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Deoria News: कंपनी से करीब एक लाख का सामान गायब करने के आरोप में दो गिरफ्तार
Sat, 12 Sep 2026 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:45 AM IST
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देवरिया। इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से करीब एक लाख रुपये का सामान गायब करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने अलग-अलग तारीखों में कंपनी के कार्यालय से सामान चोरी की और इसे छिपाने के लिए ड्यूटी के समय में हेराफेरी के साथ सिस्टम में फर्जी पीआरसी की।
पुलिस के अनुसार, पकड़ी बरगद देवउबारी थाना सुरौली निवासी पवन यादव (24) को कपरवार घाट स्थित फ्लिपकार्ट गोदाम के पास से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर वार्ड नंबर 10 गुदरी वार्ड थाना रामपुर कारखाना निवासी गौतम जायसवाल (30) को कसया ढाला मजार के पास से पकड़ा गया।
कंपनी के हब मैनेजर दुर्गेश कुमार की शिकायत के अनुसार, पवन यादव कंपनी में टीएल-सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था और 24 दिसंबर 2025 उसका अंतिम कार्य दिवस था। आरोप है कि उसने डिलीवरी बॉय गौतम जायसवाल के साथ मिलकर विभिन्न तारीखों में अलग-अलग तरीके से कंपनी से करीब एक लाख रुपये के सामान की चोरी की। जांच में आदित्य मिश्र और केदार नाथ की आईडी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। मामले में चार फरवरी 2026 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए संपत्ति हड़पने की घटना स्वीकार की।
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पुलिस के अनुसार, पकड़ी बरगद देवउबारी थाना सुरौली निवासी पवन यादव (24) को कपरवार घाट स्थित फ्लिपकार्ट गोदाम के पास से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर वार्ड नंबर 10 गुदरी वार्ड थाना रामपुर कारखाना निवासी गौतम जायसवाल (30) को कसया ढाला मजार के पास से पकड़ा गया।
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कंपनी के हब मैनेजर दुर्गेश कुमार की शिकायत के अनुसार, पवन यादव कंपनी में टीएल-सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था और 24 दिसंबर 2025 उसका अंतिम कार्य दिवस था। आरोप है कि उसने डिलीवरी बॉय गौतम जायसवाल के साथ मिलकर विभिन्न तारीखों में अलग-अलग तरीके से कंपनी से करीब एक लाख रुपये के सामान की चोरी की। जांच में आदित्य मिश्र और केदार नाथ की आईडी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। मामले में चार फरवरी 2026 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए संपत्ति हड़पने की घटना स्वीकार की।