{"_id":"64b58d34918aa69dd70597a4","slug":"serve-patients-with-service-and-dedication-dr-manglesh-deoria-news-c-208-1-deo1001-1644-2023-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवा और समर्पण भाव से करें मरीजों की सेवा : डॉ. मंगलेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवा और समर्पण भाव से करें मरीजों की सेवा : डॉ. मंगलेश
विज्ञापन
एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को दिलाई गई चरक शपथ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ह्वाइट कोट सेरेमनी का आयोजन सोमवार को प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर लेक्चर थियेटर प्रथम में किया गया। इसमें एमबीबीएस प्रथम सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को सफेद कोट पहनाया गया और चरक शपथ दिलाई गई।
मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल में दाखिला के बाद कल के आप डॉक्टर हैं। डॉक्टर की समाज के प्रति बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। वह सेवा और समर्पण भाव से मरीजों की सेवा करें। कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करें। किताबी ज्ञान को डॉक्टर बनकर जीवन में चरितार्थ करें। सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी कहा कि सफेद कोट (अपरन) केवल डॉक्टर का परिधान ही नहीं है। इसे धारण करने के साथ ही सेवा का व्रत लेना होगा। डॉक्टर को भगवान के रूप में देखा जाता है। ऐसे में ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की जरूरत है।
विशिष्ठ अतिथि आरएसएस के क्षेत्रीय सह संपर्क प्रमुख उत्तर प्रदेश पूर्वी जोन के वरिष्ठ प्रचारक मनोज ने कहा कि घर, परिवार छोड़कर दूर आए हैं। मनोयोग से पढ़ाई करें। महर्षि देवरहा बाबा के सेवा भाव से प्रेरणा लेकर मरीज हित कार्य करें। मरीजों बात व्यवहार अच्छा करें, ताकि डॉक्टर के प्रति उसका विश्वास हो जाए। छात्र का सोच, विचार अच्छा होना चाहिए।
विज्ञापन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि सफेद कोट का मतलब शांति, सौम्यता, सरलता है, इसका मान रखें। भारतीय सनातन संस्कृति का आधार संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास और समग्रता से संपूर्ण समाज की सेवा करना है। सफेद कोट सेवा करेंगे तो राष्ट्र का विकास होगा। मरीजों के साथ सकारात्मक भावना होनी चाहिए। निकाम, निस्वार्थ भाव से सेवा करें, ताकि मरीज का कल्याण हो सके। धन लोलुप्ता से दूर रहकर मानवता की सेवा करने की जरूरत है।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने कहा कि पढ़ाई में मन लगाकर एक अच्छा डॉक्टर बनकर कॉलेज का नाम रोशन करें। मरीजों और तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार करें। मरीजों की सेवा व समर्पण भाव ने करें। ऐसा व्यवहार न करें कि मरीज को कष्ट पहुंचे।
इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और देवरहा बाबा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्प अर्चन कर कार्यक्रम की शुरूआत की।
अतिथियों ने कॉलेज के सभी सौ छात्रों को अपरन पहनाया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर ने छात्रों को शपथ दिलाई। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। संचालन शालिनी गुप्ता ने किया।
इस दौरान सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. अजीत पाल, डॉ. एसएस द्विवेदी, डॉ. सिराजुद्दीन, डॉ. प्रतीक केजरीवाल, डॉ. बबीता कपूर, डॉ. अरुनेश कुमार, डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. शुभम उपाध्याय, डाॅ. इकबाल, डॉ. अंबु पांडेय, डॉ. कन्हैया, डॉ. पवन त्रिवेदी, डॉ. कल्पना पुरोहित, डॉ. रीतिका जायसवाल, ले.कर्नल रीतेश कुमार आदि मौजूद रहे।
-- -- -- -- --
कल्पोस्कोप मशीन का किया गया शुभारंभ
ह्वाइट कोट सेरेमनी और चरक शपथ कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में सर्वाइकल कैंसर जांच के लिए लगी मशीन का अतिथियों ने शुभारंभ किया। मशीन की कीमत साढ़े तीन लाख रुपये है। इसके शुरू होने से महिलाओं के जांच में आसानी होगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ह्वाइट कोट सेरेमनी का आयोजन सोमवार को प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर लेक्चर थियेटर प्रथम में किया गया। इसमें एमबीबीएस प्रथम सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को सफेद कोट पहनाया गया और चरक शपथ दिलाई गई।
मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल में दाखिला के बाद कल के आप डॉक्टर हैं। डॉक्टर की समाज के प्रति बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। वह सेवा और समर्पण भाव से मरीजों की सेवा करें। कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करें। किताबी ज्ञान को डॉक्टर बनकर जीवन में चरितार्थ करें। सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी कहा कि सफेद कोट (अपरन) केवल डॉक्टर का परिधान ही नहीं है। इसे धारण करने के साथ ही सेवा का व्रत लेना होगा। डॉक्टर को भगवान के रूप में देखा जाता है। ऐसे में ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की जरूरत है।
विज्ञापन
विशिष्ठ अतिथि आरएसएस के क्षेत्रीय सह संपर्क प्रमुख उत्तर प्रदेश पूर्वी जोन के वरिष्ठ प्रचारक मनोज ने कहा कि घर, परिवार छोड़कर दूर आए हैं। मनोयोग से पढ़ाई करें। महर्षि देवरहा बाबा के सेवा भाव से प्रेरणा लेकर मरीज हित कार्य करें। मरीजों बात व्यवहार अच्छा करें, ताकि डॉक्टर के प्रति उसका विश्वास हो जाए। छात्र का सोच, विचार अच्छा होना चाहिए।
विज्ञापन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि सफेद कोट का मतलब शांति, सौम्यता, सरलता है, इसका मान रखें। भारतीय सनातन संस्कृति का आधार संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास और समग्रता से संपूर्ण समाज की सेवा करना है। सफेद कोट सेवा करेंगे तो राष्ट्र का विकास होगा। मरीजों के साथ सकारात्मक भावना होनी चाहिए। निकाम, निस्वार्थ भाव से सेवा करें, ताकि मरीज का कल्याण हो सके। धन लोलुप्ता से दूर रहकर मानवता की सेवा करने की जरूरत है।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने कहा कि पढ़ाई में मन लगाकर एक अच्छा डॉक्टर बनकर कॉलेज का नाम रोशन करें। मरीजों और तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार करें। मरीजों की सेवा व समर्पण भाव ने करें। ऐसा व्यवहार न करें कि मरीज को कष्ट पहुंचे।
इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और देवरहा बाबा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्प अर्चन कर कार्यक्रम की शुरूआत की।
अतिथियों ने कॉलेज के सभी सौ छात्रों को अपरन पहनाया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर ने छात्रों को शपथ दिलाई। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। संचालन शालिनी गुप्ता ने किया।
इस दौरान सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. अजीत पाल, डॉ. एसएस द्विवेदी, डॉ. सिराजुद्दीन, डॉ. प्रतीक केजरीवाल, डॉ. बबीता कपूर, डॉ. अरुनेश कुमार, डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. शुभम उपाध्याय, डाॅ. इकबाल, डॉ. अंबु पांडेय, डॉ. कन्हैया, डॉ. पवन त्रिवेदी, डॉ. कल्पना पुरोहित, डॉ. रीतिका जायसवाल, ले.कर्नल रीतेश कुमार आदि मौजूद रहे।
कल्पोस्कोप मशीन का किया गया शुभारंभ
ह्वाइट कोट सेरेमनी और चरक शपथ कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में सर्वाइकल कैंसर जांच के लिए लगी मशीन का अतिथियों ने शुभारंभ किया। मशीन की कीमत साढ़े तीन लाख रुपये है। इसके शुरू होने से महिलाओं के जांच में आसानी होगी।