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एसटीएफ ने फिर खंगाला फर्जी शिक्षकों का रिकार्ड
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एसटीएफ ने लेखा अनुभाग में खंगाला फर्जी शिक्षकों का रिकॉर्ड
बुधवार की दोपहर में लखनऊ से आई चार सदस्यीय टीम ने लिया ब्योरा
लेखाधिकारी कार्यालय में जमी रही टीम, लेखाधिकारी से की पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण की जांच कर रही एसटीएफ टीम बुधवार को भी बीएसए कार्यालय में जमी रही। सदस्यों ने वित्त व लेखाधिकारी से कुछ शिक्षकों के रिकॉर्ड तलब किए और इनके संबंध में उनसे पूछताछ की। जांच टीम के पुन: आने से बीएसए कार्यालय में हड़कंप रहा, वहीं, जांच की जद में आए शिक्षकों के दिलों की धड़कनें तेज रहीं।
शिक्षक भर्ती प्रकरण में बड़ा फर्जीवाड़ा होने की शिकायतों के बाद देवरिया जनपद पहले से ही शासन के रडार पर है। जब से एसटीएफ इस मामले की जांच कर रही है, उसके निशाने पर लगातार कार्यालय के कुछ बाबू हैं। बीते वर्ष18 जुलाई की रात में एसटीएफ ने शहर से सटे दानोपुर से फर्जीवाड़े के सरगना अश्वनी कुमार श्रीवास्तव और मुक्तिनाथ को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में एजेंसी को जिले में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के संबंध में कई अहम जानकारियां मिलीं। दोनों ने वर्ष 2010 के बाद से हुई भर्तियों में नियुक्ति और वेरीफिकेशन पटल देख रहे कर्मचारियों एवं तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़े में इनका अहम योगदान होना बताया था। मामले की जांच को लेकर कई बार एसटीएफ संदिग्ध शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों के संबंध में रिकॉर्ड हासिल कर चुकी है। कुछ शिक्षकों के पैनकार्ड व आधार नंबर में हेरफेर किए जाने की शिकायत के बाद टीम की जांच केंद्र में अब लगातार लेखा अनुभाग है। हालांकि, लेखा के बाबू व अन्य कर्मचारी टीम के आने के संबंध में कुछ भी बताने से हिचकिचाते रहें। इस संबंध में वित्त व लेखाधिकारी जगदीश श्रीवास्तव के मोबाइल नंबर पर फोन करने पर उन्होंने रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष मिलने के बाद उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। उधर, प्रभारी बीएसए ओपी यादव ने बताया कि वह गोरखपुर में एक मीटिंग में शामिल होने गए थे, उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
लखनऊ टीम ने कुछ शिक्षकों का लिया रिकॉर्ड
एसटीएफ गोरखपुर के प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि लखनऊ एसटीएफ की टीम बुधवार को बीएसए कार्यालय गई थी। टीम ने वहां से जांच की जद में आए कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्रों व आधार व पैनकार्ड के जानकारी लेने के साथ ही कुछ शिक्षकों के संबंध में रिकॉर्ड तलब किया। गोरखपुर व लखनऊ की टीम संयुक्त रूप से फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। साथ ही लेखाधिकारी से भी संदिग्ध शिक्षकों के बारे में पूछताछ की गई है। इस माह के अंत तक देवरिया जिले में बड़ी कार्रवाई होगी।
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बुधवार की दोपहर में लखनऊ से आई चार सदस्यीय टीम ने लिया ब्योरा
लेखाधिकारी कार्यालय में जमी रही टीम, लेखाधिकारी से की पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण की जांच कर रही एसटीएफ टीम बुधवार को भी बीएसए कार्यालय में जमी रही। सदस्यों ने वित्त व लेखाधिकारी से कुछ शिक्षकों के रिकॉर्ड तलब किए और इनके संबंध में उनसे पूछताछ की। जांच टीम के पुन: आने से बीएसए कार्यालय में हड़कंप रहा, वहीं, जांच की जद में आए शिक्षकों के दिलों की धड़कनें तेज रहीं।
शिक्षक भर्ती प्रकरण में बड़ा फर्जीवाड़ा होने की शिकायतों के बाद देवरिया जनपद पहले से ही शासन के रडार पर है। जब से एसटीएफ इस मामले की जांच कर रही है, उसके निशाने पर लगातार कार्यालय के कुछ बाबू हैं। बीते वर्ष18 जुलाई की रात में एसटीएफ ने शहर से सटे दानोपुर से फर्जीवाड़े के सरगना अश्वनी कुमार श्रीवास्तव और मुक्तिनाथ को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में एजेंसी को जिले में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के संबंध में कई अहम जानकारियां मिलीं। दोनों ने वर्ष 2010 के बाद से हुई भर्तियों में नियुक्ति और वेरीफिकेशन पटल देख रहे कर्मचारियों एवं तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़े में इनका अहम योगदान होना बताया था। मामले की जांच को लेकर कई बार एसटीएफ संदिग्ध शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों के संबंध में रिकॉर्ड हासिल कर चुकी है। कुछ शिक्षकों के पैनकार्ड व आधार नंबर में हेरफेर किए जाने की शिकायत के बाद टीम की जांच केंद्र में अब लगातार लेखा अनुभाग है। हालांकि, लेखा के बाबू व अन्य कर्मचारी टीम के आने के संबंध में कुछ भी बताने से हिचकिचाते रहें। इस संबंध में वित्त व लेखाधिकारी जगदीश श्रीवास्तव के मोबाइल नंबर पर फोन करने पर उन्होंने रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष मिलने के बाद उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। उधर, प्रभारी बीएसए ओपी यादव ने बताया कि वह गोरखपुर में एक मीटिंग में शामिल होने गए थे, उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
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लखनऊ टीम ने कुछ शिक्षकों का लिया रिकॉर्ड
एसटीएफ गोरखपुर के प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि लखनऊ एसटीएफ की टीम बुधवार को बीएसए कार्यालय गई थी। टीम ने वहां से जांच की जद में आए कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्रों व आधार व पैनकार्ड के जानकारी लेने के साथ ही कुछ शिक्षकों के संबंध में रिकॉर्ड तलब किया। गोरखपुर व लखनऊ की टीम संयुक्त रूप से फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। साथ ही लेखाधिकारी से भी संदिग्ध शिक्षकों के बारे में पूछताछ की गई है। इस माह के अंत तक देवरिया जिले में बड़ी कार्रवाई होगी।
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