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Deoria News: कड़ी धूप में बस का इंतजार करना मजबूरी
Wed, 23 Apr 2025 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 23 Apr 2025 12:30 AM IST
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रोडवेज परिसर में धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लगन के चलते डिपो में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इससे लोकल रूट पर यात्रियों को समय से बसें नहीं मिल पा रही हैं। बरहज, दोहरीघाट, कसया, पडरौना, भागलपुर, भाटपार रानी आदि जगहों पर जाने वाले यात्रियों को दो-तीन घंटे तक परिसर में बस की इंतजार करना पड़ रहा है। बस अड्डा नहीं होने से धूप में खड़े होकर बस का इंतजार करना मजूबूरी बन गई है।
रोडवेज परिसर में इन दिनों संचालन व्यवस्था फेल नजर आ रही है। कारण यात्रियों को संभालने में जिम्मेदारों के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। देवरिया सदर सहित जिले के अन्य रेलवे स्टेशनों से गुजरने वाली कई ट्रेनों के निरस्त व डायवर्ट किए जाने के बाद यात्री रोडवेज के सहारे हो गए हैं। बड़े आस से वह परिसर में बस पकड़ने आते हैं, मगर इन्हें समय से साधन ही नहीं मिल रहे हैं।
आलम यह है कि जिले के चौक-चौराहों पर जहां से रोडवेज बसें गुजरती हैं, मंगलवार को भी बड़ी संख्या में मय सामान यात्री खड़े नजर आए। अगर बस रुक गई तो फिर खड़े होकर ही यात्रा करने की मजबूरी रही। सलेमपुर से पुरैना, भरथुआ, खुखुंदू, सोनूघाट सहित अन्य चौक-चौराहों पर यह स्थिति साफ नजर आई। साधन नहीं मिलने पर यात्रियों ने किसी तरह आटो, ई-रिक्शा तक से 20 से 40 किलोमीटर की यात्रा पूरी। खास बात यह रही कि यात्रियों की मजबूरी का डग्गामार वाहन वालों ने जमकर फायदा उठाया और मनमाना किराया वसूला। कुछ पहले बुकिंग कर ही गंतव्य को गए।
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उधर डिपो परिसर में भी प्रमुख जगहों के लिए जाने के लिए यात्री इंतजार करते रहे। धूप में दो से तीन घंटे तक इंतजार के बाद भी उन्हें समय से बसें नहीं मिली। भले ही डिपो के पास वर्तमान में निगम की 82 व अनुबंधित 140 बसें हो, और डिपो के अधिकारी अच्छी संचालन व्यवस्था होने का दावा करते हो, यात्रियों की भीड़ के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऊपर से चालकों की कमी के चलते हर दिन 15-20 बसों के खड़े होने से भी समस्या बढ़ रही है।
परिसर में खड़े यात्री राकेश दूबे, अधिवक्ता साहनी राज, अमित पांडेय, दैनिक यात्री रोशनी मल्ल, नीलम यादव, राजकीय महिला पीजी कॉलेज की छात्रा सुनीता निषाद, लक्ष्मी शुक्ला ने बताया कि समय से बसें नहीं मिलने से घर जाने में देरी हो जाती है। सुबह में भी यही स्थिति हो रही है।
इससे कॉलेज आने सहित प्राइवेट काम करने वाले, कचहरी जाने वालों को समस्या पेश आ रही है। उधर डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राकेश पति त्रिपाठी ने बताया कि कई ट्रेनों के निरस्त व डायवर्ट होने से बसों पर दबाव बढ़ा है। मंगलवार को सभी बसों को ऑनरोड रखा गया। जहां के यात्री अधिक हो रहे हैं, अन्य रूट की बसों को भी उधर भेजा जा रहा है।
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देवरिया। लगन के चलते डिपो में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इससे लोकल रूट पर यात्रियों को समय से बसें नहीं मिल पा रही हैं। बरहज, दोहरीघाट, कसया, पडरौना, भागलपुर, भाटपार रानी आदि जगहों पर जाने वाले यात्रियों को दो-तीन घंटे तक परिसर में बस की इंतजार करना पड़ रहा है। बस अड्डा नहीं होने से धूप में खड़े होकर बस का इंतजार करना मजूबूरी बन गई है।
रोडवेज परिसर में इन दिनों संचालन व्यवस्था फेल नजर आ रही है। कारण यात्रियों को संभालने में जिम्मेदारों के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। देवरिया सदर सहित जिले के अन्य रेलवे स्टेशनों से गुजरने वाली कई ट्रेनों के निरस्त व डायवर्ट किए जाने के बाद यात्री रोडवेज के सहारे हो गए हैं। बड़े आस से वह परिसर में बस पकड़ने आते हैं, मगर इन्हें समय से साधन ही नहीं मिल रहे हैं।
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आलम यह है कि जिले के चौक-चौराहों पर जहां से रोडवेज बसें गुजरती हैं, मंगलवार को भी बड़ी संख्या में मय सामान यात्री खड़े नजर आए। अगर बस रुक गई तो फिर खड़े होकर ही यात्रा करने की मजबूरी रही। सलेमपुर से पुरैना, भरथुआ, खुखुंदू, सोनूघाट सहित अन्य चौक-चौराहों पर यह स्थिति साफ नजर आई। साधन नहीं मिलने पर यात्रियों ने किसी तरह आटो, ई-रिक्शा तक से 20 से 40 किलोमीटर की यात्रा पूरी। खास बात यह रही कि यात्रियों की मजबूरी का डग्गामार वाहन वालों ने जमकर फायदा उठाया और मनमाना किराया वसूला। कुछ पहले बुकिंग कर ही गंतव्य को गए।
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उधर डिपो परिसर में भी प्रमुख जगहों के लिए जाने के लिए यात्री इंतजार करते रहे। धूप में दो से तीन घंटे तक इंतजार के बाद भी उन्हें समय से बसें नहीं मिली। भले ही डिपो के पास वर्तमान में निगम की 82 व अनुबंधित 140 बसें हो, और डिपो के अधिकारी अच्छी संचालन व्यवस्था होने का दावा करते हो, यात्रियों की भीड़ के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऊपर से चालकों की कमी के चलते हर दिन 15-20 बसों के खड़े होने से भी समस्या बढ़ रही है।
परिसर में खड़े यात्री राकेश दूबे, अधिवक्ता साहनी राज, अमित पांडेय, दैनिक यात्री रोशनी मल्ल, नीलम यादव, राजकीय महिला पीजी कॉलेज की छात्रा सुनीता निषाद, लक्ष्मी शुक्ला ने बताया कि समय से बसें नहीं मिलने से घर जाने में देरी हो जाती है। सुबह में भी यही स्थिति हो रही है।
इससे कॉलेज आने सहित प्राइवेट काम करने वाले, कचहरी जाने वालों को समस्या पेश आ रही है। उधर डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राकेश पति त्रिपाठी ने बताया कि कई ट्रेनों के निरस्त व डायवर्ट होने से बसों पर दबाव बढ़ा है। मंगलवार को सभी बसों को ऑनरोड रखा गया। जहां के यात्री अधिक हो रहे हैं, अन्य रूट की बसों को भी उधर भेजा जा रहा है।