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Deoria News: देवरिया की सीमा से होकर गुजरा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग
Sat, 03 Jan 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 03 Jan 2026 11:48 PM IST
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देसही देवरिया। तमिलनाडु से दिसंबर माह में ट्रक पर लादकर बिहार के लिए चला विश्व का सबसे बड़ा और चौड़ा शिवलिंग शुक्रवार की शाम को जिले के हेतिमपुर की सीमा से होकर गुजरा। यह देख शिवलिंग की एक झलक पाने और स्पर्श करने के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ट्रक कुशीनगर की सीमा में चला गया। बिहार के चंपारण स्थित मंदिर तक पहुंचने में तीन से चार दिन लगेंगे। वाकया देख लोग हैरान रह गए।
बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण में कई सालों से बहुत विशाल, ऐतिहासिक और भव्य विराट रामायण मंदिर बन रहा है। यह मंदिर अब बनकर तैयार हो चुका है। यहां विश्व का सबसे का लंबा और चौड़ा शिवलिंग स्थापित होगा। यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में ग्रेनाइड के एक ही काले पत्थर को काट कर बनाया गया है। यह कार्य पिछले 10 वर्षों से किया जा रहा था नवंबर में बनकर तैयार हो गया। इसकी ऊंचाई 33 फीट है। वजन 210 मीट्रिक टन है। यह अखंड शिवलिंग है।
दिसंबर माह के शुरू में इसे कई मशीनों के सहयोग से बड़े ट्रक पर लादा गया। मशहूर ट्रांसपोर्ट कंपनी विनायका ने शिवलिंग को सुरक्षित मंदिर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली है। ट्रक तमिलनाडु से हैदराबाद, नागपुर, जबलपुर, सतना, मिर्जापुर, होते हुए शुक्रवार की देर शाम को देवरिया के हेतिमपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते पहुंचा। इसे देखने के लिए राहगीरों सहित श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
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वाहन की गति बहुत धीमी थी। इसलिए लोग शिवलिंग को आसानी से देख, छूकर, माता टेक कर आशीर्वाद ले रहे थे। इसके बाद ट्रक कुशीनगर होते हुए बिहार के गोपालगंज जिले में दाखिल हो गया। छपरा होते हुए चंपारण मंदिर पर पहुंचना है। बताया जा रहा है कि चंपारण मंदिर तक पहुंचने में कम से कम तीन दिन और लगेंगे। पहुंचने पर वहां विधिवत स्थापित किया जाएगा।
विश्व का सबसे बड़ा अखंड शिवलिंग है
बताया जा रहा है कि महाबलीपुरम में दस वर्ष में निर्मित एक ही काले ग्रेनाइड पत्थर से बना 33 फीट अखंड यह शिवलिंग दुनिया आ सबसे बड़ा शिवलिंग है। यह आश्चर्यजनक करने वाला है। लोग देखकर हैरान हो जा रहे हैं। शिवलिंग को अपनी पत्नी के साथ स्पर्श करने वाले हेतिमपुर के महेंद्र शर्मा ने बताया कि यह सौभाग्य की बात है कि छूने और माता टेकने का मौका मिला। इस रास्ते से होकर जाना परम सौभाग्य है।
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बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण में कई सालों से बहुत विशाल, ऐतिहासिक और भव्य विराट रामायण मंदिर बन रहा है। यह मंदिर अब बनकर तैयार हो चुका है। यहां विश्व का सबसे का लंबा और चौड़ा शिवलिंग स्थापित होगा। यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में ग्रेनाइड के एक ही काले पत्थर को काट कर बनाया गया है। यह कार्य पिछले 10 वर्षों से किया जा रहा था नवंबर में बनकर तैयार हो गया। इसकी ऊंचाई 33 फीट है। वजन 210 मीट्रिक टन है। यह अखंड शिवलिंग है।
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दिसंबर माह के शुरू में इसे कई मशीनों के सहयोग से बड़े ट्रक पर लादा गया। मशहूर ट्रांसपोर्ट कंपनी विनायका ने शिवलिंग को सुरक्षित मंदिर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली है। ट्रक तमिलनाडु से हैदराबाद, नागपुर, जबलपुर, सतना, मिर्जापुर, होते हुए शुक्रवार की देर शाम को देवरिया के हेतिमपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते पहुंचा। इसे देखने के लिए राहगीरों सहित श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
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वाहन की गति बहुत धीमी थी। इसलिए लोग शिवलिंग को आसानी से देख, छूकर, माता टेक कर आशीर्वाद ले रहे थे। इसके बाद ट्रक कुशीनगर होते हुए बिहार के गोपालगंज जिले में दाखिल हो गया। छपरा होते हुए चंपारण मंदिर पर पहुंचना है। बताया जा रहा है कि चंपारण मंदिर तक पहुंचने में कम से कम तीन दिन और लगेंगे। पहुंचने पर वहां विधिवत स्थापित किया जाएगा।
विश्व का सबसे बड़ा अखंड शिवलिंग है
बताया जा रहा है कि महाबलीपुरम में दस वर्ष में निर्मित एक ही काले ग्रेनाइड पत्थर से बना 33 फीट अखंड यह शिवलिंग दुनिया आ सबसे बड़ा शिवलिंग है। यह आश्चर्यजनक करने वाला है। लोग देखकर हैरान हो जा रहे हैं। शिवलिंग को अपनी पत्नी के साथ स्पर्श करने वाले हेतिमपुर के महेंद्र शर्मा ने बताया कि यह सौभाग्य की बात है कि छूने और माता टेकने का मौका मिला। इस रास्ते से होकर जाना परम सौभाग्य है।