{"_id":"623dd058ea2ed4089132ddea","slug":"whenever-suryapratap-shahi-wins-elections-then-bjp-government-formed-in-up-he-has-been-minister-in-four-departments","type":"story","status":"publish","title_hn":"ये कैसा संयोग: जब-जब चुनाव जीते सूर्यप्रताप, तब-तब प्रदेश में बनी भाजपा सरकार, चार विभागों के रह चुके हैं मंत्री ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये कैसा संयोग: जब-जब चुनाव जीते सूर्यप्रताप, तब-तब प्रदेश में बनी भाजपा सरकार, चार विभागों के रह चुके हैं मंत्री
Fri, 25 Mar 2022 07:53 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 25 Mar 2022 07:53 PM IST
सार
वर्ष 2012 में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष रहते उन्होंने नवसृजित विधानसभा पथरदेवा से चुनाव में भाग्य आजमाया, लेकिन चुनाव हार गए। वर्ष 2017 के चुनाव में सूर्यप्रताप शाही चौथी बार चुनाव जीतें तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बनीं और उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया।
विज्ञापन
सूर्यप्रताप शाही
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही को फिर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। पकहां गांव के मूल निवासी सूर्यप्रताप शाही विधि स्नातक है। इनकी उम्र तकरीबन 68 वर्ष है। पथरदेवा विधानसभा सीट से दूसरी बार सूर्यप्रताप शाही चुनाव जीतें है। शाही जिले के पहले ऐसे नेता है जो जब-जब चुनाव जीतें, प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और मंत्रिमंडल में उन्हें शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विधि स्नातक की योग्यता रखने वाले शाही पहली बार कसया विधानसभा से वर्ष 1985 में विधायक बनें। दूसरी बार वर्ष 1991 में चुनाव जीतें तो उन्हें प्रदेश सरकार में गृह राज्यमंत्री बनाया गया। उसी दौरान उन्हें 1992 में स्वास्थ्य मंत्री बना दिया गया। वर्ष 1996 में तीसरी बार कसया से चुनाव जीतें तो उन्हें आबकारी मंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
वर्ष 2012 में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष रहते उन्होंने नवसृजित विधानसभा पथरदेवा से चुनाव में भाग्य आजमाया, लेकिन चुनाव हार गए। वर्ष 2017 के चुनाव में सूर्यप्रताप शाही चौथी बार चुनाव जीतें तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बनीं और उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया। वर्ष 2022 के चुनाव जीतने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। आठ बार चुनाव शाही लड़ चुकें है। जिसमें चार बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
विज्ञापन