फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Take shape of new city without master plan, trouble will come later

Deoria News: बिना मास्टर प्लान के आकार ले आ नया शहर, बाद में आएगी मुसीबत

Fri, 16 Feb 2024 02:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 16 Feb 2024 02:46 PM IST
सार

देवरिया में 2031 के मास्टर प्लान के इंतजार में  फिलहाल नक्शे स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। 1981 में बने मास्टर प्लान में 2001 तक डेढ़ लाख की आबादी के अनुमान से विकास का खाका खींचा गया था, लेकिन उसके बाद मास्टर प्लान संशोधित नहीं हुआ। 

विज्ञापन
Take shape of new city without master plan, trouble will come later
पिडरा मुहल्ले में सकरी सडक।संवाद

विस्तार

 बिना मास्टर प्लान के ही देवरिया शहर नया आकार ले रहा है। नगर पालिका परिषद देवरिया और विनियमित क्षेत्र के 74 गांवों में धारा-80 की स्वीकृति के बाद भी नक्शा नहीं बन पा रहा है, जबकि मजबूरी में लोग निर्माण भी करा रहे हैं। ऐसे लोगों को यह भय भी सता रहा है कि मास्टर प्लान का पालन कराने के दौरान उनके जीवन की गाढ़ी कमाई से बने मकानों पर जेसीबी न चल जाए।

विज्ञापन


1981 में बने मास्टर प्लान में 2001 तक डेढ़ लाख की आबादी के अनुमान से विकास का खाका खींचा गया था, लेकिन उसके बाद मास्टर प्लान संशोधित नहीं हुआ। पहले के मास्टर प्लान में शहर का आकार छोटा था और अब उस क्षेत्र में इक्का-दुक्का जमीन है, जहां निर्माण संभव है। नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय में दो दशक पुराने मास्टर प्लान में जिस स्थान पर जमीन का जो उपयोग दर्ज है, उसी के अनुसार नक्शा पास किया जा रहा है। यही कारण है कि शहर और विनयमित क्षेत्र में नक्शे नहीं बन पा रहे हैं।
विज्ञापन


पुराने शहर में जमीन नहीं बची है, तो लोग शहरी इलाके छोड़कर गांवों में मकान बना रहे हैं। खेतों में तेजी से प्लाटिंग हो रही है, लेकिन मकान निर्माण के लिए नक्शा नहीं बन पा रहा है। लोग धारा-80 के अंतर्गत एसडीएम के आदेश से कृषि भूमि को गैर कृषि घोषित करा रहे हैं। उसके बाद भी नक्शा नहीं बन रहा है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग बिना नक्शे का आवेदन कराए ही निर्माण करा रहे हैं। नगर पालिका परिषद कार्यालय में एक साल में 322 लोगों ने आवेदन किया, जिसमें 110 लोगों के नक्शे स्वीकृत हुए। ये सभी स्थान पुराने शहर में हैं, जहां आवासीय निर्माण के लिए मंजूरी दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मास्टर प्लान में होगा योजनाबद्ध विकास
मास्टर प्लान-2031 को शासन में भेजा गया है। इसमें योजनाबद्ध विकास होना है। प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक एवं कृषि क्षेत्र घोषित होगा। कृषि क्षेत्र में कृषि से संबंधित निर्माण किए जा सकते हैं। जैसे पाॅली हाउस एवं बीज भंडार हो सकता है।

रास्ते का विवाद भी बढ़ा

अधिवक्ता अरविंद गिरी ने बताया कि नक्शा स्वीकृत नहीं होने के कारण जमीन के विवाद भी बढ़ रहे हैं। नए मास्टर प्लान में 30 फीट रास्ता होना चाहिए, जबकि प्रापर्टी डीलरों ने 12 फीट रास्ता छोड़ा है। इतने रास्ते में दोनाें ओर नाली निकल गई तो सड़क सकरी हो जाती है। कुछ मामलों में जमीन बेचने वालों ने दोनों ओर के खरीदारों को छह-छह फीट का रास्ता बेच दिया है। योजना बताई कि दोनों लोग छह-छह फीट जगह छोड़ेंगे तो 12 फीट रास्ता बन जाएगा।

इसमें एक खरीदार ने छह फीट दूसरी ओर छोड़ दी तो रास्ता छह फीट ही बचता है। ऐसे मामले ज्यादा आ रहे हैं। नियम के अनुसार जमीन की प्लाटिंग करने वाले व्यक्ति को 30 फीट रास्ता छोड़ना चाहिए और उसे नगर पालिका परिषद को समर्पित कर देना चाहिए। विक्रेता भले ही पूरी जमीन की कीमत लें, लेकिन रास्ता बेचना नहीं चाहिए।

निकाला जाएगा बीच का रास्ता

नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह ने बताया कि मकान का नक्शा स्वीकृत नहीं होने के कारण लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और शहर का योजनाबद्ध विकास भी नहीं हो रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जाएगी।

सभासद  प्रियंका वर्मा ने दावा किया कि नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक 22 फरवरी को होनी है। इसमें मकान के नक्शे का मुद्दा को उठाएंगी।  इस मामले में सभासदों ने बैठक भी की थी, क्याेंकि यह बड़ी समस्या है।

अभियंता बृजेश यादव ने बताया  कि मास्टर प्लान स्वीकृत नहीं होने के कारण जमीन का वर्गीकरण नहीं हो रहा है। इसी नियम के आधार पर नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दो-तीन माह में मास्टर प्लान स्वीकृत हो जाएगा।


जबकि, सर्वेक्षक अवधेस लाल श्रीवास्तव ने बताया कि मकान निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं होना शहर की सबसे बड़ी समस्या है। नक्शा स्वीकृत नहीं हो रहा है, इस कारण लोग आवेदन भी नहीं कर रहे हैं। शहर का बेतरतीब विकास हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed