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पानी में बह गया बोल्डर, बांध पर कटान तेज
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पानी में बह गया बोल्डर, बांध पर कटान तेज
रुद्रपुर (देवरिया)। एक सप्ताह पहले हुई भारी बारिश की वजह से सिंचाई विभाग के घटिया कार्यों की पोल खुलने लगी है। नगवा छपरा बांध पर सात करोड़ रुपये की परियोजना से बना बोल्डर पिचिंग पानी में बह गया। बांध पर करीब 30 मीटर बोल्डर पिचिंग के पत्थर उखड़ गए हैं। बाकी बेचे पत्थर भी जगह-जगह धंस गए हैं। बोल्डर पिचिंग बह जाने से बंधे पर कटान तेज हो गया है।
नगवा-छपरा बांध पर डढ़िया गांव के पास सिंचाई विभाग की सात करोड़ की परियोजना पर काम हो रहा है। ठेकेदार ने आनन-फानन में एक माह पहले काम पूरा करा दिया। इस काम में करीब पांच सौ मीटर बंधे की पिचिंग और तीन एप्रोच का निर्माण कराया गया है।
एक सप्ताह पहले हुई बारिश में जगह-जगह एप्रोच मार्ग धंस गए। वहीं बांध पर 30 मीटर बोल्डर पिचिंग पूरी तरह उजड़ गए। बांध पर लगे बोल्डर पानी में बह गए। बोल्डर पिंचिंग उजड़ने से बांध पर कटान तेज हो गई है।
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52 गांवों को बचाने के लिए राप्ती और गोर्रा नदी के संगम पर शासन से सात करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है। यहां नदी यू टर्न लेकर बांध पर ठोकर मार रही है। दोआबा के अति संवेदनशील कटान स्थल पर कार्य की ठीक से निगरानी नहीं होने से सात करोड़ पर पानी फिरने की पूरी संभावना है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। नगवा और डढ़िया गांव के रमापति शुक्ला, गौरी गुप्ता, राहुल यादव आदि ने कहा कि सात करोड़ की अहम परियोजना का काम पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। बंधे का बोल्डर पिचिंग बारिश के पानी से बह गया है। इससे काम के गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया ने कहा कि परियोजना का काम समाप्त नहीं हुआ है। ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण काम कराने के निर्देश दिए गए हैं। उसका पेमेंट रोक दिया गया है।
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रुद्रपुर (देवरिया)। एक सप्ताह पहले हुई भारी बारिश की वजह से सिंचाई विभाग के घटिया कार्यों की पोल खुलने लगी है। नगवा छपरा बांध पर सात करोड़ रुपये की परियोजना से बना बोल्डर पिचिंग पानी में बह गया। बांध पर करीब 30 मीटर बोल्डर पिचिंग के पत्थर उखड़ गए हैं। बाकी बेचे पत्थर भी जगह-जगह धंस गए हैं। बोल्डर पिचिंग बह जाने से बंधे पर कटान तेज हो गया है।
नगवा-छपरा बांध पर डढ़िया गांव के पास सिंचाई विभाग की सात करोड़ की परियोजना पर काम हो रहा है। ठेकेदार ने आनन-फानन में एक माह पहले काम पूरा करा दिया। इस काम में करीब पांच सौ मीटर बंधे की पिचिंग और तीन एप्रोच का निर्माण कराया गया है।
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एक सप्ताह पहले हुई बारिश में जगह-जगह एप्रोच मार्ग धंस गए। वहीं बांध पर 30 मीटर बोल्डर पिचिंग पूरी तरह उजड़ गए। बांध पर लगे बोल्डर पानी में बह गए। बोल्डर पिंचिंग उजड़ने से बांध पर कटान तेज हो गई है।
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52 गांवों को बचाने के लिए राप्ती और गोर्रा नदी के संगम पर शासन से सात करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है। यहां नदी यू टर्न लेकर बांध पर ठोकर मार रही है। दोआबा के अति संवेदनशील कटान स्थल पर कार्य की ठीक से निगरानी नहीं होने से सात करोड़ पर पानी फिरने की पूरी संभावना है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। नगवा और डढ़िया गांव के रमापति शुक्ला, गौरी गुप्ता, राहुल यादव आदि ने कहा कि सात करोड़ की अहम परियोजना का काम पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। बंधे का बोल्डर पिचिंग बारिश के पानी से बह गया है। इससे काम के गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया ने कहा कि परियोजना का काम समाप्त नहीं हुआ है। ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण काम कराने के निर्देश दिए गए हैं। उसका पेमेंट रोक दिया गया है।