{"_id":"6421df08dd6035c7bc034564","slug":"traffic-jam-in-the-city-at-dusk-deoria-news-c-7-1-102305-2023-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: शहर में शाम ढलते ही लग जा रहा जाम, इंतजाम नाकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: शहर में शाम ढलते ही लग जा रहा जाम, इंतजाम नाकाम
Mon, 27 Mar 2023 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 27 Mar 2023 11:53 PM IST
विज्ञापन
मोतीलाल रोड़ में लगा जाम।संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाहनों के बेतरतीब तरीके से संकरे इलाके में घुसने के कारण परेशान हो रहे नगरवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में शाम ढलते ही लोग जाम में फंस जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था संभालने वाले पुलिस कर्मी भी चौराहे से अपनी ड्यूटी बजाकर जल्दी ही नदारद हो जा रहे हैं, इस कारण लोगों को शाम के जाम में फंस कर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बेतरतीब वाहनों के भीड़-भाड़ इलाके में घुसने के कारण हो रहा है।
शहर में जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। पूरा जोर पुलिस का सिविल लाइन रोड पर है, लेकिन इसके अलावा अन्य जगहों पर लगने वाले जाम की अनदेखी की जा रही है। हालत यह है कि जलकल रोड, मोतीलाल रोड, रेलवे स्टेशन रोड, मछलीहट्टा, भीखमपुर रोड, न्यू कालोनी, साकेत नगर, राघव नगर में जाम लग रहा है। शहर के भीखमपुर रोड निवासी मारकंडेय ने बताया कि सुबह जब हम स्कूल के लिए निकले तो कसया ढाले पर करीब 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। शाम को जब बाजार करने के लिए निकला तो भी जाम में फंस गया। घर से अभी फोन आया है कि जल्दी सब्जी लेकर आइए। रामगुलाम टोला निवासी अजय सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज बनने के बाद भी कसया ढाले का जाम दर्द दे रहा है। मोतीलाल रोड से कसया ढाला आने में आधे घंटे लग गया है। राघव नगर निवासी बबलू ने बताया कि पहले तो जाम मुख्य सड़कों पर लगता था, लेकिन अब हालत यह है कि गलियों में भी जाम लगने लगा है। राघव नगर मोड़ से हनुमान मंदिर चौराहा और रामलीला मैदान की ओर जाने में जाम से जूझना पड़ रहा है। शाम का हाल यह है कि जाम लगने पर यातायात पुलिस भी नहीं रहती है।
-- -- -- -- -- -- -
जाम के ये हैं कारण
- ई- रिक्शा और टेंपो का रूट तय नहीं है। जबकि रंग के हिसाब से करीब पांच माह पहले पुलिस ने प्लान बनाया था कि रूट तय होगा। यातायात पुलिसकर्मी शाम चार बजे तक अपनी ड्यूटी बजाकर चले जाते हैं। इसके कारण शाम के समय लगने वाले जाम से लोगों को जूझना पड़ रहा है। शहर में सिग्नल के जरिए यातायात संचालन की योजना करीब दो साल से धरातल पर उतर नहीं पाई है। कई ऐसे मार्ग हैं जहां फुटपाथ पर दुकानें सजी हुई हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
शाम के समय तो कई ऐसे मार्ग हैं, जहां पर जाम के कारण मोटरसाइकिल और पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। मोतीलाल रोड पर तो कदम-कदम पर शाम के समय जाम लगा रहता है।
नसरूद्दीन, राहगीर
-- -- -- -- --
घर से बाजार करने के लिए निकला तो जाम में फंस गया। ई-रिक्शा इतना बेतरतीब तरीके से सवारी लेकर घुस जाते हैं कि जाम लग रहा रहा है। सबसे जरूरी यह है कि इनका रूट तय किया जाए।
हरिसहाय, राहगीर
-- -- -- -- --
यातायात व्यवस्था में 147 कर्मी की है तैनाती
शहर की यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए दो इंस्पेक्टर, 18 दरोगा, 13 दीवान, 27 सिपाही, 35 होमगार्ड और 52 पीआरडी के जवान तैनात हैं। इसके बावजूद भी ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है।
यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पिछले सप्ताह पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। मुख्य मार्ग पर अब जाम नहीं लग रहा है। शाम के जाम से निपटने के लिए रात नौ बजे तक यातायात पुलिस की ड्यूटी है। अगर को कोई नदारद मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
गुलाब सिंह टीएसआई
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में शाम ढलते ही लोग जाम में फंस जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था संभालने वाले पुलिस कर्मी भी चौराहे से अपनी ड्यूटी बजाकर जल्दी ही नदारद हो जा रहे हैं, इस कारण लोगों को शाम के जाम में फंस कर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बेतरतीब वाहनों के भीड़-भाड़ इलाके में घुसने के कारण हो रहा है।
शहर में जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। पूरा जोर पुलिस का सिविल लाइन रोड पर है, लेकिन इसके अलावा अन्य जगहों पर लगने वाले जाम की अनदेखी की जा रही है। हालत यह है कि जलकल रोड, मोतीलाल रोड, रेलवे स्टेशन रोड, मछलीहट्टा, भीखमपुर रोड, न्यू कालोनी, साकेत नगर, राघव नगर में जाम लग रहा है। शहर के भीखमपुर रोड निवासी मारकंडेय ने बताया कि सुबह जब हम स्कूल के लिए निकले तो कसया ढाले पर करीब 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। शाम को जब बाजार करने के लिए निकला तो भी जाम में फंस गया। घर से अभी फोन आया है कि जल्दी सब्जी लेकर आइए। रामगुलाम टोला निवासी अजय सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज बनने के बाद भी कसया ढाले का जाम दर्द दे रहा है। मोतीलाल रोड से कसया ढाला आने में आधे घंटे लग गया है। राघव नगर निवासी बबलू ने बताया कि पहले तो जाम मुख्य सड़कों पर लगता था, लेकिन अब हालत यह है कि गलियों में भी जाम लगने लगा है। राघव नगर मोड़ से हनुमान मंदिर चौराहा और रामलीला मैदान की ओर जाने में जाम से जूझना पड़ रहा है। शाम का हाल यह है कि जाम लगने पर यातायात पुलिस भी नहीं रहती है।
विज्ञापन
जाम के ये हैं कारण
- ई- रिक्शा और टेंपो का रूट तय नहीं है। जबकि रंग के हिसाब से करीब पांच माह पहले पुलिस ने प्लान बनाया था कि रूट तय होगा। यातायात पुलिसकर्मी शाम चार बजे तक अपनी ड्यूटी बजाकर चले जाते हैं। इसके कारण शाम के समय लगने वाले जाम से लोगों को जूझना पड़ रहा है। शहर में सिग्नल के जरिए यातायात संचालन की योजना करीब दो साल से धरातल पर उतर नहीं पाई है। कई ऐसे मार्ग हैं जहां फुटपाथ पर दुकानें सजी हुई हैं।
विज्ञापन
शाम के समय तो कई ऐसे मार्ग हैं, जहां पर जाम के कारण मोटरसाइकिल और पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। मोतीलाल रोड पर तो कदम-कदम पर शाम के समय जाम लगा रहता है।
नसरूद्दीन, राहगीर
घर से बाजार करने के लिए निकला तो जाम में फंस गया। ई-रिक्शा इतना बेतरतीब तरीके से सवारी लेकर घुस जाते हैं कि जाम लग रहा रहा है। सबसे जरूरी यह है कि इनका रूट तय किया जाए।
हरिसहाय, राहगीर
यातायात व्यवस्था में 147 कर्मी की है तैनाती
शहर की यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए दो इंस्पेक्टर, 18 दरोगा, 13 दीवान, 27 सिपाही, 35 होमगार्ड और 52 पीआरडी के जवान तैनात हैं। इसके बावजूद भी ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है।
यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पिछले सप्ताह पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। मुख्य मार्ग पर अब जाम नहीं लग रहा है। शाम के जाम से निपटने के लिए रात नौ बजे तक यातायात पुलिस की ड्यूटी है। अगर को कोई नदारद मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
गुलाब सिंह टीएसआई