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कस्तूरबा विद्यालयों के कुछ और शिक्षकों को मिल सकती है अंतरिम राहत

Mon, 30 Nov 2020 11:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2020 11:25 PM IST
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some more teachers of kasturba schools may get relief
कस्तूरबा विद्यालयों के कुछ और शिक्षकों को मिल सकती है अंतरिम राहत
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देवरिया। जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में तैनात रहीं और जुलाई में बर्खास्त कुछ और शिक्षकों को कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। एक साथ 14 अध्यापकों को बर्खास्त किए जाने के बाद कुछ ने इस निर्णय के खिलाफ न्यायालय की शरण ली थी। एक शिक्षक के पक्ष में न्यायालय ने निर्णय भी दे दिया है। ऐसे में कोर्ट से अन्य शिक्षकों को भी इस मामले में राहत मिलने की संभावना बढ़ी है।
उधर, बेसिक कार्यालय के अधिकारी व जिला समन्वयक बालिका शिक्षा संबधित शिक्षकों की फाइलों को ढूंढने में लगे हुए हैं। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में तैनात रहे 14 शिक्षक- शिक्षिकाओं को जुलाई में फर्जी प्रमाण के आधार पर बर्खास्त किया जाना अब जिला बेसिक कार्यालय के लिए नासूर बनता जा रहा है। निर्णय के खिलाफ कई शिक्षकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसमें से गौरीबाजार में तैनात रही एक शिक्षिका को राहत भी मिल गई थी। इस शिक्षिका के संबंध में मिली राहत पर अमल न किए जाने एवं कोर्ट की अवमानना पर बीएसए के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गत बुधवार को जारी कर दिया था। अब उन्हें 15 दिसंबर को खुद उपस्थित होकर कोर्ट अपना पक्ष रखना है।
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अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जिले में शुरू हुई जांच
जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में तैनात शिक्षक-शिक्षिकाओं के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच जून में शुरू हुई थी। सत्यापन में 14 शिक्षकों के प्रमाण पत्र कूटरचित ढंग से तैयार होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद 15 जुलाई को एक वार्डेन समेत 14 पूर्णकालिक, अंशकालिक व उर्दू शिक्षक की संविदा समाप्त करते हुए इन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इसके पूर्व 24 जून को कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लार की वार्डेन को फर्जी व कूटरचित प्रमाण पत्र पर नौकरी करते पाए जाने पर बर्खास्त किया गया था। एक सप्ताह बाद ही तत्कालीन बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने इनके खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराया गया था।
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कस्तूरबा विद्यालयों की बर्खास्त शिक्षिकाओं के संबंध में जो भी न्यायालय का निर्णय होगा। उसका जवाब कोर्ट में ही दिया जाएगा। अंतरिम राहत के संबंध में कोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही कार्रवाई होगी। -संतोष कुमार राय, बीएसए
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