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Deoria News: कलराज, रमापति के बाद शशांक ने देवरिया में तीसरी बार खिलाया कमल
Wed, 05 Jun 2024 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 05 Jun 2024 02:51 AM IST
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डीएसएस मतगणना केंद्र से विजयका प्रमाण पत्र मिलने के बाद बाहरनिकले भाजपा प्रत्याशी शशांक मणि त
रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी अखिलेश सिंह को 34,842 मतों के अंतर से हराया
शशांक के पिता श्रीप्रकाश मणि भी भाजपा के टिकट पर 1996 व 1999 में बने थे सांसद
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवरिया का इतिहास काफी पुराना है। माना जाता है कि देवरिया नाम की उत्पत्ति ''देवारण्य'' या ''देवपुरिया'' से हुई थी। गोरखपुर-बस्ती मंडल में देवरिया जनपद ऐसा है, जिसकी विधानसभा सीटें तीन लोकसभा क्षेत्रों में पड़ती हैं।
सदर लोकसभा में देवरिया, पथरदेवा और रामपुर कारखाना विधानसभा हैं। सलेमपुर संसदीय क्षेत्र में सलेमपुर और भाटपाररानी है, जबकि बांसगांव में बरहज और रुद्रपुर विधानसभा है। देवरिया संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत कुल पांच विधानसभा सीटें तमकुही राज, फाजिलनगर, देवरिया सदर, पथरदेवा और रामपुर कारखाना हैं। पांचों पर भाजपा का कब्जा है। देश की आजादी के बाद 1952 में हुए पहले आम चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस की जीत हुई थी। लंबे समय तक इस सीट पर कांग्रेस का ही दबदबा रहा। 1996 और 1999 में इस सीट से मौजूदा भाजपा प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी के पिता श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) इस सीट से भाजपा के ही टिकट पर सांसद बने थे। वर्ष 2014 के आम चुनाव में देवरिया संसदीय सीट से भाजपा के कलराज मिश्रा ने जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 4,96,500 वोट हासिल हुए थे। उन्होंने बसपा के नियाज अहमद को 2,65,386 वोटों से हराया था। उस चुनाव में तीसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी के बालेश्वर यादव रहे। उन्हें कुल 1,50,852 वोट मिले थे। इस सीट पर कांग्रेस चौथे स्थान पर रही।
इसी तरह 2019 के लोकसभा चुनाव में देवरिया से भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को उतारा। रमापित राम त्रिपाठी कुल 5,80,644 मत हासिल कर विजयी रहे। वहीं, बसपा के विनोद कुमार जायसवाल को 3,30,713 वोट मिले। कांग्रेस के नियाज अहमद खान 51,056 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। इस बार बाहरी प्रत्याशी के अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा शीर्ष नेतृत्व में श्रीप्रकाश मणि के पुत्र व समाजसेवी शशांक मणि को उम्मीदवार बनाकर सारी अटकलों पर विराम लगा दिया।
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इस चुनाव में शशांक मणि के सामने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक अखिलेश सिंह को सपा व कांग्रेस गठबंधन ने अपना प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा। अखिलेश सिंह ने इस पर खरा उतरते हुए पुरजोर तरीके से जनसंपर्क करते हुए मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन, मतदाताओं के भरोसे को जीतने में नाकामयाब रहे। शशांक मणि ने अखिलेश सिंह को 34,842 मतों के अंतर से हराकर देवरिया में लगातार तीसरी बार कमल खिलाने का कार्य किया। शशांक मणि को 5 लाख चार हजार 541 मत मिले। वहीं, अखिलेश सिंह को 4 लाख 69 हजार 699 मत मिले। तीसरे स्थान पर रहे बसपा के संदेश यादव को 45 हजार 564 मत ही मिले।
पार्टी प्रत्याशी मिले मत
इंडियन नेशनल कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह 4,69,699
भारतीय जनता पार्टी शशांक मणि 5,04,541
बहुजन समाज पार्टी संदेश यादव 45,564
राष्ट्रीय समानता दल अगर स्वरूप 3182
जनता समता पार्टी मुक्तिनाथ सिंह 3264
निर्दलीय प्रत्याशी रफीक अंसारी 2688
निर्दलीय प्रत्याशी सत्येंद्र कुमार मल्ल 4158
नोटा नोटा 10,203
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शशांक के पिता श्रीप्रकाश मणि भी भाजपा के टिकट पर 1996 व 1999 में बने थे सांसद
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवरिया का इतिहास काफी पुराना है। माना जाता है कि देवरिया नाम की उत्पत्ति ''देवारण्य'' या ''देवपुरिया'' से हुई थी। गोरखपुर-बस्ती मंडल में देवरिया जनपद ऐसा है, जिसकी विधानसभा सीटें तीन लोकसभा क्षेत्रों में पड़ती हैं।
सदर लोकसभा में देवरिया, पथरदेवा और रामपुर कारखाना विधानसभा हैं। सलेमपुर संसदीय क्षेत्र में सलेमपुर और भाटपाररानी है, जबकि बांसगांव में बरहज और रुद्रपुर विधानसभा है। देवरिया संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत कुल पांच विधानसभा सीटें तमकुही राज, फाजिलनगर, देवरिया सदर, पथरदेवा और रामपुर कारखाना हैं। पांचों पर भाजपा का कब्जा है। देश की आजादी के बाद 1952 में हुए पहले आम चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस की जीत हुई थी। लंबे समय तक इस सीट पर कांग्रेस का ही दबदबा रहा। 1996 और 1999 में इस सीट से मौजूदा भाजपा प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी के पिता श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) इस सीट से भाजपा के ही टिकट पर सांसद बने थे। वर्ष 2014 के आम चुनाव में देवरिया संसदीय सीट से भाजपा के कलराज मिश्रा ने जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 4,96,500 वोट हासिल हुए थे। उन्होंने बसपा के नियाज अहमद को 2,65,386 वोटों से हराया था। उस चुनाव में तीसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी के बालेश्वर यादव रहे। उन्हें कुल 1,50,852 वोट मिले थे। इस सीट पर कांग्रेस चौथे स्थान पर रही।
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इसी तरह 2019 के लोकसभा चुनाव में देवरिया से भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को उतारा। रमापित राम त्रिपाठी कुल 5,80,644 मत हासिल कर विजयी रहे। वहीं, बसपा के विनोद कुमार जायसवाल को 3,30,713 वोट मिले। कांग्रेस के नियाज अहमद खान 51,056 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। इस बार बाहरी प्रत्याशी के अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा शीर्ष नेतृत्व में श्रीप्रकाश मणि के पुत्र व समाजसेवी शशांक मणि को उम्मीदवार बनाकर सारी अटकलों पर विराम लगा दिया।
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इस चुनाव में शशांक मणि के सामने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक अखिलेश सिंह को सपा व कांग्रेस गठबंधन ने अपना प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा। अखिलेश सिंह ने इस पर खरा उतरते हुए पुरजोर तरीके से जनसंपर्क करते हुए मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन, मतदाताओं के भरोसे को जीतने में नाकामयाब रहे। शशांक मणि ने अखिलेश सिंह को 34,842 मतों के अंतर से हराकर देवरिया में लगातार तीसरी बार कमल खिलाने का कार्य किया। शशांक मणि को 5 लाख चार हजार 541 मत मिले। वहीं, अखिलेश सिंह को 4 लाख 69 हजार 699 मत मिले। तीसरे स्थान पर रहे बसपा के संदेश यादव को 45 हजार 564 मत ही मिले।
पार्टी प्रत्याशी मिले मत
इंडियन नेशनल कांग्रेस अखिलेश प्रताप सिंह 4,69,699
भारतीय जनता पार्टी शशांक मणि 5,04,541
बहुजन समाज पार्टी संदेश यादव 45,564
राष्ट्रीय समानता दल अगर स्वरूप 3182
जनता समता पार्टी मुक्तिनाथ सिंह 3264
निर्दलीय प्रत्याशी रफीक अंसारी 2688
निर्दलीय प्रत्याशी सत्येंद्र कुमार मल्ल 4158
नोटा नोटा 10,203