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Deoria News: उप निबंधक कार्यालय पहुंची विजिलेंस टीम
Wed, 20 Mar 2024 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:22 AM IST
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सलेमपुर के उप निबंधक कार्यालय में जांच करती बिजलेंस टीमफोटो- संवाद
फोटो समाचार
लिपिक समेत एक मुंशी पर केस दर्ज करने के बाद जांच करने पहुंची थी विजिलेंस टीम
कार्रवाई के बाद दहशत में हैं उप निबंधक कार्यालय के कुछ कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लिपिक समेत प्राइवेट मुंशी के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद मंगलवार को विजिलेंस टीम उप निबंधक कार्यालय जांच करने पहुंची। यहां विवेचक ने गहनता से जांच-पड़ताल कर घटना के दौरान मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। टीम पहुंचने की खबर मिलते ही उप निबंधक कार्यालय में घंटों सन्नाटा पसरा रहा।
बरडीहा दलपत गांव के रहने वाले अवध किशोर सिंह अपनी पत्नी उषा सिंह के नाम से गांव के ही धनीराम सिंह पुत्र बाबूनंदन सिंह से 17 फरवरी को गांव में 37 डिसमिल जमीन खरीदे थे। इसके बाद दस्तावेज के लिए अवध किशोर ने अपनी पत्नी के साथ कई बार उप निबंधक कार्यालय के लिपिक से संपर्क किया। लेकिन उन्हें दस्तावेज देने के बजाय स्टांप जांच में भेजने की धमकी देने लगे। इसके बाद राम अवध ने विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की और टीम ने 14 मार्च को लिपिक कमलेश कुमार गौड़ समेत प्राइवेट मुंशी रामानंद को 15 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। उसके बाद कार्यालय में अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
विजिलेंस ने 15 मार्च को पीड़ित की तहरीर पर लिपिक कमलेश कुमार गौड़ व प्राइवेट मुंशी रामानंद के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। घटना की जांच के लिए मंगलवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर महेंद्र चौहान के नेतृत्व में टीम उप निबंधक कार्यालय पहुंची। टीम को देखते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। विवेचक ने गहनता से जांच कर कर्मचारियों से जानकारी ली। टीम के जाने के बाद उप निबंधक कार्यालय में चहल-पहल शुरू हो गई। इंस्पेक्टर महेंद्र चौहान ने बताया कि उप निबंधक कार्यालय के लिपिक समेत प्राइवेट मुंशी के खिलाफ दर्ज केस की गोपनीय जांच करने टीम आई थी।
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लिपिक समेत एक मुंशी पर केस दर्ज करने के बाद जांच करने पहुंची थी विजिलेंस टीम
कार्रवाई के बाद दहशत में हैं उप निबंधक कार्यालय के कुछ कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लिपिक समेत प्राइवेट मुंशी के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद मंगलवार को विजिलेंस टीम उप निबंधक कार्यालय जांच करने पहुंची। यहां विवेचक ने गहनता से जांच-पड़ताल कर घटना के दौरान मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। टीम पहुंचने की खबर मिलते ही उप निबंधक कार्यालय में घंटों सन्नाटा पसरा रहा।
बरडीहा दलपत गांव के रहने वाले अवध किशोर सिंह अपनी पत्नी उषा सिंह के नाम से गांव के ही धनीराम सिंह पुत्र बाबूनंदन सिंह से 17 फरवरी को गांव में 37 डिसमिल जमीन खरीदे थे। इसके बाद दस्तावेज के लिए अवध किशोर ने अपनी पत्नी के साथ कई बार उप निबंधक कार्यालय के लिपिक से संपर्क किया। लेकिन उन्हें दस्तावेज देने के बजाय स्टांप जांच में भेजने की धमकी देने लगे। इसके बाद राम अवध ने विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की और टीम ने 14 मार्च को लिपिक कमलेश कुमार गौड़ समेत प्राइवेट मुंशी रामानंद को 15 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। उसके बाद कार्यालय में अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
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विजिलेंस ने 15 मार्च को पीड़ित की तहरीर पर लिपिक कमलेश कुमार गौड़ व प्राइवेट मुंशी रामानंद के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। घटना की जांच के लिए मंगलवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर महेंद्र चौहान के नेतृत्व में टीम उप निबंधक कार्यालय पहुंची। टीम को देखते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। विवेचक ने गहनता से जांच कर कर्मचारियों से जानकारी ली। टीम के जाने के बाद उप निबंधक कार्यालय में चहल-पहल शुरू हो गई। इंस्पेक्टर महेंद्र चौहान ने बताया कि उप निबंधक कार्यालय के लिपिक समेत प्राइवेट मुंशी के खिलाफ दर्ज केस की गोपनीय जांच करने टीम आई थी।
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