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Deoria News: भदिला प्रथम के लोगों को मिलेगा रास्ता, बनेगा 133 मीटर लंबा पुल
Tue, 07 Oct 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:52 AM IST
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बरहज में राप्ती नदी से घिरे भदिला प्रथम गांव के लिए नाव से जाते लोग
- सेतु निगम कराएगा निर्माण कार्य, 25 करोड़ की परियोजना का तैयार किया जा रहा खाका
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। गोरखपुर जनपद सीमा से सटे राप्ती तट पर बसे भदिला प्रथम गांव के लोगों को बारिश के दिनों में टापू जैसी जिंदगी से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए सेतु निगम की ओर से करीब करीब 25 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले 133.88 मीटर लंबे पुल का खाका तैयार कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, करीब 15 करोड़ की लागत से पुल तैयार करने के साथ दोनों तरफ दो सौ-दो सौ मीटर का एप्रोच बनाया जाएगा। गांव के लोगों की आवाजाही के लिए राह आसान करने के लिए रामजानकी मार्ग से नेतवार पट्टी के रास्ते करीब पांच सौ मीटर अतिरिक्त एप्रोच तैयार कर पुल से जोड़ा जाएगा। इसके लिए अलग से 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस पुल के बन जाने से आवागमन के लिए रास्ता आसान होने के साथ-साथ गांव के विकास को भी पंख लगेंगे। भदिला प्रथम गांव में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। इससे लोग पगडंडियों से होकर आवागमन करते हैं। बरसात के मौसम में गांव टापू बन जाता है। प्रत्येक वर्ष नदी से चारों ओर से घिर जाने के कारण लोगों की जिंदगी कैद होकर रह जाती है।
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भदिला प्रथम गांव की आबादी करीब चार हजार है। यहां सभी जाति-धर्म के लोग निवास करते हैं। गांव में आने-जाने के लिए रास्ता न होने से आम दिनों में लोग खेतों की लीक और पगडंडियों से आवाजाही करते हैं। वहीं बरसात के दिनों में गांव के टॉपू बन जाने से नाव का सहारा लेना पड़ता है। पूर्व में केंद्रीय टीम ने गांव का दौरा किया था। जहां लोगों ने पुल बनवाने की मांग किया था। सोनेलाल, विंध्यवासिनी देवी, विनय यादव आदि का कहना है कि रास्ता न होने और प्रत्येक वर्ष टॉपू बन जाने के कारण गांव विकास से कोसों दूर है। पुल पुल बन जाने से गांव की राह आसान होने के साथ मुश्किलों से निजात मिलेगी।
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स्पीकअप-
भदिला प्रथम गांव में आम दिनों में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। बरसात के मौसम में नदी के बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर जाने के कारण गांव टापू बन जाता है। पुल बनने से गांव के लोगों के लिए जहां राह आसान होगी, वहीं पिछड़े क्षेत्र का विकास होगा।
-देवेश चंद्र सिंह
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भदिला प्रथम गांव के लोगों के आवागमन के लिए पुल बनाने की चल रही कवायद पहले ही हो जाना चाहिए था। लंबे समय से पुल निर्माण की बात चल रही थी। रास्ता न होने के कारण गांव के लोगों को काफी दुश्वारियाें का सामना करना पड़ता है।
-विनय
..
कोट
कोट-
2021-22 में इस्टीमेट भेजा गया था, मगर तकनीकी कारणों से रुकावट आ गई थी। दोबारा एक सप्ताह पूर्व इस्टीमेट भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विवेक कुमार नायक, सहायक अभियंता सेतु निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। गोरखपुर जनपद सीमा से सटे राप्ती तट पर बसे भदिला प्रथम गांव के लोगों को बारिश के दिनों में टापू जैसी जिंदगी से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए सेतु निगम की ओर से करीब करीब 25 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले 133.88 मीटर लंबे पुल का खाका तैयार कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, करीब 15 करोड़ की लागत से पुल तैयार करने के साथ दोनों तरफ दो सौ-दो सौ मीटर का एप्रोच बनाया जाएगा। गांव के लोगों की आवाजाही के लिए राह आसान करने के लिए रामजानकी मार्ग से नेतवार पट्टी के रास्ते करीब पांच सौ मीटर अतिरिक्त एप्रोच तैयार कर पुल से जोड़ा जाएगा। इसके लिए अलग से 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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इस पुल के बन जाने से आवागमन के लिए रास्ता आसान होने के साथ-साथ गांव के विकास को भी पंख लगेंगे। भदिला प्रथम गांव में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। इससे लोग पगडंडियों से होकर आवागमन करते हैं। बरसात के मौसम में गांव टापू बन जाता है। प्रत्येक वर्ष नदी से चारों ओर से घिर जाने के कारण लोगों की जिंदगी कैद होकर रह जाती है।
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भदिला प्रथम गांव की आबादी करीब चार हजार है। यहां सभी जाति-धर्म के लोग निवास करते हैं। गांव में आने-जाने के लिए रास्ता न होने से आम दिनों में लोग खेतों की लीक और पगडंडियों से आवाजाही करते हैं। वहीं बरसात के दिनों में गांव के टॉपू बन जाने से नाव का सहारा लेना पड़ता है। पूर्व में केंद्रीय टीम ने गांव का दौरा किया था। जहां लोगों ने पुल बनवाने की मांग किया था। सोनेलाल, विंध्यवासिनी देवी, विनय यादव आदि का कहना है कि रास्ता न होने और प्रत्येक वर्ष टॉपू बन जाने के कारण गांव विकास से कोसों दूर है। पुल पुल बन जाने से गांव की राह आसान होने के साथ मुश्किलों से निजात मिलेगी।
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स्पीकअप-
भदिला प्रथम गांव में आम दिनों में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। बरसात के मौसम में नदी के बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर जाने के कारण गांव टापू बन जाता है। पुल बनने से गांव के लोगों के लिए जहां राह आसान होगी, वहीं पिछड़े क्षेत्र का विकास होगा।
-देवेश चंद्र सिंह
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भदिला प्रथम गांव के लोगों के आवागमन के लिए पुल बनाने की चल रही कवायद पहले ही हो जाना चाहिए था। लंबे समय से पुल निर्माण की बात चल रही थी। रास्ता न होने के कारण गांव के लोगों को काफी दुश्वारियाें का सामना करना पड़ता है।
-विनय
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कोट
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2021-22 में इस्टीमेट भेजा गया था, मगर तकनीकी कारणों से रुकावट आ गई थी। दोबारा एक सप्ताह पूर्व इस्टीमेट भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विवेक कुमार नायक, सहायक अभियंता सेतु निगम