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Deoria News: अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह के परिजनों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
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प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
बरहज। अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत मामले में न्याय की मांग करते हुए तहसील परिसर में करीब एक पखवारे से अधिवक्ता आंदोलनरत हैं। बृस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। न्यायिक कार्य का विरत रहते हुए प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि चकनाली पर सड़क बनाया जाना असंवैधानिक है। साथी अधिवक्ता के मौत प्रशासनिक लापरवाही के चलते हुई।
तहसील बार संघ अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव और महामंत्री अमरेश यादव के नेतृत्व में वकीलों ने बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय किया। वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। तत्पश्चात एसडीएम हरिशंकर लाल के कार्यालय के समीप सभा करते हुए अधिवक्ताओं ने हुंकार भरी। वकीलों का कहना था कि सरकार जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। इसके बाद भी कानून के जानकार और साथी अधिवक्ता के विरोध को नजरंदाज किया गया। प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण चकनाली पर 50 फीसदी सड़क बनाई जा चुकी है। मामले में अधिवक्ता साथी के मौत और तत्कालीन एसडीएम के खिलाफ हुई कार्रवाई में जितना दोषी विपिन कुमार द्विवेदी हैं। उतना ही दोषी अन्य जिम्मेदार भी हैं। वकीलों ने कहा कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से गुहार लगाकर न्यायिक जांच की मांग की जाएगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि साथी अधिवक्ता के परिजनों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर तहसील बार संघ के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, श्रवण सिंह, उदयराज चौरसिया, गिरीश वर्मा, चंद्रभान चौरसिया, अम्बिकेश सिंह, तारकेश्वर नाथ तिवारी, रामलाल, एसएन दीक्षित, लक्ष्मी दीक्षित, संतोष सिंह, धात्री पूजिता यादव, नंदकिशोर चौहान, अमित भार्गव, उमेश विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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तहसील बार संघ अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव और महामंत्री अमरेश यादव के नेतृत्व में वकीलों ने बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय किया। वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। तत्पश्चात एसडीएम हरिशंकर लाल के कार्यालय के समीप सभा करते हुए अधिवक्ताओं ने हुंकार भरी। वकीलों का कहना था कि सरकार जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। इसके बाद भी कानून के जानकार और साथी अधिवक्ता के विरोध को नजरंदाज किया गया। प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण चकनाली पर 50 फीसदी सड़क बनाई जा चुकी है। मामले में अधिवक्ता साथी के मौत और तत्कालीन एसडीएम के खिलाफ हुई कार्रवाई में जितना दोषी विपिन कुमार द्विवेदी हैं। उतना ही दोषी अन्य जिम्मेदार भी हैं। वकीलों ने कहा कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से गुहार लगाकर न्यायिक जांच की मांग की जाएगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि साथी अधिवक्ता के परिजनों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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मौके पर तहसील बार संघ के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, श्रवण सिंह, उदयराज चौरसिया, गिरीश वर्मा, चंद्रभान चौरसिया, अम्बिकेश सिंह, तारकेश्वर नाथ तिवारी, रामलाल, एसएन दीक्षित, लक्ष्मी दीक्षित, संतोष सिंह, धात्री पूजिता यादव, नंदकिशोर चौहान, अमित भार्गव, उमेश विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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