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Deoria News: धूल फांक रही अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन, मरीज परेशान
Sat, 30 Aug 2025 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक 128 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन धूल फांक रही है। करीब दो साल पहले लगी मशीन अब तक चालू नहीं हो सकी है। यह पुरानी मशीन से आठ गुना अधिक क्षमता है।
नसों की बीमारी की जांच के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके शुरू होने में तकनीशियन की कमी आड़े आ रही है। यह अस्पताल में मौजूद सीटी स्कैन मशीन और एमआरआई के बीच की कड़ी मानी जा रही है। इसके शुरू होने से मरीजों को सहूलियत होगी, वहीं इलाज में भी आसानी होगी।
मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे सीटी स्कैन की सुविधा है। आर्थों, मेडिसिन, सर्जरी, आर्थो, ईएनटी सहित अन्य विभागों में मरीजों की लंबी कतार लगती है।
डॉक्टर जरूरत के मुताबिक मरीजों को सीटी स्कैन जांच कराते हैं। रोजाना करीब 60-70 मरीजों की जांच होती है। यहां लगी मशीन की क्षमता 16 स्लाइस की है, जिससे बारीक जांच नहीं हो पाती है।
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नसों सहित अन्य कुछ जांच के लिए करीब दस से पंद्रह मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दो साल पहले अधिक क्षमता की 128 स्लाइस की मशीन स्थापित कराया। मशीन का ट्रायल भी हो चुका है। उम्मीद जगी की बारीकी से जांच हो सकेगी। नसों की बीमारियों का पता चल सकेगा, जिससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी, वहीं मरीज को सहूलियत होगी।
उन्हें एमआरआई कराने की संभावना कम रहेगी, लेकिन अब तक मशीन चालू नहीं हो सकी है। ऐसे में मरीजों को एमआरआई कराने के लिए निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है, जहां पांच से सात हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक 128 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन धूल फांक रही है। करीब दो साल पहले लगी मशीन अब तक चालू नहीं हो सकी है। यह पुरानी मशीन से आठ गुना अधिक क्षमता है।
नसों की बीमारी की जांच के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके शुरू होने में तकनीशियन की कमी आड़े आ रही है। यह अस्पताल में मौजूद सीटी स्कैन मशीन और एमआरआई के बीच की कड़ी मानी जा रही है। इसके शुरू होने से मरीजों को सहूलियत होगी, वहीं इलाज में भी आसानी होगी।
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मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे सीटी स्कैन की सुविधा है। आर्थों, मेडिसिन, सर्जरी, आर्थो, ईएनटी सहित अन्य विभागों में मरीजों की लंबी कतार लगती है।
डॉक्टर जरूरत के मुताबिक मरीजों को सीटी स्कैन जांच कराते हैं। रोजाना करीब 60-70 मरीजों की जांच होती है। यहां लगी मशीन की क्षमता 16 स्लाइस की है, जिससे बारीक जांच नहीं हो पाती है।
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नसों सहित अन्य कुछ जांच के लिए करीब दस से पंद्रह मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दो साल पहले अधिक क्षमता की 128 स्लाइस की मशीन स्थापित कराया। मशीन का ट्रायल भी हो चुका है। उम्मीद जगी की बारीकी से जांच हो सकेगी। नसों की बीमारियों का पता चल सकेगा, जिससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी, वहीं मरीज को सहूलियत होगी।
उन्हें एमआरआई कराने की संभावना कम रहेगी, लेकिन अब तक मशीन चालू नहीं हो सकी है। ऐसे में मरीजों को एमआरआई कराने के लिए निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है, जहां पांच से सात हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है।