{"_id":"6478dd0476feca588b0c98c8","slug":"smuggled-gold-being-consumed-in-the-district-deoria-news-c-7-1-190597-2023-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: जिले में खपाया जा रहा तस्करी का सोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: जिले में खपाया जा रहा तस्करी का सोना
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सोना तस्करी का मामला सामने आने पर अमित सहित अन्य तस्करों से सोना खरीदने वाले कुछ कारोबारियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए हैं। कार्रवाई के डर से वह भूमिगत हो रहे हैं। हाल के वर्षों से जिले में सोना की खरीदारी में तेजी से इजाफा हुआ है। सोना तस्करी के खेल में सफेदपोश और पुलिस की मिलीभगत भी है।
शहर के गायत्रीपुरम निवासी अमित वर्मा सोना तस्करी करने वाले गिरोह की एक मजबूत कड़ी है। दिखावे के लिए दुकान खोला हुआ था, लेकिन इसका असली धंधा सोना तस्करी का है। सूत्रों के अनुसार तो कई ऐसे बड़े लोग हैं जिनके तार सोना तस्करों से जुड़े हैं। कुछ लोगों ने कोलकाता और दिल्ली में अपना आफिस बना लिया है। इसके जरिए सोना तस्करी का काम होता है। बताया जाता है कि अमित के गिरोह में जिले के करीब पांच युवक शामिल हैं। इतना ही नहीं एक-दो महिलाएं भी तस्करी का काम करती हैं। म्यांमार, बैंकाक से कोलकाता तक सोना लाया जाता है, यहीं से लोकल नेटवर्क के हवाले तस्करी का खेल होता है। बंगाल की तरफ से गोरखपुर, दिल्ली सहित अन्य जगहों पर जाने वाली ट्रेनों के जरिए तस्करी की जा रही है। इन तस्करों की सबसे खास बात यह है कि बिना तामझाम सामान्य व्यक्ति की तरह रहते हैं। सोने को झोले में रखकर ठिकाने तक पहुंचाते हैं। अगर पुलिस की नजर पड़ गई तो पूरा नेटवर्क उसे छुड़ाने में जुट जाता है। जबकि कुछ स्वर्ण व्यवसायियों ने नाम छापने की दशा में बताया कि जिले में सोने की खपत तेजी से बढ़ी है। पूरे जिले में जेवर, बिस्कुट और गिल्ली के रूप में काफी सोना खपाया जा रहा है। सोने की अधिक खपत को देखते हुए तस्करों की भी नजर सर्राफा बाजार पर रहती है। गोरखपुर, सिवान, गोपालगंज, कुशीनगर सहित कई जनपदों में जिले से सोने का कारोबार होता है। इसके कारण गलत तरीके से व्यवसाय करने वालों की नजर रहती है।
-- -- -- -- -- कोट: - सोना तस्कर के बारे में कस्टम से इनपुट जुटाया जा रहा है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ट्रेनों की नियमित चेंकिंग की जाती है। इस गिरोह को सूचीबद्ध भी करने का काम किया जा रहा है।
विज्ञापन
सुधाकर उपाध्यायए एसओ जीआरपी
विज्ञापन
देवरिया। सोना तस्करी का मामला सामने आने पर अमित सहित अन्य तस्करों से सोना खरीदने वाले कुछ कारोबारियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए हैं। कार्रवाई के डर से वह भूमिगत हो रहे हैं। हाल के वर्षों से जिले में सोना की खरीदारी में तेजी से इजाफा हुआ है। सोना तस्करी के खेल में सफेदपोश और पुलिस की मिलीभगत भी है।
शहर के गायत्रीपुरम निवासी अमित वर्मा सोना तस्करी करने वाले गिरोह की एक मजबूत कड़ी है। दिखावे के लिए दुकान खोला हुआ था, लेकिन इसका असली धंधा सोना तस्करी का है। सूत्रों के अनुसार तो कई ऐसे बड़े लोग हैं जिनके तार सोना तस्करों से जुड़े हैं। कुछ लोगों ने कोलकाता और दिल्ली में अपना आफिस बना लिया है। इसके जरिए सोना तस्करी का काम होता है। बताया जाता है कि अमित के गिरोह में जिले के करीब पांच युवक शामिल हैं। इतना ही नहीं एक-दो महिलाएं भी तस्करी का काम करती हैं। म्यांमार, बैंकाक से कोलकाता तक सोना लाया जाता है, यहीं से लोकल नेटवर्क के हवाले तस्करी का खेल होता है। बंगाल की तरफ से गोरखपुर, दिल्ली सहित अन्य जगहों पर जाने वाली ट्रेनों के जरिए तस्करी की जा रही है। इन तस्करों की सबसे खास बात यह है कि बिना तामझाम सामान्य व्यक्ति की तरह रहते हैं। सोने को झोले में रखकर ठिकाने तक पहुंचाते हैं। अगर पुलिस की नजर पड़ गई तो पूरा नेटवर्क उसे छुड़ाने में जुट जाता है। जबकि कुछ स्वर्ण व्यवसायियों ने नाम छापने की दशा में बताया कि जिले में सोने की खपत तेजी से बढ़ी है। पूरे जिले में जेवर, बिस्कुट और गिल्ली के रूप में काफी सोना खपाया जा रहा है। सोने की अधिक खपत को देखते हुए तस्करों की भी नजर सर्राफा बाजार पर रहती है। गोरखपुर, सिवान, गोपालगंज, कुशीनगर सहित कई जनपदों में जिले से सोने का कारोबार होता है। इसके कारण गलत तरीके से व्यवसाय करने वालों की नजर रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुधाकर उपाध्यायए एसओ जीआरपी