{"_id":"6360086cdc3370585553be6f","slug":"yatayat-month-from-today-deoria-news-gkp4557072144","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लैक स्पॉट पर कागजी सुरक्षा के इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैक स्पॉट पर कागजी सुरक्षा के इंतजाम
विज्ञापन
ब्लैक स्पाट के पास झाड़ियों से ढ़का बोर्ड
- फोटो : DEORIA
ब्लैक स्पॉट पर कागजी सुरक्षा के इंतजाम
यातायात माह आज से, हादसों की वजह पता लेकिन नहीं किए सुरक्षा के उपाय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। एक नवंबर से यातायात माह की शुरुआत होनी है। जनपद के दस जगहों को लोक निर्माण विभाग और यातायात पुलिस ने ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। इन जगहों पर हादसों की वजह भी पुलिस को पता है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। केवल कागज में सबकुछ चकाचक दिखाकर रिपोर्ट आला अफसरों को भेज दी गई है। इसके कारण इन जगहों पर हादसा होने का भय बना रहता है।
मंगलवार से पूरे जोरशोर के साथ पुलिस यातायात माह नवंबर मनने की तैयारी में जुटी हुई है। पर सच तो यह है कि हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। केवल जागरुकता कार्यक्रम तक ही पूरा माह सिमट कर रह जाएगा।
करीब दो माह पहले जिले के विभिन्न मार्गों पर ब्लैक स्पाट के रुप में चिन्हित किए गए हैं, जिसमें देवरिया- गोरखपुर मार्ग पर पुरवा, औरा चौरी, खरोह, देवरिया- सलेमपुर मार्ग पर सोनूघाट, सोंदा, बहादुरपुर, नवलपुर, देवरिया- कसया मार्ग पर कोन्हवलिया है। इसमें अधिकतर जगहों पर संकेत के लिए लगे बोर्ड दूर से दिखाई नहीं देते हैं।
विज्ञापन
यहां तक कि अंधा मोड़ कोन्हवलिया के पास स्पीड संकेत के बोर्ड नहीं हैं। पुरवा, औराचौरी और खरोह के पास फुटपाथ पर दुकानें लगी रहती हैं। इतना ही नहीं पुरवा चौराहे से एआरटीओ आफिस के पास तक सड़क के किनारे जलभराव रहता है, जिससे हादसा होने का भय बना रहता है। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।
2020- हादसे 339- 147 की मौत
2021- 332 हादसे132 की मौत
2022 सितंबर 223 हादसे 146 की मौत
बिना बजट कैसे मनाएंगे यातायात माह
देवरिया। यातायात माह मनाने के लिए इस बार पुलिस के पास अभी तक कोई बजट नहीं आया है। इसके कारण ट्रैफिक पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि बिना बजट के कैसे जागरुकता कार्यक्रम चलाएंगे।
कोट
ब्लैक स्पॉट की सूची बनाकर शासन को भेजी गई है। यहां पर संकेत के लिए बोर्ड लगाए गए हैं। इन जगहों पर वाहन चालकों को गति धीमी कर लेना चाहिए। यातायात माह के पहले दिन से ही लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता है। नियमों की अनदेेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। -श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सदर
विज्ञापन
यातायात माह आज से, हादसों की वजह पता लेकिन नहीं किए सुरक्षा के उपाय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। एक नवंबर से यातायात माह की शुरुआत होनी है। जनपद के दस जगहों को लोक निर्माण विभाग और यातायात पुलिस ने ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। इन जगहों पर हादसों की वजह भी पुलिस को पता है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। केवल कागज में सबकुछ चकाचक दिखाकर रिपोर्ट आला अफसरों को भेज दी गई है। इसके कारण इन जगहों पर हादसा होने का भय बना रहता है।
मंगलवार से पूरे जोरशोर के साथ पुलिस यातायात माह नवंबर मनने की तैयारी में जुटी हुई है। पर सच तो यह है कि हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। केवल जागरुकता कार्यक्रम तक ही पूरा माह सिमट कर रह जाएगा।
विज्ञापन
करीब दो माह पहले जिले के विभिन्न मार्गों पर ब्लैक स्पाट के रुप में चिन्हित किए गए हैं, जिसमें देवरिया- गोरखपुर मार्ग पर पुरवा, औरा चौरी, खरोह, देवरिया- सलेमपुर मार्ग पर सोनूघाट, सोंदा, बहादुरपुर, नवलपुर, देवरिया- कसया मार्ग पर कोन्हवलिया है। इसमें अधिकतर जगहों पर संकेत के लिए लगे बोर्ड दूर से दिखाई नहीं देते हैं।
विज्ञापन
यहां तक कि अंधा मोड़ कोन्हवलिया के पास स्पीड संकेत के बोर्ड नहीं हैं। पुरवा, औराचौरी और खरोह के पास फुटपाथ पर दुकानें लगी रहती हैं। इतना ही नहीं पुरवा चौराहे से एआरटीओ आफिस के पास तक सड़क के किनारे जलभराव रहता है, जिससे हादसा होने का भय बना रहता है। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।
2020- हादसे 339- 147 की मौत
2021- 332 हादसे132 की मौत
2022 सितंबर 223 हादसे 146 की मौत
बिना बजट कैसे मनाएंगे यातायात माह
देवरिया। यातायात माह मनाने के लिए इस बार पुलिस के पास अभी तक कोई बजट नहीं आया है। इसके कारण ट्रैफिक पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि बिना बजट के कैसे जागरुकता कार्यक्रम चलाएंगे।
कोट
ब्लैक स्पॉट की सूची बनाकर शासन को भेजी गई है। यहां पर संकेत के लिए बोर्ड लगाए गए हैं। इन जगहों पर वाहन चालकों को गति धीमी कर लेना चाहिए। यातायात माह के पहले दिन से ही लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता है। नियमों की अनदेेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। -श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सदर