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आंधी-बारिश के साथ कई जगह गिरे ओले, शहर और पांच सौ गांवों की 20 घंटे बिजली गुल
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आंधी-बारिश के साथ कई जगह गिरे ओले, शहर और पांच सौ गांवों की 20 घंटे बिजली गुल
देवरिया। तेज हवा के साथ बारिश के साथ कई जगह ओले गिरने से ने ठंड बढ़ गई है। आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। शहर के दस से अधिक मोहल्लों और करीब 500 गांवों की बिजली गुल हो गई। दोपहर बाद कुछ गांवों एवं मोहल्लों में आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा। शुक्रवार रात करीब नौ बजे आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने से फसल को क्षति हुई।
बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इससे शहर एवं ग्रामीण उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो गई। शहर के भटवलिया उपकेंद्र का दस एमबीए का ट्रांसफॉर्मर जल गया। सब्जी मंडी, साउथ, वेस्ट फीडर सहित करीब 100 गांवों आपूर्ति बाधित हो गई। रामलीला मैदान और पुरवा उपकेंद्र का इनकमिंग केबल बर्स्ट होने से रामगुलाम टोला, गायत्रीपुरम, बैतालपुर, रामपुर कारखाना, अवराचौरी सहित आधे शहर की बिजली गुल हो गई। कसया उपकेंद्र की मेन लाइन में खराबी से तरकुलवा, गौरी बाजार, बघौचघाट क्षेत्र के गांवों की आपूर्ति ठप रही। इसी तरह बरहज, लार, भटपाररानी, रुद्रपुर, उसरा बाजार आदि क्षेत्र के गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही।
बिजली गुल होने से बेहाल रहे लोग
देवरिया। करीब बीस घंटे तक बिजली व्यवस्था ठप होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को बीएसए कार्यालय सहित कई दफ्तरों में काम नहीं हो सका। लोगों के घर में लगे इन्वर्टर भी बैठ गए। जलापूर्ति नहीं होने से सुबह की दिनचर्या प्रभावित हुई।
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बोले लोग
बिजली नहीं रहने से बहुत दिक्कत हुई है। पूरी रात मोहल्ला अंधेरे में डूबा रहा। बिजली निगम के जिम्मेदारों का फोन नहीं उठ रहा था। पता नहीं चल पा रहा था कि आपूर्ति कब बहाल होगी। -अवनीश यादव, रामनाथ देवरिया
रात में बिजली गुल हुई तो लगा कि कुछ समय बाद आ जाएगी। लेकिन, पूरी रात बिजली नहीं आई, मोटर नहीं चलने की वजह से दिनचर्या प्रभावित हो गई। -दीपक खरवार, रामलीला मैदान
बिजली ठप होने से पूरी रात मोहल्ले में अंधेरा छाया रहा। निगम के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हा पा रहा था। सुबह पानी के अभाव में कई काम प्रभावित हुए। -रवि यादव, उमानगर
हवा एवं बारिश की वजह से बिजली आपूर्ति पर काफी असर पड़ा है। ट्रांसफार्मर और केबल जलने से शहर के कई मोहल्लों की आपूर्ति ठप हो गई थी। गांवों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई थी। कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने में जुटे हुए हैं। -जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता
सरसों की फसल को नुकसान, गेहूं, मटर आदि के लिए बारिश लाभदायक
देवरिया। बीते कई दिनों से जारी कोहरे का सिलसिला थमते ही बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवा के साथ कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। कई जगहों पर ओले भी पड़े। इससे सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ। वहीं, गेहूं, मटर आदि फसल के लिहाज से बारिश लाभदायक रही।
तरकुलवा प्रतिनिधि के अनुसार, ओलावृष्टि के कारण सरसों क्षेत्र में सरसो के फसल को भारी नुकसान हुआ है। हरैया, सोहनरिया, अमवां, सिसवां, नरायनपुर, भरौटा, महुआपाटन, मुडिकटवां, बंजरिया, गुलहरिया, देउरवा, पिपरहिया, मैनपुर, जलुआ, जमुनी, तवक्कपुर, परासखाड़, भिसवां, रामपुर खास आदि गांवों के कई खेतों में सरसों की फसल गिर गई है। आगे बारिश होने पर गेहूं की फसल पीली पड़ने की आशंका है।
ईंट भट्ठा उद्योग को नुकसान
वर्षा व ओलावृष्टि से ईंट भट्ठा व्यवसायियों को भारी नुकसान हुआ है। पथाई कर रखीं ईंटें गल गई। इससे ईंट की कीमतों में इजाफा होना स्वाभाविक है।
ठंड में हुआ इजाफा
बारिश के बाद शुक्रवार को दिनभर तेज हवा चलती रही। इससे ठंड में इजाफा हो गया। घर से बाहर निकले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हुई। घर में लोग दरवाजे खिड़कियां बद कर दुबकने को मजबूर हुए।
बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के कारण सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं, मटर, आलू, अरहर के लिए बारिश नुकसानदायक नहीं है। गेहूं में जहां अधिक पानी जमा है, वहां फसल पीली पड़ने की आशंका है। ऐसे में किसान यूरिया में प्रति एकड़ एक किलोग्राम सूक्ष्म पोषक तत्व व सल्फर मिलाकर छिड़काव कर दें। इससे फसल हरी हो जाएगी। -रतन शंकर ओझा, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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देवरिया। तेज हवा के साथ बारिश के साथ कई जगह ओले गिरने से ने ठंड बढ़ गई है। आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। शहर के दस से अधिक मोहल्लों और करीब 500 गांवों की बिजली गुल हो गई। दोपहर बाद कुछ गांवों एवं मोहल्लों में आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा। शुक्रवार रात करीब नौ बजे आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने से फसल को क्षति हुई।
बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इससे शहर एवं ग्रामीण उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो गई। शहर के भटवलिया उपकेंद्र का दस एमबीए का ट्रांसफॉर्मर जल गया। सब्जी मंडी, साउथ, वेस्ट फीडर सहित करीब 100 गांवों आपूर्ति बाधित हो गई। रामलीला मैदान और पुरवा उपकेंद्र का इनकमिंग केबल बर्स्ट होने से रामगुलाम टोला, गायत्रीपुरम, बैतालपुर, रामपुर कारखाना, अवराचौरी सहित आधे शहर की बिजली गुल हो गई। कसया उपकेंद्र की मेन लाइन में खराबी से तरकुलवा, गौरी बाजार, बघौचघाट क्षेत्र के गांवों की आपूर्ति ठप रही। इसी तरह बरहज, लार, भटपाररानी, रुद्रपुर, उसरा बाजार आदि क्षेत्र के गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही।
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बिजली गुल होने से बेहाल रहे लोग
देवरिया। करीब बीस घंटे तक बिजली व्यवस्था ठप होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को बीएसए कार्यालय सहित कई दफ्तरों में काम नहीं हो सका। लोगों के घर में लगे इन्वर्टर भी बैठ गए। जलापूर्ति नहीं होने से सुबह की दिनचर्या प्रभावित हुई।
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बोले लोग
बिजली नहीं रहने से बहुत दिक्कत हुई है। पूरी रात मोहल्ला अंधेरे में डूबा रहा। बिजली निगम के जिम्मेदारों का फोन नहीं उठ रहा था। पता नहीं चल पा रहा था कि आपूर्ति कब बहाल होगी। -अवनीश यादव, रामनाथ देवरिया
रात में बिजली गुल हुई तो लगा कि कुछ समय बाद आ जाएगी। लेकिन, पूरी रात बिजली नहीं आई, मोटर नहीं चलने की वजह से दिनचर्या प्रभावित हो गई। -दीपक खरवार, रामलीला मैदान
बिजली ठप होने से पूरी रात मोहल्ले में अंधेरा छाया रहा। निगम के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हा पा रहा था। सुबह पानी के अभाव में कई काम प्रभावित हुए। -रवि यादव, उमानगर
हवा एवं बारिश की वजह से बिजली आपूर्ति पर काफी असर पड़ा है। ट्रांसफार्मर और केबल जलने से शहर के कई मोहल्लों की आपूर्ति ठप हो गई थी। गांवों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई थी। कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने में जुटे हुए हैं। -जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता
सरसों की फसल को नुकसान, गेहूं, मटर आदि के लिए बारिश लाभदायक
देवरिया। बीते कई दिनों से जारी कोहरे का सिलसिला थमते ही बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवा के साथ कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। कई जगहों पर ओले भी पड़े। इससे सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ। वहीं, गेहूं, मटर आदि फसल के लिहाज से बारिश लाभदायक रही।
तरकुलवा प्रतिनिधि के अनुसार, ओलावृष्टि के कारण सरसों क्षेत्र में सरसो के फसल को भारी नुकसान हुआ है। हरैया, सोहनरिया, अमवां, सिसवां, नरायनपुर, भरौटा, महुआपाटन, मुडिकटवां, बंजरिया, गुलहरिया, देउरवा, पिपरहिया, मैनपुर, जलुआ, जमुनी, तवक्कपुर, परासखाड़, भिसवां, रामपुर खास आदि गांवों के कई खेतों में सरसों की फसल गिर गई है। आगे बारिश होने पर गेहूं की फसल पीली पड़ने की आशंका है।
ईंट भट्ठा उद्योग को नुकसान
वर्षा व ओलावृष्टि से ईंट भट्ठा व्यवसायियों को भारी नुकसान हुआ है। पथाई कर रखीं ईंटें गल गई। इससे ईंट की कीमतों में इजाफा होना स्वाभाविक है।
ठंड में हुआ इजाफा
बारिश के बाद शुक्रवार को दिनभर तेज हवा चलती रही। इससे ठंड में इजाफा हो गया। घर से बाहर निकले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हुई। घर में लोग दरवाजे खिड़कियां बद कर दुबकने को मजबूर हुए।
बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के कारण सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं, मटर, आलू, अरहर के लिए बारिश नुकसानदायक नहीं है। गेहूं में जहां अधिक पानी जमा है, वहां फसल पीली पड़ने की आशंका है। ऐसे में किसान यूरिया में प्रति एकड़ एक किलोग्राम सूक्ष्म पोषक तत्व व सल्फर मिलाकर छिड़काव कर दें। इससे फसल हरी हो जाएगी। -रतन शंकर ओझा, जिला कृषि रक्षा अधिकारी