{"_id":"62224a42f1d6f979177c538d","slug":"the-death-of-two-crpf-personnel-in-the-accident-created-a-ruckus-salempur-news-gkp42889730","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में सीआरपीएफ के दो जवानों की मौत से मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में सीआरपीएफ के दो जवानों की मौत से मचा कोहराम
विज्ञापन
हादसे में सीआरपीएफ के दो जवानों की मौत से मचा कोहराम
प्रतापपुर/लार। चुनाव ड्यूटी के लिए निकले जनपद निवासी सीआरपीएफ के दो जवानों की बस्ती में सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी जीप की ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही दोनों के परिवार में कोहराम मच गया।
बनकटा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के दरगी चक टोला निवासी सीआरपीएफ धर्मेंद्र राम (38) की बस्ती जिला के थाना मुंडेरवा क्षेत्र में ड्यूटी करने के बाद एनएच 28 हाईवे से जीप में सवार होकर सातवें चरण के चुनाव ड्यूटी के लिए वाराणसी जा रहे थे। इसी दौरान खोजा वाला पुलिस चौकी के समीप ट्रक से जीप की टक्कर हो गई। हादसे में सीआरपीएफ के जवान की मौके पर मौत हो गई। सीआरपीएफ जवान की पत्नी ब्यूटी की रुलाई नहीं थम रही थी। बेटी ईशा, सुहाना, रंजना और बेटा विक्रमा भी बिलख रहे थे। बड़े भाई अशोक राम अहमदाबाद प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। पिता शुगर फैक्ट्री से सेवानिवृत्त होकर घर पर रहते हैं। बेटे की मौत की जानकारी होने पर पिता भी दहाड़े मार कर रोने लगे। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे।
दूसरी ओर जीप से जौनपुर जा रहे सीआरपीएफ के जवान जयप्रकाश यादव (38) निवासी सहियांगढ़ थाना लार की भी इस हादसे में मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, जयप्रकाश यादव की तैनाती झारखंड के पलामू में 112वीं बटालियन में थी। वह अपने बटालियन के साथियों के साथ चुनाव कराने बस्ती जनपद गए थे। सकुशल चुनाव संपन्न होने के बाद बृहस्पतिवार की रात्रि अपनी बटालियन के साथियों के साथ जौनपुर के लिए जीप से चले। रास्ते में हादसा हो गया। पति के मौत की खबर मिलते ही पत्नी बेबी यादव गश खाकर गिर पड़ीं।
विज्ञापन
मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला। वहीं पिता की मौत से बेटी सुमन यादव, शोभा यादव, बेटा श्याम यादव व छोटी बेटी रागिनी यादव सदमे में हैं। जयप्रकाश, तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। घटना के बाद से गांव का माहौल गमगीन है। पिता रामदास यादव को लोग ढांढस बंधा रहे थे। जवान का शव देर रात गांव लाया गया। भगलपुर के काली चरण घाट पर बेटे श्याम यादव ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोग की आंखें नम हो र्गइं। उनके सम्मान में जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी।
गांव आने पर युवाओं को सेना में जाने के लिए देते थे टिप्स
लार। जयप्रकाश यादव जब भी गांव आते थे तो वह युवाओं के बीच काफी समय बिताते थे। वह हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के साथ फोर्स में जाने की प्रेरणा देने के साथ टिप्स भी देते थे। वह चाहते थे की गांव के युवा जिम्मेदार नागरिक बनें। गांव के कमलेश यादव कहते हैं कि वह काफी मिलनसार थे। जब भी गांव आते थे तो सभी का कुशल क्षेम पूछते थे। बड़ों का आदर करते थे। गगन पांडेय ने कहा कि वह यारों के यार थे। वह बचपन से ही निर्भीक थे। हमेशा सेना में जाने की बात करते थे। फोन पर अक्सर बातचीत करते थे। गांव के प्रधान रामाश्रय यादव ने कहा कि एक माह पूर्व छुट्टी पर आए थे। सभी से हाल-चाल लेने के बाद चुनाव में ड्यूटी जाने की बात कह चले गए। बोले कि कुशल चुनाव कराने के बाद गांव लौटूंगा तो सभी से मुलाकात होगी।
विज्ञापन
प्रतापपुर/लार। चुनाव ड्यूटी के लिए निकले जनपद निवासी सीआरपीएफ के दो जवानों की बस्ती में सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी जीप की ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही दोनों के परिवार में कोहराम मच गया।
बनकटा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के दरगी चक टोला निवासी सीआरपीएफ धर्मेंद्र राम (38) की बस्ती जिला के थाना मुंडेरवा क्षेत्र में ड्यूटी करने के बाद एनएच 28 हाईवे से जीप में सवार होकर सातवें चरण के चुनाव ड्यूटी के लिए वाराणसी जा रहे थे। इसी दौरान खोजा वाला पुलिस चौकी के समीप ट्रक से जीप की टक्कर हो गई। हादसे में सीआरपीएफ के जवान की मौके पर मौत हो गई। सीआरपीएफ जवान की पत्नी ब्यूटी की रुलाई नहीं थम रही थी। बेटी ईशा, सुहाना, रंजना और बेटा विक्रमा भी बिलख रहे थे। बड़े भाई अशोक राम अहमदाबाद प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। पिता शुगर फैक्ट्री से सेवानिवृत्त होकर घर पर रहते हैं। बेटे की मौत की जानकारी होने पर पिता भी दहाड़े मार कर रोने लगे। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे।
विज्ञापन
दूसरी ओर जीप से जौनपुर जा रहे सीआरपीएफ के जवान जयप्रकाश यादव (38) निवासी सहियांगढ़ थाना लार की भी इस हादसे में मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, जयप्रकाश यादव की तैनाती झारखंड के पलामू में 112वीं बटालियन में थी। वह अपने बटालियन के साथियों के साथ चुनाव कराने बस्ती जनपद गए थे। सकुशल चुनाव संपन्न होने के बाद बृहस्पतिवार की रात्रि अपनी बटालियन के साथियों के साथ जौनपुर के लिए जीप से चले। रास्ते में हादसा हो गया। पति के मौत की खबर मिलते ही पत्नी बेबी यादव गश खाकर गिर पड़ीं।
विज्ञापन
मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला। वहीं पिता की मौत से बेटी सुमन यादव, शोभा यादव, बेटा श्याम यादव व छोटी बेटी रागिनी यादव सदमे में हैं। जयप्रकाश, तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। घटना के बाद से गांव का माहौल गमगीन है। पिता रामदास यादव को लोग ढांढस बंधा रहे थे। जवान का शव देर रात गांव लाया गया। भगलपुर के काली चरण घाट पर बेटे श्याम यादव ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोग की आंखें नम हो र्गइं। उनके सम्मान में जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी।
गांव आने पर युवाओं को सेना में जाने के लिए देते थे टिप्स
लार। जयप्रकाश यादव जब भी गांव आते थे तो वह युवाओं के बीच काफी समय बिताते थे। वह हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के साथ फोर्स में जाने की प्रेरणा देने के साथ टिप्स भी देते थे। वह चाहते थे की गांव के युवा जिम्मेदार नागरिक बनें। गांव के कमलेश यादव कहते हैं कि वह काफी मिलनसार थे। जब भी गांव आते थे तो सभी का कुशल क्षेम पूछते थे। बड़ों का आदर करते थे। गगन पांडेय ने कहा कि वह यारों के यार थे। वह बचपन से ही निर्भीक थे। हमेशा सेना में जाने की बात करते थे। फोन पर अक्सर बातचीत करते थे। गांव के प्रधान रामाश्रय यादव ने कहा कि एक माह पूर्व छुट्टी पर आए थे। सभी से हाल-चाल लेने के बाद चुनाव में ड्यूटी जाने की बात कह चले गए। बोले कि कुशल चुनाव कराने के बाद गांव लौटूंगा तो सभी से मुलाकात होगी।