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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना बंद करें एसबीआई : सतीश कुमार
Wed, 13 Mar 2024 01:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 13 Mar 2024 01:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। माकपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम गिरीश कुमार झा को सौंपा। अपने संबोधन में सतीश कुमार ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि इस देश को हम भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगे। एक असंवैधानिक कानून बनाकर (इलेक्ट्राल बांड) के जरिए चंदा लेकर देश के अंदर पूंजीपति कॉर्पोरेट घरानों को औन-पौने दामों पर सरकारी संपत्तियों को बेचने से लेकर जंगल, जमीन के अधिग्रहण करने का अधिकार देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने सुप्रीम कोर्ट में 2019 में याचिका दाखिल की। इसकी सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस इलेक्ट्राल बांड को असंवैधानिक करार दिया। एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अवहेलना करते हुए चार महीने का वक्त मांगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट और सख्त हुआ और उसने 24 घंटे के अंदर चुनाव आयोग की वेबसाइट पर चंदा देने वालों के नाम उजागर करने का आदेश दिया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ही ऐसी रही जिसने इलेक्ट्रॉल बाड से एक रुपये का चंदा नहीं लिया। सभा को प्रेमचंद यादव, बलविंदर मौर्य ने भी संबोधित किया। इस दौरान संजय गोंड, राजू कुमार गौड़, अनिल कुमार यादव, राम छठू चौहान, आदि मौजूद रहे।
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सलेमपुर। माकपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम गिरीश कुमार झा को सौंपा। अपने संबोधन में सतीश कुमार ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि इस देश को हम भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगे। एक असंवैधानिक कानून बनाकर (इलेक्ट्राल बांड) के जरिए चंदा लेकर देश के अंदर पूंजीपति कॉर्पोरेट घरानों को औन-पौने दामों पर सरकारी संपत्तियों को बेचने से लेकर जंगल, जमीन के अधिग्रहण करने का अधिकार देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने सुप्रीम कोर्ट में 2019 में याचिका दाखिल की। इसकी सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस इलेक्ट्राल बांड को असंवैधानिक करार दिया। एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अवहेलना करते हुए चार महीने का वक्त मांगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट और सख्त हुआ और उसने 24 घंटे के अंदर चुनाव आयोग की वेबसाइट पर चंदा देने वालों के नाम उजागर करने का आदेश दिया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ही ऐसी रही जिसने इलेक्ट्रॉल बाड से एक रुपये का चंदा नहीं लिया। सभा को प्रेमचंद यादव, बलविंदर मौर्य ने भी संबोधित किया। इस दौरान संजय गोंड, राजू कुमार गौड़, अनिल कुमार यादव, राम छठू चौहान, आदि मौजूद रहे।
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