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ओटीपी के फेर में अटकी निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया
Tue, 03 Mar 2026 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:05 AM IST
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देवरिया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम चरण में चयनित बच्चों का प्रवेश ओटीपी के फेर में अटक गया है। वहीं दूसरे चरण के लिए आए आवेदन का अपडेट भी नहीं मिल पा रहा है। इससे बच्चों के अभिभावकों से लेकर स्कूल तक में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
जिले के निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत 25 प्रतिशत नि:शुल्क सीटों पर प्रवेश के लिए प्रथम चरण में जिलेभर से 701 आवेदन आए थे। इन आवेदनों पर सम्यक विचारोपरांत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 534 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में प्रवेश के लिए पात्र पाया।
इसके बाद फाइल सीडीओ के पास संस्तुति के लिए भेज दी गई। इधर कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की आत्महत्या के बाद तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बीएसए फरार हो गईं। उनका सीयूजी और व्यक्तिगत फोन गोरखपुर पुलिस लेकर चली गई।
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शासन ने दो दिन पहले बीएसए को निलंबित करते हुए डायट प्राचार्य अनिल कुमार सिंह को बीएसए का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। इसके बाद प्रथम चरण में चयनित बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में बीएसए कार्यालय जुट गया। चयनित बच्चों की फाइल सीडीओ को भेज दी गई है।
21 फरवरी से सात मार्च तक मांगे गए आवेदन : आरटीई के तहत दूसरे चरण के लिए आवेदन 21 फरवरी से शुरू हो गया है। सात मार्च को अंतिम तिथि है। नौ मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी। चयनित बच्चों के प्रवेश के लिए 11 मार्च को आदेश जारी किए जाएंगे। 12 से 25 मार्च तक तीसरे चरण के आवेदन मांगे जाएंगे। 27 मार्च को लाॅटरी निकाली जाएगी। 29 मार्च को चयनित बच्चों के प्रवेश के लिए आदेश जारी किया जाएगा।
डिजिटल हस्ताक्षर के बाद शुरू होगा कार्य : बीएसए का प्रभार पाए अनिल कुमार सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर के लिए फाइल शासन को भेजी गई है। वहां से डिजिटल सिग्नेचर आने के बाद फाइल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वहीं बीएसए का सीयूजी चालू होने के बाद ओटीपी आने के बाद दूसरे चरण के आवेदनों को देखा जा सकेगा। बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी दो दिन पहले बीएसए का चार्ज लिया है। जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद पूरी तरह कार्य कर पाएंगे।
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जिले के निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत 25 प्रतिशत नि:शुल्क सीटों पर प्रवेश के लिए प्रथम चरण में जिलेभर से 701 आवेदन आए थे। इन आवेदनों पर सम्यक विचारोपरांत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 534 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में प्रवेश के लिए पात्र पाया।
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इसके बाद फाइल सीडीओ के पास संस्तुति के लिए भेज दी गई। इधर कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की आत्महत्या के बाद तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बीएसए फरार हो गईं। उनका सीयूजी और व्यक्तिगत फोन गोरखपुर पुलिस लेकर चली गई।
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शासन ने दो दिन पहले बीएसए को निलंबित करते हुए डायट प्राचार्य अनिल कुमार सिंह को बीएसए का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। इसके बाद प्रथम चरण में चयनित बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में बीएसए कार्यालय जुट गया। चयनित बच्चों की फाइल सीडीओ को भेज दी गई है।
21 फरवरी से सात मार्च तक मांगे गए आवेदन : आरटीई के तहत दूसरे चरण के लिए आवेदन 21 फरवरी से शुरू हो गया है। सात मार्च को अंतिम तिथि है। नौ मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी। चयनित बच्चों के प्रवेश के लिए 11 मार्च को आदेश जारी किए जाएंगे। 12 से 25 मार्च तक तीसरे चरण के आवेदन मांगे जाएंगे। 27 मार्च को लाॅटरी निकाली जाएगी। 29 मार्च को चयनित बच्चों के प्रवेश के लिए आदेश जारी किया जाएगा।
डिजिटल हस्ताक्षर के बाद शुरू होगा कार्य : बीएसए का प्रभार पाए अनिल कुमार सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर के लिए फाइल शासन को भेजी गई है। वहां से डिजिटल सिग्नेचर आने के बाद फाइल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वहीं बीएसए का सीयूजी चालू होने के बाद ओटीपी आने के बाद दूसरे चरण के आवेदनों को देखा जा सकेगा। बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी दो दिन पहले बीएसए का चार्ज लिया है। जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद पूरी तरह कार्य कर पाएंगे।