फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Trap at every step in medical college

Deoria News: मेडिकल कॉलेज में कदम-कदम पर जाल, व्यवस्था को चुनौती दे रहे दलाल

Sat, 09 Dec 2023 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sat, 09 Dec 2023 12:59 AM IST
विज्ञापन
Trap at every step in medical college
ओपीडी से इमरजेंसी तक दलालों की पैठ, दवा की पर्ची बनते ही गुमराह कर ले जाते हैं निजी दुकानों पर
विज्ञापन


देवरिया। मेडिकल कॉलेज में दलालों के घुसपैठ के कारण मरीजों को सस्ती दवा मुहैया कराने के दावे विफल होते नजर आ रहे हैं। ओपीडी से लेकर विभिन्न वार्डों तक दलालों ने पैठ बना रखी है वहीं मेडिकल कॉलेज के बाहर दवा की दुकानों की भरमार है। मरीज का पर्चा बनते ही दलाल उन्हें गुमराह कर चिह्नित दुकानों पर लेकर चले जाते हैं। मरीज मेडिकल कॉलेज परिसर के जन औषधि केंद्र तक मरीज पहुंच ही नहीं पाते। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के कड़ाई के दावे के बावजूद इन दलालों का नेटवर्क कायम है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग में शुक्रवार को देवरिया खास निवासी अवधेश जायसवाल अपनी बेटी प्रिया को लेकर 12.50 बजे पहुंचे। प्रिया का दांत खराब होने के कारण डॉक्टर ने निकाल दिया। इसके एवज में 280 रुपये डॉक्टर के पास पर्ची बनाने वाले शख्स लिए, बताया कि यह दांत निकालने की फीस है। एक दवा अस्पताल की बाकी चार बाहर की लिखी गईं। इसी तरह 1.30 बजे पिड़रा के रहने वाले राकेश अपने बेटे कृष्णा को लेकर पहुंचे। कृष्णा के कान में दर्द था। ईएनटी विभाग में दिखाने के बाद डॉक्टर ने पर्ची पर तीन और एक छोटी पर्ची पर दो दवाएं लिखीं, जो बाहर से खरीदनी थीं। राकेश ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में चारों तरफ दलालों की भरमार है। सुरक्षा गार्ड तक मिले हुए हैं। कतार में लगे लोगों को छोड़ दलालों के जरिए आने वाले लोगों की डॉक्टर के पास इंट्री करा दे रहे हैं।
विज्ञापन

हड्डी रोग विभाग में 1.50 बजे बरसात गांव निवासी शिवव्रत चौरसिया कमर और पैर में दर्द की समस्या लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने पर्ची पर एक दवा लिखने के बाद छोटी पर्ची पर चार दवाएं लिख दीं। वहां मौजूद एक दलाल ने शिवव्रत को रोका और कहा कि शिव मंदिर के बाद जो दवा की पहली दुकान होगी, वहीं से लेना। शिवव्रत ने कहा कि जब डॉक्टर के पास बैठकर दलाल ऐसे ही मरीजों को गुमराह करेंगे और बाहर की दवा लिखी जाएगी तो मेडिकल कॉलेज का क्या मतलब है। वहीं मरहम पट्टी कक्ष में एक बाहरी व्यक्ति आने वाले मरीजों के नाम रजिस्टर में चढ़ा रहा था। प्राचार्य और सीएमएस ने दलालों को पकड़ने के लिए कई दिन छापामारी की लेकिन नाकाम रहे। जागरूकता के लिए दीवारों पर पोस्टर लगवाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
इलाज के नाम पर मरीजों के साथ ऐसे होता है खेल

मेडिकल कॉलेज गेट पर खुली दवा की दुकानों से जुड़े युवक भी इमरजेंसी और ओपीडी में डॉक्टर के इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं। पर्ची पर दवा लिखने के बाद दलाल इशारा कर देते हैं और वहां मौजूद उनके साथी दुकानों से दवा लाकर दे देते हैं। सूत्रों के मुताबिक इमरजेंसी में रात में दलाल झोले में दवा लेकर मौजूद रहते हैं। दवा और इंजेक्शन के साथ एक छोटी पर्ची देते हैं जिसे ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी रख लेते हैं। सुबह पर्ची दुकानदार के पास पहुंचते ही कमीशन मिल जाता है।
-----------------
दवा काउंटर से मरीजों को बरगला कर ले जाते हैं दलाल
मेडिकल कॉलेज कैंपस में प्रधानमंत्री जन औषधि की दो दुकानें हैं। कुछ डॉक्टर यहां की दवा लिखते हैं, लेकिन निशुल्क मिलने वाली दवा काउंटर के पास मौजूद दलाल जनऔषधि से मिलने वाली दवाओं के काम नहीं करने का हवाला देकर मरीजों और तीमारदारों को गुमराह कर देते हैं, इसके बाद दवा की निजी दुकानों पर लेकर चले जाते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। दलालों पर रोक लगाना मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।

------------------
अस्पताल में दलालों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। औचक जांच की जा रही है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग भी हो रही है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। दलालों को लेकर सख्ती की जा रही है।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed