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सरयू नदी के जलस्तर में तीन सेमी कमी लेकिन, दुश्वारियां बरकरार
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सरयू नदी के जलस्तर में तीन सेमी कमी लेकिन, दुश्वारियां बरकरार
बरहज। सरयू नदी के तेवर फिलहाल ढीले पड़ते दिख रहे हैं। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में तीन सेमी की कमी आई है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दुश्वारियां ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
सरयू नदी के जलस्तर में पिछले करीब एक सप्ताह से बेतहाशा वृद्धि हो रही थी। पानी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 10 सेमी ऊपर 67.60 मीटर तक पहुंच गया था। सरयू में सैलाब उमड़ने से राप्ती भी उफान पर है। नदी के जलस्तर में निरंतर बढ़त बनाने के कारण लोगों की नींद उड़ गई थी। लेकिन शुक्रवार को नदी 67.57 पर बहने लगी है। जलस्तर में तीन सेमी की कमी आई है। जवाहिर यादव, चंदन, मुखलाल, मंजनाथ आदि का कहना है कि नदी के तीसरी बार लगातार बढ़त बनाने से 1998 की यादें ताजा होने लगी थी। लेकिन नदी में नरमी आने से कुछ हद तक राहत मिली है। नदी में आए बाढ़ के कारण भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, दसरसरिया, जरलहवा, कत्लहिया, चौहान टोला, शिवबालक, आदित्य, शिवशंकर टोला, सुब्बा माझी, पुरानी दलित बस्ती सहित 10 मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जबकि नगर के पटेल नगर दक्षिणी, पश्चिमी वार्ड के अलावा आजाद नगर दक्षिणी में कुछ लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जलस्तर में कमी आने के बाद लोगों ने राहत की सांस लिया है। लेकिन आफत बरकरार है। इस संबंध में एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में तीन सेमी की कमी दर्ज की गई है। इससे नदी के पीछे हटने के संकेत मिल रहे हैं।
बाढ़ से निपटने के लिए सतर्क है प्रशासन, अलर्ट पर बाढ़ चौकियां
बरहज। सरयू नदी में सैलाब उमड़ने के कारण चारो ओर पानी ही पानी हो गया है। नदी गांवों के करीब तक पहुंच गई है। बाढ़ का पानी नौकाटोला, बेलडाड़, मेहियवां आदि गांवों के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। बाढ़ से निपटने के लिए स्थापित 12 बाढ़ चौकियाें को अलर्ट पर रखा गया है। राजस्व कर्मी सहित अन्य जिम्मेदार लोग हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
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बरहज। सरयू नदी के तेवर फिलहाल ढीले पड़ते दिख रहे हैं। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में तीन सेमी की कमी आई है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दुश्वारियां ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
सरयू नदी के जलस्तर में पिछले करीब एक सप्ताह से बेतहाशा वृद्धि हो रही थी। पानी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 10 सेमी ऊपर 67.60 मीटर तक पहुंच गया था। सरयू में सैलाब उमड़ने से राप्ती भी उफान पर है। नदी के जलस्तर में निरंतर बढ़त बनाने के कारण लोगों की नींद उड़ गई थी। लेकिन शुक्रवार को नदी 67.57 पर बहने लगी है। जलस्तर में तीन सेमी की कमी आई है। जवाहिर यादव, चंदन, मुखलाल, मंजनाथ आदि का कहना है कि नदी के तीसरी बार लगातार बढ़त बनाने से 1998 की यादें ताजा होने लगी थी। लेकिन नदी में नरमी आने से कुछ हद तक राहत मिली है। नदी में आए बाढ़ के कारण भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, दसरसरिया, जरलहवा, कत्लहिया, चौहान टोला, शिवबालक, आदित्य, शिवशंकर टोला, सुब्बा माझी, पुरानी दलित बस्ती सहित 10 मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जबकि नगर के पटेल नगर दक्षिणी, पश्चिमी वार्ड के अलावा आजाद नगर दक्षिणी में कुछ लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जलस्तर में कमी आने के बाद लोगों ने राहत की सांस लिया है। लेकिन आफत बरकरार है। इस संबंध में एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में तीन सेमी की कमी दर्ज की गई है। इससे नदी के पीछे हटने के संकेत मिल रहे हैं।
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बाढ़ से निपटने के लिए सतर्क है प्रशासन, अलर्ट पर बाढ़ चौकियां
बरहज। सरयू नदी में सैलाब उमड़ने के कारण चारो ओर पानी ही पानी हो गया है। नदी गांवों के करीब तक पहुंच गई है। बाढ़ का पानी नौकाटोला, बेलडाड़, मेहियवां आदि गांवों के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। बाढ़ से निपटने के लिए स्थापित 12 बाढ़ चौकियाें को अलर्ट पर रखा गया है। राजस्व कर्मी सहित अन्य जिम्मेदार लोग हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
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