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इलाज के अभाव में छात्रा की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/देवरिया
Updated Fri, 29 Jan 2016 11:42 PM IST
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सीएचसी में इलाज के अभाव में जोगिया गांव की छात्रा की मौत पर गांव वालों ने जमकर बवाल काटा। उन्होंने शुक्रवार की सुबह जोगिया चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
गांव वालों ने लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की मांग की। गुस्साए गांव वालों के सड़क जाम करने से रुद्रपुर -पिड़रा मार्ग पर तीन घंटे आवागमन बाधित रहा।
मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। गांववालों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय दिया है।
जोगिया गांव के रहने वाले रमाशंकर पासवान की बेटी अनीता (12) गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ती थी। बृहस्पतिवार की रात उसकी तबीयत खराब हो गई।
रमाशंकर के अनुसार उसके गले में परेशानी होने पर घर वाले सीएचसी रुद्रपुर ले गए। रात को 11 बजे सीएचसी पहुंचे घर वालों को अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला।
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लड़की के पिता ने बताया कि वह लोग भाग कर अधीक्षक डॉ. आरपी यादव के आवास पर पहुंचे। करीब आधा घंटा दरवाजा खटखटाने के बाद भी वह बाहर नहीं निकले।
डॉक्टर के बाहर नहीं आने पर मरीज के साथ आए लोग दरवाजा पीटने लगे। लड़की के पिता के अनुसार जब डॉक्टर बाहर आए तो वह नाराज होकर सबको भगाने लगे।
उन्होंने बीमार बच्ची का इलाज करने से मना कर दिया। डॉक्टर के अमानवीय व्यवहार के कारण इलाज के अभाव में रात को दो बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल से बेटी का शव लेकर गांव पहुंचते ही पूरा गांव गुस्से से तमतमा गया। जोगिया के ग्राम प्रधान रमेश पासवान के साथ गांव वालों ने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। गुस्साए गांव वालों ने अधीक्षक के खिलाफ कई घंटे नारेबाजी की।
उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तीन दिन के अंदर कार्रवाई नहीं होने पर तहसील का घेराव करने के लिए कहा। धरना देने वालों में विक्रम सिंह, काशीनाथ प्रदीप पासवान, दिनेश यादव, मुकेश सहित सैकड़ों गांववाले रहे।
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गांव वालों ने लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की मांग की। गुस्साए गांव वालों के सड़क जाम करने से रुद्रपुर -पिड़रा मार्ग पर तीन घंटे आवागमन बाधित रहा।
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मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। गांववालों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय दिया है।
जोगिया गांव के रहने वाले रमाशंकर पासवान की बेटी अनीता (12) गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ती थी। बृहस्पतिवार की रात उसकी तबीयत खराब हो गई।
रमाशंकर के अनुसार उसके गले में परेशानी होने पर घर वाले सीएचसी रुद्रपुर ले गए। रात को 11 बजे सीएचसी पहुंचे घर वालों को अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला।
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लड़की के पिता ने बताया कि वह लोग भाग कर अधीक्षक डॉ. आरपी यादव के आवास पर पहुंचे। करीब आधा घंटा दरवाजा खटखटाने के बाद भी वह बाहर नहीं निकले।
डॉक्टर के बाहर नहीं आने पर मरीज के साथ आए लोग दरवाजा पीटने लगे। लड़की के पिता के अनुसार जब डॉक्टर बाहर आए तो वह नाराज होकर सबको भगाने लगे।
उन्होंने बीमार बच्ची का इलाज करने से मना कर दिया। डॉक्टर के अमानवीय व्यवहार के कारण इलाज के अभाव में रात को दो बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल से बेटी का शव लेकर गांव पहुंचते ही पूरा गांव गुस्से से तमतमा गया। जोगिया के ग्राम प्रधान रमेश पासवान के साथ गांव वालों ने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। गुस्साए गांव वालों ने अधीक्षक के खिलाफ कई घंटे नारेबाजी की।
उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तीन दिन के अंदर कार्रवाई नहीं होने पर तहसील का घेराव करने के लिए कहा। धरना देने वालों में विक्रम सिंह, काशीनाथ प्रदीप पासवान, दिनेश यादव, मुकेश सहित सैकड़ों गांववाले रहे।