्यापारियों ने मनमानी दिखानी शुरू कर दी थी। इस पर मंडी प्रशासन और सख्त हो गया। रविवार को मंडी प्रशासन के साथ व्यापारियों ने वार्ता का प्रस्ताव रखा था, इसमें व्यापारियों को झुकना पड़ गया।
मंडी प्रशासन ने सरकारी लक्ष्य पूरा कराने और किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर मंडी आढ़तियों पर पाबंदी लगा दी थी। मंडी प्रशासन की बात आढ़तिये नहीं मान रहे थे। इससे मंडी प्रशासन और आढ़तियों में अनबन रहने लगी। मंडी प्रशासन सख्त हो गया तो रविवार को आढ़तियों ने सुलह के लिए वार्ता का प्रस्ताव रखा।
मंडी सचिव और उप सभापति के साथ आढ़तियों की वार्ता हुई तो किसानों का समर्थन मूल्य 1840 रुपये में गेहूं खरीदने की बात दोहराई। किसानों का गेहूं लक्ष्य पूरा होने तक क्रय केंद्रों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी। व्यापारियों को मंडी प्रशासन के आगे झुकना पड़ गया और समझौता मान लिया है। जब तक जिले का लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता है, तब तक हर दिन 50 क्विंटल गेहूं आढ़तियों की ओर से क्रय केंद्रों पर किसानों का भेजना होगा। साथ ही लक्ष्य पूरा होने के बाद समर्थन मूल्य पर ही किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी प्रशासन ने सरकारी लक्ष्य पूरा कराने और किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर मंडी आढ़तियों पर पाबंदी लगा दी थी। मंडी प्रशासन की बात आढ़तिये नहीं मान रहे थे। इससे मंडी प्रशासन और आढ़तियों में अनबन रहने लगी। मंडी प्रशासन सख्त हो गया तो रविवार को आढ़तियों ने सुलह के लिए वार्ता का प्रस्ताव रखा।
विज्ञापन
मंडी सचिव और उप सभापति के साथ आढ़तियों की वार्ता हुई तो किसानों का समर्थन मूल्य 1840 रुपये में गेहूं खरीदने की बात दोहराई। किसानों का गेहूं लक्ष्य पूरा होने तक क्रय केंद्रों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी। व्यापारियों को मंडी प्रशासन के आगे झुकना पड़ गया और समझौता मान लिया है। जब तक जिले का लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता है, तब तक हर दिन 50 क्विंटल गेहूं आढ़तियों की ओर से क्रय केंद्रों पर किसानों का भेजना होगा। साथ ही लक्ष्य पूरा होने के बाद समर्थन मूल्य पर ही किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
विज्ञापन