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Deoria News: छोटी गंडक की सुधरेगी सेहत...नमामि गंगे से मिलेगी संजीवनी
Sat, 09 May 2026 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 09 May 2026 11:54 PM IST
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देवरिया। हिमालय से निकली छोटी गंडक नदी को लंबे समय तक स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने इसे नमामि गंगे परियोजना में शामिल कर लिया है।
महराजगंज और कुशीनगर जिले से होते हुए देवरिया जिले के अंतिम छोर पर सरयू नदी में मिलने वाली इस नदी के किनारे पौधरोपण कराया जाएगा। घाटों का सुंदरीकरण भी होगी।
परियोजना का आकलन करने के लिए दिल्ली से दो सदस्यीय टीम ने तीन दिन पहले हेतिमपुर में नदी का निरीक्षण किया था। जल्द ही इसके लिए डीपीआर तैयार होगा।अपने उद्गम से लेकर सरयू नदी के संगम तक छोटी गंडक नदी की कुल लंबाई 226 किमी है। इसमें से 104 किमी हिस्सा देवरिया में है।
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देवरिया, भाटपार रानी और सलेमपुर तहसील से गुजरने वाली इस नदी के घाटों पर मेला तो लगता ही है, अंतिम संस्कार भी होते हैं।
पिछले कुछ वर्षों से नदी के किनारे हो रहे अवैध खनन और जगह-जगह नालों का पानी गिरने से नदी का वजूद खतरे में पड़ गया है। पटनवा पुल पर नदी बरसाती नाला जैसी दिखने लगी है, इसलिए नदी के पुनरुद्धार की मांग हो रही थी।
अब इसे नमामि गंगे योजनांतर्गत सफाई, सुंदरीकरण और पौधरोपण के लिए चयनित किया गया है। यह कार्य केंद्र सरकार की तरफ से कराया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नमामि गंगे (एनएमसीजी) के प्रोजेक्ट अफसर (नई दिल्ली) डॉ. केपी वर्मा और रिवर एक्सपर्ट हरीश परमार के नेतृत्व में दो सदस्यीय केंद्रीय टीमों ने पांच मई को हेतिमपुर नगर पंचायत स्थित छोटी गंडक नदी का भौतिक निरीक्षण किया।
सिंचाई विभाग के अफसरों ने बताया कि गोमती नदी की तर्ज पर छोटी गंडक में सफाई, दोनों तटों पर पौधरोपण, घाटों का सुंदरीकरण कराने के अलावा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जगह-जगह सुंदर पार्क बनाए जाएंगे।
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महराजगंज और कुशीनगर जिले से होते हुए देवरिया जिले के अंतिम छोर पर सरयू नदी में मिलने वाली इस नदी के किनारे पौधरोपण कराया जाएगा। घाटों का सुंदरीकरण भी होगी।
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परियोजना का आकलन करने के लिए दिल्ली से दो सदस्यीय टीम ने तीन दिन पहले हेतिमपुर में नदी का निरीक्षण किया था। जल्द ही इसके लिए डीपीआर तैयार होगा।अपने उद्गम से लेकर सरयू नदी के संगम तक छोटी गंडक नदी की कुल लंबाई 226 किमी है। इसमें से 104 किमी हिस्सा देवरिया में है।
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देवरिया, भाटपार रानी और सलेमपुर तहसील से गुजरने वाली इस नदी के घाटों पर मेला तो लगता ही है, अंतिम संस्कार भी होते हैं।
पिछले कुछ वर्षों से नदी के किनारे हो रहे अवैध खनन और जगह-जगह नालों का पानी गिरने से नदी का वजूद खतरे में पड़ गया है। पटनवा पुल पर नदी बरसाती नाला जैसी दिखने लगी है, इसलिए नदी के पुनरुद्धार की मांग हो रही थी।
अब इसे नमामि गंगे योजनांतर्गत सफाई, सुंदरीकरण और पौधरोपण के लिए चयनित किया गया है। यह कार्य केंद्र सरकार की तरफ से कराया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नमामि गंगे (एनएमसीजी) के प्रोजेक्ट अफसर (नई दिल्ली) डॉ. केपी वर्मा और रिवर एक्सपर्ट हरीश परमार के नेतृत्व में दो सदस्यीय केंद्रीय टीमों ने पांच मई को हेतिमपुर नगर पंचायत स्थित छोटी गंडक नदी का भौतिक निरीक्षण किया।
सिंचाई विभाग के अफसरों ने बताया कि गोमती नदी की तर्ज पर छोटी गंडक में सफाई, दोनों तटों पर पौधरोपण, घाटों का सुंदरीकरण कराने के अलावा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जगह-जगह सुंदर पार्क बनाए जाएंगे।