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एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
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एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
रामपुर कारखाना (देवरिया)। थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में पत्नी की मौत के 10 घंटे बाद पति की भी मौत हो गई। दोनों की अर्थी एक साथ उठी। रविवार दोपहर बाद में पटनवापुल पर स्थित छोटी गंडक नदी किनारे दोनों का दाह संस्कार हुआ।
रामपुर कारखाना विकासखंड के सारंगपुर गांव में प्रभावती देवी (58) की तबियत कुछ दिन से खराब चल रही थी। पति कुबेर पांडेय और बेटा बजरंगी, क्षत्रिय और गोबर पांडेय उनकी देखभाल में लगे थे। शनिवार की रात नौ बजे प्रभावती की मौत हो गई। दाह संस्कार रविवार की सुबह करने का परिजनों ने फैसला किया। ग्राम प्रधान श्रीनिवास यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्कू पांडेय समेत दर्जनों ग्रामीणों की देखरेख में तड़के प्रभावती की अर्थी सजने लगी। रविवार की सुबह 8 बजे तक उनकी अर्थी सज गई और परिजन उन्हें घाट पर ले जाने की तैयारी करने लगे। यह देख गुमसुम बैठे कुबेर पांडेय (60) बदहवास हो गए। थोड़ी देर बाद ही उनकी भी मौत हो गई। इस बात की जानकारी मिलते ही आसपास के गांव के लोग सारंगपुर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों की अर्थी सजानी शुरू कर दी।
दोपहर बाद ग्रामीण दोनों की अर्थी लेकर देवरिया-कसया मार्ग स्थित पटनवापुल छोटी गंडक नदी किनारे पहुंचे। परिजनों ने दोनों की चिताएं सजाईं। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में छोटे पुत्र ने दोनों को मुखाग्नि दी। एक साथ पति-पत्नी की चिता जलते देख घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान मुन्ना यादव, इकबाल अहमद, रामबदन यादव, राहुल पांडे, शेषनाथ पांडेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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रामपुर कारखाना (देवरिया)। थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में पत्नी की मौत के 10 घंटे बाद पति की भी मौत हो गई। दोनों की अर्थी एक साथ उठी। रविवार दोपहर बाद में पटनवापुल पर स्थित छोटी गंडक नदी किनारे दोनों का दाह संस्कार हुआ।
रामपुर कारखाना विकासखंड के सारंगपुर गांव में प्रभावती देवी (58) की तबियत कुछ दिन से खराब चल रही थी। पति कुबेर पांडेय और बेटा बजरंगी, क्षत्रिय और गोबर पांडेय उनकी देखभाल में लगे थे। शनिवार की रात नौ बजे प्रभावती की मौत हो गई। दाह संस्कार रविवार की सुबह करने का परिजनों ने फैसला किया। ग्राम प्रधान श्रीनिवास यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्कू पांडेय समेत दर्जनों ग्रामीणों की देखरेख में तड़के प्रभावती की अर्थी सजने लगी। रविवार की सुबह 8 बजे तक उनकी अर्थी सज गई और परिजन उन्हें घाट पर ले जाने की तैयारी करने लगे। यह देख गुमसुम बैठे कुबेर पांडेय (60) बदहवास हो गए। थोड़ी देर बाद ही उनकी भी मौत हो गई। इस बात की जानकारी मिलते ही आसपास के गांव के लोग सारंगपुर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों की अर्थी सजानी शुरू कर दी।
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दोपहर बाद ग्रामीण दोनों की अर्थी लेकर देवरिया-कसया मार्ग स्थित पटनवापुल छोटी गंडक नदी किनारे पहुंचे। परिजनों ने दोनों की चिताएं सजाईं। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में छोटे पुत्र ने दोनों को मुखाग्नि दी। एक साथ पति-पत्नी की चिता जलते देख घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान मुन्ना यादव, इकबाल अहमद, रामबदन यादव, राहुल पांडे, शेषनाथ पांडेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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