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Deoria News: सरकारी गबन के आरोपी दो लिपिकों को सजा
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दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। धोखाधड़ी कर सरकारी धन गबन करने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने देवरिया जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक अजय विश्वकर्मा को तीन साल की कठोर कारावास व 50 हजार रुपये व तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक रामलाल को तीन साल की कठोर कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी के आर गुप्ता ने केस दर्ज कराया है। उनका कहना था कि अभियुक्त अजय कुमार विश्वकर्मा व रामलाल वर्ष 1994 से 1995 तक देवरिया में जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक व वरिष्ठ लिपिक के पद पर थे।
अभियुक्तों ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए दुरभि संधि कर जिला समाज कल्याण अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर आवेदन फाॅर्म व चेकों पर बनाकर विभाग को धोखा देने की नियत से 5 लाख 67 हजार 880 रुपये का अस्थायी तौर पर गलत इस्तेमाल किया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों को सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। धोखाधड़ी कर सरकारी धन गबन करने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने देवरिया जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक अजय विश्वकर्मा को तीन साल की कठोर कारावास व 50 हजार रुपये व तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक रामलाल को तीन साल की कठोर कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी के आर गुप्ता ने केस दर्ज कराया है। उनका कहना था कि अभियुक्त अजय कुमार विश्वकर्मा व रामलाल वर्ष 1994 से 1995 तक देवरिया में जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक व वरिष्ठ लिपिक के पद पर थे।
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अभियुक्तों ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए दुरभि संधि कर जिला समाज कल्याण अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर आवेदन फाॅर्म व चेकों पर बनाकर विभाग को धोखा देने की नियत से 5 लाख 67 हजार 880 रुपये का अस्थायी तौर पर गलत इस्तेमाल किया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों को सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है।
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