फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Unfit vehicles plying on the roads compromise the safety of schoolchildren.

Deoria News: स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ सड़कों पर दौड़ रहे अनफिट वाहन

Wed, 16 Sep 2026 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 16 Sep 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
Unfit vehicles plying on the roads compromise the safety of schoolchildren.
टैंपो में जाते स्कूली बच्चे
देवरिया। स्कूल बस-वैन के साथ ऑटो और ई-रिक्शा भी बड़ी संख्या में बच्चों को ढो रहे हैं। वाहनों की फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी खामियां सामने आती रही हैं। परिवहन विभाग के अनुसार स्कूल वाहनों की बड़ी संख्या की फिटनेस खत्म है।
विज्ञापन

इस वर्ष भी सैकड़ों स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल से नहीं जुड़े हैं। लगभग एक चौथाई वाहन बिना फिटनेस सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
एआरटीओ के अनुसार, जिले में 6.73 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 14,090 कार और 34,302 ट्रैक्टर शामिल हैं। जुलाई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक जिले में आठ हजार ई-रिक्शा संचालित हो रहे थे।
विज्ञापन

पुराने वाहनों की संख्या भी कम नहीं है। दिसंबर 2025 के आंकड़ों में 15 वर्ष से अधिक पुराने 24,545 बाइक, 145 मोपेड, 2,046 स्कूटर, 235 कार, 176 जीप और 309 ट्रैक्टर शामिल थे। सभी निजी वाहनों के लिए एक जैसी फिटनेस व्यवस्था लागू नहीं होती मगर व्यावसायिक और स्कूल वाहनों में वैध फिटनेस सुरक्षा प्रमुख शर्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस वर्ष स्कूल वाहनों की संख्या बढ़कर 1,456 तक पहुंच गई। अप्रैल में इन सभी वाहनों को यूपी इंटीग्रेटेड व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए गए थे। समय सीमा गुजरने के बाद भी 1,012 वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर हुआ था।
444 वाहन यानी करीब 30 प्रतिशत स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल से बाहर थे। आठ अप्रैल तक सिर्फ 306 वाहन ही पोर्टल पर जुड़े थे।
स्कूल वाहन के लिए पीला रंग, निर्धारित क्षमता, सीट बेल्ट, प्राथमिक उपचार बॉक्स, दो किलो का अग्निशमन यंत्र, गति नियंत्रक, वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और सीसीटीवी समेत कई सुरक्षा प्रावधान निर्धारित हैं।

चालक के अलावा परिचारक होना भी जरूरी है। छात्राओं के मामले में महिला परिचारक का प्रावधान है। वाहन में पंजीकरण प्रमाणपत्र में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed