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धरने में सरकार की शिक्षा व शिक्षक नीति पर उठाए सवाल
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धरने में सरकार की शिक्षा व शिक्षक नीति पर उठाए सवाल
देवरिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का सामूहिक उपवास एवं धरना कार्यक्रम शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर आयोजित हुआ। इसमें संगठन के पदाधिकारियों व अन्य वक्ताओं ने सरकार की नीतियों को शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ संघर्ष करने का एलान किया। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता को सौंपा।
जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार शिक्षक और कर्मचारी विरोधी है। प्रदेश का शिक्षक एनपीएस को नकार चुका है। वह अपने बुढ़ापे व भविष्य को बाजार के भरोसे नहीं छोड़ सकता। हर कीमत पर पुरानी पेंशन योजना को लागू करवाकर ही दम लिया जाएगा। सरकार शिक्षकों को संघर्ष की बदौलत मिली उपलब्धियों को कम कर रही है। शिक्षा जगत को हतोत्साहित करने वाली नीतियों को लागू किया जा रहा है। वित्तविहीन शिक्षकों के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। शिक्षक साथी संघर्ष के लिए तैयार रहे, यह धरना कार्यक्रम सरकार की नींद को जगाने का काम करेगा। जिला मंत्री दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सरकार कर्मचारी यूनियन एवं शिक्षक संगठनों को समाप्त करने का कुचक्र रच रही है। शिक्षकों की पुरानी पीढ़ी ने जो कुछ हमें सौंपा, उसे समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। कोषाध्यक्ष ब्रह्मा सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों को बांटना चाहती है। समस्याओं के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। शिक्षकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने को विजय भारत सिंह, जयबहादुर गौतम, अभिषेक गौतम, कृपाशंकर द्विवेदी, सर्वेश दीक्षित, गोरख गुप्ता, नागेंद्र सिंह, इंदूशेखर मिश्र, नीरज श्रीवास्तव, रामकृपाल तिवारी, फकरे आलम, नारायण मिश्र, आरके यादव, उमाशंकर दास आदि ने संबोधित किया। इस दौरान प्रधानाचार्य विजय प्रताप श्रीवास्तव, डॉ. मधुसूदन मणि, गोविंद पति त्रिपाठी, हरेंद्र मौर्य, गिरीनेश सिंह, अजीत सिंह, पारसनाथ मिश्र, छेदीलाल वर्मा, अनिल चौबे, रघुबर प्रसाद, अनिल सिंह, मुश्ताक अहमद, उपाध्यक्ष नीरजा सिंह, रवि प्रताप सिंह, जितेंद्र सिंह, अशोक शुक्ल, ओमप्रकाश तिवारी, विजयबहादुर सिंह, मनोज शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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देवरिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का सामूहिक उपवास एवं धरना कार्यक्रम शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर आयोजित हुआ। इसमें संगठन के पदाधिकारियों व अन्य वक्ताओं ने सरकार की नीतियों को शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ संघर्ष करने का एलान किया। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता को सौंपा।
जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार शिक्षक और कर्मचारी विरोधी है। प्रदेश का शिक्षक एनपीएस को नकार चुका है। वह अपने बुढ़ापे व भविष्य को बाजार के भरोसे नहीं छोड़ सकता। हर कीमत पर पुरानी पेंशन योजना को लागू करवाकर ही दम लिया जाएगा। सरकार शिक्षकों को संघर्ष की बदौलत मिली उपलब्धियों को कम कर रही है। शिक्षा जगत को हतोत्साहित करने वाली नीतियों को लागू किया जा रहा है। वित्तविहीन शिक्षकों के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। शिक्षक साथी संघर्ष के लिए तैयार रहे, यह धरना कार्यक्रम सरकार की नींद को जगाने का काम करेगा। जिला मंत्री दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सरकार कर्मचारी यूनियन एवं शिक्षक संगठनों को समाप्त करने का कुचक्र रच रही है। शिक्षकों की पुरानी पीढ़ी ने जो कुछ हमें सौंपा, उसे समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। कोषाध्यक्ष ब्रह्मा सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों को बांटना चाहती है। समस्याओं के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। शिक्षकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने को विजय भारत सिंह, जयबहादुर गौतम, अभिषेक गौतम, कृपाशंकर द्विवेदी, सर्वेश दीक्षित, गोरख गुप्ता, नागेंद्र सिंह, इंदूशेखर मिश्र, नीरज श्रीवास्तव, रामकृपाल तिवारी, फकरे आलम, नारायण मिश्र, आरके यादव, उमाशंकर दास आदि ने संबोधित किया। इस दौरान प्रधानाचार्य विजय प्रताप श्रीवास्तव, डॉ. मधुसूदन मणि, गोविंद पति त्रिपाठी, हरेंद्र मौर्य, गिरीनेश सिंह, अजीत सिंह, पारसनाथ मिश्र, छेदीलाल वर्मा, अनिल चौबे, रघुबर प्रसाद, अनिल सिंह, मुश्ताक अहमद, उपाध्यक्ष नीरजा सिंह, रवि प्रताप सिंह, जितेंद्र सिंह, अशोक शुक्ल, ओमप्रकाश तिवारी, विजयबहादुर सिंह, मनोज शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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