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Deoria News: शंकर, हनुमान की मूर्ति की हुई प्राण प्रतिष्ठा
Mon, 17 Jun 2024 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 17 Jun 2024 02:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के कतरारी स्थित महासविता योगाश्रम में नवनिर्मित मंदिर में रविवार को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भगवान शंकर और हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई। आचार्य मयंक एवं आचार्यों सुशील चतुर्वेदी मधुर, विनोद, गोविंद मनीष, शुभम, निशांत ने विधिवत पूजन कराया। कथावाचक यादवेंद्र दत्त महराज ने श्री शिव महापुराण कथा का रसपान कराया। कथा की पूर्णाहुति भी हुई।आश्रम के महंत अच्युतानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर संस्कृति एवं ज्ञान के केंद्र होते हैं। साध्वी रिद्धिमा ने संचालन किया।
शिवेंद्र, श्याम, विनोद मिश्र, चंद्रप्रकाश आदि कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद विशाल भंडारा का आयोजन किया। इसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर शिक्षाविद तेज प्रताप सिंह, स्वामी अभयानंद गिरी लार मठ स्वामी अद्वैतानंद, स्वामी रामसुंदर दास, स्वामी परमात्मा दास, स्वामी विद्या भूषण, संत प्रज्ञानंद महराज मौजूद रहे।
प्रेम जागृति विद्यापीठ के प्रधानाचार्य जयशिव मिश्र, विजय मिश्र, नवीन, श्रीप्रकाश, भास्कर उर्फ गोलू, बालमुकुंद, रवि, अनुज, अंकुर, अरुणेश, धनंजय, शशांक, शांवी, हर्ष, अमन आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
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देवरिया। शहर के कतरारी स्थित महासविता योगाश्रम में नवनिर्मित मंदिर में रविवार को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भगवान शंकर और हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई। आचार्य मयंक एवं आचार्यों सुशील चतुर्वेदी मधुर, विनोद, गोविंद मनीष, शुभम, निशांत ने विधिवत पूजन कराया। कथावाचक यादवेंद्र दत्त महराज ने श्री शिव महापुराण कथा का रसपान कराया। कथा की पूर्णाहुति भी हुई।आश्रम के महंत अच्युतानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर संस्कृति एवं ज्ञान के केंद्र होते हैं। साध्वी रिद्धिमा ने संचालन किया।
शिवेंद्र, श्याम, विनोद मिश्र, चंद्रप्रकाश आदि कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद विशाल भंडारा का आयोजन किया। इसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर शिक्षाविद तेज प्रताप सिंह, स्वामी अभयानंद गिरी लार मठ स्वामी अद्वैतानंद, स्वामी रामसुंदर दास, स्वामी परमात्मा दास, स्वामी विद्या भूषण, संत प्रज्ञानंद महराज मौजूद रहे।
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प्रेम जागृति विद्यापीठ के प्रधानाचार्य जयशिव मिश्र, विजय मिश्र, नवीन, श्रीप्रकाश, भास्कर उर्फ गोलू, बालमुकुंद, रवि, अनुज, अंकुर, अरुणेश, धनंजय, शशांक, शांवी, हर्ष, अमन आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
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