Earthquake In UP: यूपी के इन जिलों में लगे भूकंप के झटके, सुबह-सुबह लोगों में फैली दहशत
हरियाणा के झज्जर में आज सुबह 9.04 बजे भारतीय समयानुसार रिक्टर पैमाने पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। दिल्ली-एनसीआर, यूपी में भी तेज़ झटके महसूस किए गए।
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भूकंप के झटके राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में महसूस किए गए हैं। हरियाणा के झज्जर में भूकंप का केंद्र था। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक व्यक्ति ने कहा, "...मैं ठीक उसी समय उठा जब झटका लगा। मैं डर गया था। कुछ दिन पहले ही एक और भूकंप आया था। दिल्ली-एनसीआर में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसलिए हमें सुरक्षा और सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए..."
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक व्यक्ति ने कहा, "भूकंप के झटके काफ़ी तेज़ थे... मैं एक दुकान पर था जब भूकंप आया, ऐसा लगा जैसे कोई दुकान हिला रहा हो..."
#WATCH | An earthquake with a magnitude of 4.4 on the Richter Scale hit Jhajjar, Haryana today at 9.04 am IST. Strong tremors felt in Delhi-NCR.
A man in Ghaziabad, UP says, "...I had woken up just at the time when there was a jolt. I was scared. There was another earthquake… pic.twitter.com/YHDyGq7Oaa — ANI (@ANI) July 10, 2025
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।