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Deoria News: अभिमन्यु की तीन पीढ़ियां गांजा तस्करी के धंधे में
Thu, 12 Dec 2024 01:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:04 PM IST
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देसही देवरिया/रामपुर कारखाना। बिहार के विजयीपुर थाने के मठिया गांव निवासी अभिमन्यु सिंह व उसके छोटे भाई धन्नू सिंह का गांजा तस्करी पुस्तैनी धंधा हो गया है। उसकी तीसरी पीढ़ी गांजा तस्करी से जुड़ी हुई है। इससे पहले उसके पिता वीरेंद्र सिंह भी गांजा तस्करी से जुड़े थे, जिनकी हत्या कर दी गई। वहीं, उसके बाबा भी गांजा तस्करी का कार्य कर चुके हैं।
वर्तमान में बड़े भाई अभिमन्यु उर्फ मन्नू व छोटा भाई धन्नू इस कार्य में संलिप्त हैं। बड़े भाई मन्नू के साथ धन्नू भी गांजा तस्करी का कार्य करता था। दिसंबर माह में मन्नू गांजा तस्करी के आरोप में बघौचघाट पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। उसके बाद पुलिस ने उसके पास से 1.70 क्विंटल गांजा बरामद कर जब्त करते हुए उसे देवरिया जेल भेज दिया था। भाई मन्नू के जेल जाने के बाद धन्नू कुछ दिन तक शांत रहा। इसके बाद अपने एक रिश्तेदार की शह पर फिर से धन्नू गांजा की तस्करी शुरू कर दी थी। 11 माह बाद अभिमन्यू व धन्नू को बेल पर जेल से निकले कुछ माह ही हुए होंगे।
गिरफ्तार करने वाली टीम में यह रहे शामिल : असम से आ रहे गांजा की खेप की बरामदगी में एसटीएफ के साथ रामपुर कारखाना के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ के एसटीएफ प्रभारी उनि जावेद सिद्दीकी, रामपुर कारखाना के उनि जय सिंह, एसटीएफ के मुआ बरनाम सिंह, मृत्युंजय सिंह, अजीत सिंह, सुरेश राम, रामपुर कारखाना के कृष्णदेव साहनी, अभयशक्ति शुक्ला, पंकज यादव आदि शामिल रहे।
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साथियों के बीच दिखाता था हनक : मजहर जब भी गांव आता, अपने साथियों के बीच पैसे की चमक खूब बिखेरता था। बहुत कम समय में अर्जित किए गए धन और कई जगह खरीदी जमीन का रौब उसके सिर चढ़कर बोलता था। वह अन्य की मुकाबले अपने को ज्यादा सफल साबित करने के पीछे अपराध और तस्करी के रास्ते पर निकल पड़ा।
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वर्तमान में बड़े भाई अभिमन्यु उर्फ मन्नू व छोटा भाई धन्नू इस कार्य में संलिप्त हैं। बड़े भाई मन्नू के साथ धन्नू भी गांजा तस्करी का कार्य करता था। दिसंबर माह में मन्नू गांजा तस्करी के आरोप में बघौचघाट पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। उसके बाद पुलिस ने उसके पास से 1.70 क्विंटल गांजा बरामद कर जब्त करते हुए उसे देवरिया जेल भेज दिया था। भाई मन्नू के जेल जाने के बाद धन्नू कुछ दिन तक शांत रहा। इसके बाद अपने एक रिश्तेदार की शह पर फिर से धन्नू गांजा की तस्करी शुरू कर दी थी। 11 माह बाद अभिमन्यू व धन्नू को बेल पर जेल से निकले कुछ माह ही हुए होंगे।
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गिरफ्तार करने वाली टीम में यह रहे शामिल : असम से आ रहे गांजा की खेप की बरामदगी में एसटीएफ के साथ रामपुर कारखाना के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ के एसटीएफ प्रभारी उनि जावेद सिद्दीकी, रामपुर कारखाना के उनि जय सिंह, एसटीएफ के मुआ बरनाम सिंह, मृत्युंजय सिंह, अजीत सिंह, सुरेश राम, रामपुर कारखाना के कृष्णदेव साहनी, अभयशक्ति शुक्ला, पंकज यादव आदि शामिल रहे।
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साथियों के बीच दिखाता था हनक : मजहर जब भी गांव आता, अपने साथियों के बीच पैसे की चमक खूब बिखेरता था। बहुत कम समय में अर्जित किए गए धन और कई जगह खरीदी जमीन का रौब उसके सिर चढ़कर बोलता था। वह अन्य की मुकाबले अपने को ज्यादा सफल साबित करने के पीछे अपराध और तस्करी के रास्ते पर निकल पड़ा।