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अभी और भी फर्जी शिक्षक हैं एसटीएफ के निशाने पर
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अभी और भी फर्जी शिक्षक हैं एसटीएफ के निशाने पर
देवरिया। फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के निशाने पर जिले के कुछ और शिक्षक आ गए हैं। एजेंसी ने इनकी धरपकड़ के लिए एक बार फिर से इनकी कुंडली तैयार करनी शुरू कर दी है। जल्द ही कुछ और शिक्षकों को भी गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। इनमें से अधिकांश ऐसे शिक्षक हैं, जो शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन प्रक्रिया के शुरू होने के बाद से ही वह विद्यालय नहीं जा रहे हैं।
मंगलवार को गोरखपुर एसटीएफ इकाई ने भाटपाररानी ब्लॉक के जगरनाथ छपरा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक केशवकांत मिश्र पुत्र रामजी मिश्र निवासी हरनही थाना सलेमपुर को विद्यालय से ही गिरफ्तार कर लिया था। उन पर आरोप है कि वह कमल कुमार मिश्र पुत्र भृगुनाथ मिश्र निवासी ग्राम सीकरी खुर्द, थाना सिकरारा, जौनपुर के प्रमाण पत्रों के आधार पर यहां प्रधानाध्यापक पद पर तैनात था। पूूछताछ में उसने स्वीकार भी किया कि वर्ष 2008 में उसे एक मास्टर माइंड ने कमल किशोर मिश्र के नाम का दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। इस मामले में एसटीएफ ने पहले ही मास्टर माइंड को अपने गिरफ्त में ले लिया था। उसी से पूछताछ के आधार पर मंगलवार की कार्रवाई की गई। उस मास्टर माइंड ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर कई लोगों को शिक्षक पद पर नौकरी दिलाई है। अब तक यह जांच एजेंसी की पकड़ से दूर थे, क्योंकि अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से यह हर बार जांच से बच जाते थे। अब जबसे यह जांच एसटीएफ को दी गई है, दूसरे के प्रमाण पत्रों के आधार पर एवं मिलते-जुलते नामों वाले फर्जी शिक्षकों के रातों की नींद ही उड़ी हुई है। सरकार की ओर से प्रत्येक शिक्षक के प्रमाण पत्रों का पुन: सत्यापन कराया जा रहा है, इसके साथ ही सभी के रिकॉर्ड मानव संपदा पोर्टल पर भी अपलोड किए जा रहे हैं, ऐसे में फर्जीवाड़ा कर नौकरी करने वाले शिक्षकों की कलई एक-एक कर खुल रही है।
एसटीएफ की ओर से अभी पकड़े गए शिक्षक की आख्या नहीं उपलब्ध कराई गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपित शिक्षक को विभाग की ओर से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। फर्जी मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई होगी।
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- संतोष कुमार राय, बीएसए
पुलिस महानिदेशक, लखनऊ को फर्जी शिक्षकों के संबंध में लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही भाटपाररानी से आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है। पूर्व में पकड़े गए मास्टर माइंड मुक्तिनाथ ने कई और शिक्षकों के राज उगले हैं, जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सत्य प्रकाश सिंह, एसटीएफ गोरखपुर इकाई के प्रभारी
बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात बाबुुओं से पूछताछ करेगी एसटीएफ
भाटपाररानी ब्लॉक के जगरनाथ छपरा प्राथमिक विद्यालय पर तैनात प्रधानाध्यापक केशव कांत मिश्र को एसटीएफ ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। भटनी थाने में केस दर्ज होने के बाद आरोपित को बुधवार को जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार प्रधानाध्यापक से मिली जानकारी के अनुसार रैकेट में शामिल मझौलीराज निवासी मुक्तिनाथ व अश्वनी श्रीवास्तव के अलावा कुछ लोग अन्य लोग संलिप्त हैं।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में बहुत जल्द एसटीएफ की टीम बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात कुछ बाबुओं से पूछताछ कर सकती है। पकड़े गए आरोपित के पीछे एसटीएफ कुछ महीनों पूर्व से लगी हुई थी। उसके खिलाफ भटनी थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करा स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरोपित शिक्षक से पूछताछ के बाद बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात कुछ बाबुओं के नाम भी सामने आए हैं। जांच में दोषी मिलने पर कुछ बाबुओं पर भी गाज गिर सकती है। एसटीएफ प्रभारी गोरखपुर सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि जांच में बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात कुछ बाबुओं के नाम सामने आए हैं। जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी।
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देवरिया। फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के निशाने पर जिले के कुछ और शिक्षक आ गए हैं। एजेंसी ने इनकी धरपकड़ के लिए एक बार फिर से इनकी कुंडली तैयार करनी शुरू कर दी है। जल्द ही कुछ और शिक्षकों को भी गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। इनमें से अधिकांश ऐसे शिक्षक हैं, जो शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन प्रक्रिया के शुरू होने के बाद से ही वह विद्यालय नहीं जा रहे हैं।
मंगलवार को गोरखपुर एसटीएफ इकाई ने भाटपाररानी ब्लॉक के जगरनाथ छपरा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक केशवकांत मिश्र पुत्र रामजी मिश्र निवासी हरनही थाना सलेमपुर को विद्यालय से ही गिरफ्तार कर लिया था। उन पर आरोप है कि वह कमल कुमार मिश्र पुत्र भृगुनाथ मिश्र निवासी ग्राम सीकरी खुर्द, थाना सिकरारा, जौनपुर के प्रमाण पत्रों के आधार पर यहां प्रधानाध्यापक पद पर तैनात था। पूूछताछ में उसने स्वीकार भी किया कि वर्ष 2008 में उसे एक मास्टर माइंड ने कमल किशोर मिश्र के नाम का दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। इस मामले में एसटीएफ ने पहले ही मास्टर माइंड को अपने गिरफ्त में ले लिया था। उसी से पूछताछ के आधार पर मंगलवार की कार्रवाई की गई। उस मास्टर माइंड ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर कई लोगों को शिक्षक पद पर नौकरी दिलाई है। अब तक यह जांच एजेंसी की पकड़ से दूर थे, क्योंकि अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से यह हर बार जांच से बच जाते थे। अब जबसे यह जांच एसटीएफ को दी गई है, दूसरे के प्रमाण पत्रों के आधार पर एवं मिलते-जुलते नामों वाले फर्जी शिक्षकों के रातों की नींद ही उड़ी हुई है। सरकार की ओर से प्रत्येक शिक्षक के प्रमाण पत्रों का पुन: सत्यापन कराया जा रहा है, इसके साथ ही सभी के रिकॉर्ड मानव संपदा पोर्टल पर भी अपलोड किए जा रहे हैं, ऐसे में फर्जीवाड़ा कर नौकरी करने वाले शिक्षकों की कलई एक-एक कर खुल रही है।
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एसटीएफ की ओर से अभी पकड़े गए शिक्षक की आख्या नहीं उपलब्ध कराई गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपित शिक्षक को विभाग की ओर से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। फर्जी मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई होगी।
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- संतोष कुमार राय, बीएसए
पुलिस महानिदेशक, लखनऊ को फर्जी शिक्षकों के संबंध में लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही भाटपाररानी से आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है। पूर्व में पकड़े गए मास्टर माइंड मुक्तिनाथ ने कई और शिक्षकों के राज उगले हैं, जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सत्य प्रकाश सिंह, एसटीएफ गोरखपुर इकाई के प्रभारी
बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात बाबुुओं से पूछताछ करेगी एसटीएफ
भाटपाररानी ब्लॉक के जगरनाथ छपरा प्राथमिक विद्यालय पर तैनात प्रधानाध्यापक केशव कांत मिश्र को एसटीएफ ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। भटनी थाने में केस दर्ज होने के बाद आरोपित को बुधवार को जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार प्रधानाध्यापक से मिली जानकारी के अनुसार रैकेट में शामिल मझौलीराज निवासी मुक्तिनाथ व अश्वनी श्रीवास्तव के अलावा कुछ लोग अन्य लोग संलिप्त हैं।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में बहुत जल्द एसटीएफ की टीम बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात कुछ बाबुओं से पूछताछ कर सकती है। पकड़े गए आरोपित के पीछे एसटीएफ कुछ महीनों पूर्व से लगी हुई थी। उसके खिलाफ भटनी थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करा स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरोपित शिक्षक से पूछताछ के बाद बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात कुछ बाबुओं के नाम भी सामने आए हैं। जांच में दोषी मिलने पर कुछ बाबुओं पर भी गाज गिर सकती है। एसटीएफ प्रभारी गोरखपुर सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि जांच में बीएसए व डायट कार्यालय में तैनात कुछ बाबुओं के नाम सामने आए हैं। जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी।