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Deoria News: हालात सुधारने के लिए लिया समूह लोन, चुकाने में तबाह हो रही जिंदगी
Fri, 28 Mar 2025 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:30 AM IST
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लोन से पीड़ित अजमेरी खातून का घर।
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को शिकार बना रहे माइक्रो फाइनेंस कंपनियोंं के एजेंट, वसूल रहे मन माफिक ब्याज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। हालात से उबरने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंट के जाल में फंसकर समूह लोन ले लेती हैं। एजेंट भी मामूली औपचारिकता पर लोन उपलब्ध करा देते हैं। इसके बाद मनमाने तरीके से ब्याज के साथ लोन की वसूली शुरू हो जाती है। ऐसे में ब्याज चुकाने के चक्कर में परिवार तबाह हो रहा है। समय पर लोन नहीं चुकाने पर एजेंट दुर्व्यवहार ही नहीं घर का सामान भी उठा ले जाते हैं।
लार थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी अजमेरी खातून की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। किसी काम से कुछ माह पहले एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी से 40 हजार रुपये लोन लेने की इच्छा जाहिर की। दूसरे दिन कंपनी का एजेंट उनके घर पहुंच गया। बिना समझे अजमेरी ने एजेंट के कहने पर फाइलों पर हस्ताक्षर कर दिया। इसके बाद एजेंट ने 40 हजार रुपये का लोन दे दिया।
अजमेरी ने बताया कि वह किस्त के रूप में 1860 रुपये प्रति माह दे रही है। यदि किस्त देने में देर हो जात थी तो एजेंट घर पर आकर धमकी देता था। बुधवार को कंपनी के कुछ एजेंट दोपहर में महिला के घर पहुंचे। महिला पर किस्त चुकाने का दबाव बनाने लगे। महिला ने समय मांगा तो इन्कार कर दिया। आरोप है कि बदले में घर की बकरियां ले जाने की बात कह धमकाने लगे। यह देख पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनू यादव सहित ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। भीड़ की नाराजगी देख एजेंट मौके से खिसक लिए।
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वहीं रामनगर गांव की पवित्रा ने बीमार पड़ने पर इलाज के लिए एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी से 30 हजार रुपये का लोन लिया था। समय से लोन का किस्त हर महीने देती हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन भी लेट होने पर एजेंट फोन और घर आकर किस्त भरने का दबाव बनाते हैं। कभी-कभी ये ऐसी बातें कहते हैं कि बुरा लगता है। उनके दबाव से आजिज आकर पूरा परिवार तनाव में रहने लगा है।
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एजेंटों के धमकाने पर ट्रेन के आगे कूद कर महिला दे चुकी है जान
लार थाना क्षेत्र की महिला इंद्रावती देवी ने दो समूहों से लोन ले रखा था। लोन चुकता करने का एजेंट लगातार दबाव बनाते थे। गृहस्थी का सामान उठा ले जाने की धमकी देते थे। इससे वह अवसाद में रहने लगी थी। 17 अक्टूबर 24 को उसने मुरासो गांव के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि लार थाना क्षेत्र के स्वर गांव की इंद्रावती देवी के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इलाज के नाम पर एक समूह से 1.80 लाख और दूसरे समूह से 40 हजार रुपये लोन लिया था। शुरू में समय पर किस्त जमा करती रही। बाद में किस्त जमा करने में समस्या आने लगी थी।
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पांच से 10 वर्षों में गांव-गांव बिछा दिए जाल
माइक्रो फाइनेंस की कम्पनियां पांच से 10 वर्षों के भीतर गांव-गांव तक जाल फैला लिया है। समूह बनाकर कर्ज देने वाली एक दर्जन से अधिक कंपनियां क्रियाशील हैं। कर्ज लेने वाली महिलाओं ने बताया कि कंपनियों के एजेंट गांव के किसी एक महिला के घर पहुंचते हैं। उसके घर बैठ महिला के सहयोग से कुछ अन्य महिलाओं को बुलवाते हैं। इसके बाद लोन बांटने के नियम बताते हैं। सीधी-साधी महिलाएं इनके झांसे में आकर बिना सोचे-समझे लोन ले लेती हैं। जबकि नियम यह है कि समूह लोन रोजगार के संबंध में दिया जाना चाहिए, ताकि इससे कुछ उद्यम स्थापित कर सके।
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वर्जन
अब तक उनके पास लोन से संबंधित शिकायत नहीं आईहहै। यदि कोई शिकायत आती है तो जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
दीपक शुक्ला, सीओ सलेमपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। हालात से उबरने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंट के जाल में फंसकर समूह लोन ले लेती हैं। एजेंट भी मामूली औपचारिकता पर लोन उपलब्ध करा देते हैं। इसके बाद मनमाने तरीके से ब्याज के साथ लोन की वसूली शुरू हो जाती है। ऐसे में ब्याज चुकाने के चक्कर में परिवार तबाह हो रहा है। समय पर लोन नहीं चुकाने पर एजेंट दुर्व्यवहार ही नहीं घर का सामान भी उठा ले जाते हैं।
लार थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी अजमेरी खातून की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। किसी काम से कुछ माह पहले एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी से 40 हजार रुपये लोन लेने की इच्छा जाहिर की। दूसरे दिन कंपनी का एजेंट उनके घर पहुंच गया। बिना समझे अजमेरी ने एजेंट के कहने पर फाइलों पर हस्ताक्षर कर दिया। इसके बाद एजेंट ने 40 हजार रुपये का लोन दे दिया।
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अजमेरी ने बताया कि वह किस्त के रूप में 1860 रुपये प्रति माह दे रही है। यदि किस्त देने में देर हो जात थी तो एजेंट घर पर आकर धमकी देता था। बुधवार को कंपनी के कुछ एजेंट दोपहर में महिला के घर पहुंचे। महिला पर किस्त चुकाने का दबाव बनाने लगे। महिला ने समय मांगा तो इन्कार कर दिया। आरोप है कि बदले में घर की बकरियां ले जाने की बात कह धमकाने लगे। यह देख पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनू यादव सहित ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। भीड़ की नाराजगी देख एजेंट मौके से खिसक लिए।
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वहीं रामनगर गांव की पवित्रा ने बीमार पड़ने पर इलाज के लिए एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी से 30 हजार रुपये का लोन लिया था। समय से लोन का किस्त हर महीने देती हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन भी लेट होने पर एजेंट फोन और घर आकर किस्त भरने का दबाव बनाते हैं। कभी-कभी ये ऐसी बातें कहते हैं कि बुरा लगता है। उनके दबाव से आजिज आकर पूरा परिवार तनाव में रहने लगा है।
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एजेंटों के धमकाने पर ट्रेन के आगे कूद कर महिला दे चुकी है जान
लार थाना क्षेत्र की महिला इंद्रावती देवी ने दो समूहों से लोन ले रखा था। लोन चुकता करने का एजेंट लगातार दबाव बनाते थे। गृहस्थी का सामान उठा ले जाने की धमकी देते थे। इससे वह अवसाद में रहने लगी थी। 17 अक्टूबर 24 को उसने मुरासो गांव के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि लार थाना क्षेत्र के स्वर गांव की इंद्रावती देवी के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इलाज के नाम पर एक समूह से 1.80 लाख और दूसरे समूह से 40 हजार रुपये लोन लिया था। शुरू में समय पर किस्त जमा करती रही। बाद में किस्त जमा करने में समस्या आने लगी थी।
पांच से 10 वर्षों में गांव-गांव बिछा दिए जाल
माइक्रो फाइनेंस की कम्पनियां पांच से 10 वर्षों के भीतर गांव-गांव तक जाल फैला लिया है। समूह बनाकर कर्ज देने वाली एक दर्जन से अधिक कंपनियां क्रियाशील हैं। कर्ज लेने वाली महिलाओं ने बताया कि कंपनियों के एजेंट गांव के किसी एक महिला के घर पहुंचते हैं। उसके घर बैठ महिला के सहयोग से कुछ अन्य महिलाओं को बुलवाते हैं। इसके बाद लोन बांटने के नियम बताते हैं। सीधी-साधी महिलाएं इनके झांसे में आकर बिना सोचे-समझे लोन ले लेती हैं। जबकि नियम यह है कि समूह लोन रोजगार के संबंध में दिया जाना चाहिए, ताकि इससे कुछ उद्यम स्थापित कर सके।
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वर्जन
अब तक उनके पास लोन से संबंधित शिकायत नहीं आईहहै। यदि कोई शिकायत आती है तो जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
दीपक शुक्ला, सीओ सलेमपुर