फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   The mess: Vinod in Anjum Rehman's house

गड़बड़झाला : अंजुम रहमान के घर में विनोद

Sun, 08 Feb 2026 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 08 Feb 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
The mess: Vinod in Anjum Rehman's house
बरहज के सोनाड़ी के पठान टोला निवासी लोग   स्रोत पीड़ित
देवरिया। एसआईआर में हुई गड़बड़ियां प्रशासन के लिए मुसीबत बन गई हैं। देवरिया शहर के अबूबकरनगर उत्तरी वार्ड नंबर 32 के रहने वाले अंजुम रहमान ने एसडीएम सदर के यहां अपील करते हुए कहा कि उनके मकान नंबर 501 में बंटवारा करके विनोद मद्धेशिया समेत सात फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल कर लिए गए हैं।
विज्ञापन

इस पर एसडीएम ने बीएलओ को नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता अंजुमरहमान का कहना है कि एसआईआर के बाद जारी वोटर लिस्ट में क्रमांक 370 से 376 तक मेरे घर के मतदाताओं के नाम हैं।
विज्ञापन

इसी में क्रमांक 372 पर विनोद मद्धेशिया, 375 पर बिंदू देवी का भी नाम शामिल है। इसके अलावा मकान नंबर 501 का बंटवारा करते हुए सात अतिरिक्त फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन फर्जी मतदाताओं में दुर्गेश कुमार गुप्ता, अशोक कुमार, मीरा सिंह, शशि, कृष्ण गोपाल आदि के नाम हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर श्रृति शर्मा ने बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब तलब किया है।
वोटर लिस्ट से नाम काटने की अफवाह से लोग परेशान : मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर मची घमासान थम नहीं रही है। सपा ने फाॅर्म सात भरकर वोटरों का नाम कटवाने का आरोप लगाते हुए एक सप्ताह में सात जगह प्रदर्शन किए हैं।
वहीं दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों का फाॅर्म सात भरा गया है उनको नोटिस ही इस बात के लिए भेजा जाता है कि वे अपना पक्ष स्पष्ट करें। अगर कोई फाॅर्म गलत है तो जांच कर निरस्त कर दिया जाता है।
वोटर लिस्ट संशोधन के बाद अब आपत्तियों की जांच चल रही है। इस दौरान हर दिन अलग-अलग मामले आ रहे हैं। पिछले सप्ताह रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के चिरकिहवा गांव में 122 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटने की बात सामने आई थी।
सपा नेता पूर्व विधायक गजाला लारी ने गांव पहुंचकर बीएलओ पर मनमानी का आरोप लगाया था। इसके बाद पकड़ियार और मुड़िकटवा गांव में भी फाॅर्म सात भरकर वोटर लिस्ट से नाम कटवाने का आरोप लगाते हुए सपा ने प्रदर्शन किया। बरहज के सोनाड़ी गांव के पठान टोला में भी 13 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से कटवाने का आरोप लगा।
निर्वाचन से जुड़े अफसरों का कहना है कि यह बेवजह का हंगामा है। मतदाता सूची के आंकड़े एकत्रित करने के लिए ही अलग-अलग प्रारूप पर सूचनाएं मांगी जाती हैं। जैसे नए वोटर का नाम जोड़ना है तो उसे फार्म 6 पर अपनी जानकारी देता है। उसी तरह अगर किसी मतदाता का नाम सूची से हटाना है तो उसके लिए फाॅर्म सात भरा जाता है। दोनों ही स्थिति में बीएलओ उन आवेदनों की डोर टू डोर जाकर जांच करते हैं। संशोधित मतदाता सूची भी सार्वजनिक कर उस पर आपत्तियां मांगी जाती हैं। अगर किसी को लिस्ट पर आपत्ति है तो उसकी जांच कर सुधार किया जाता है।
6 मार्च तक जमा होंगी दावा-आपत्तियां : रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/एएसडीएम सलेमपुर दीपराज सिंह ने बताया कि प्रदेश में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत 6 मार्च 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। उन्होंने कहा कि मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि एवं अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाने की कार्यवाही नियमानुसार फार्म-7 के माध्यम से की जाती है।
मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विलोपन कार्यवाही की जाती है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली-1960 के नियम 13 (2) के अनुसार मतदाता सूची में नाम हटाने अथवा आपत्ति दर्ज करने के लिए आवेदन फाॅर्म-7 में ही किया जाएगा। आवेदन वही व्यक्ति कर सकता है जिसका नाम संबंधित मतदाता सूची में पहले से दर्ज हो। फाॅर्म-7 भरने वाले आवेदक को अपना नाम, मतदाता फोटो पहचान पत्र संख्या, मोबाइल नंबर एवं संबंधित विवरण देना अनिवार्य होगा। यदि किसी राजनीतिक दल के बूथ लेवल एजेंट द्वारा फाॅर्म प्रस्तुत किया जाता है तो प्रत्येक फाॅर्म के साथ बीएलए घोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा और एक दिन में अधिकतम 10 फाॅर्म ही जमा किए जा सकेंगे।

बिना घोषणा पत्र के बीएलओ द्वारा फाॅर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। ईआरओ ने बताया कि फाॅर्म-7 में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार निस्तारण किया जाता है। इसके अंतर्गत नोटिस जारी करना, बूथ लेवल अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करना तथा न्यूनतम सात दिन की अवधि के बाद सुनवाई कर अंतिम निर्णय लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed