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Deoria News: कुरह परसियां के पास बंधे से टकरा रही सरयू
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बरहज के कपरवार स्थित कुरह परसियां बंधे पर दबाव बनाती सरयू संवाद
ग्रामीणों ने कहा-जियो बैग कटर बनाकर सुरक्षित किया जा सकता है गांव, समय से नहीं चेते तो मचेगी तबाही
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में पिछले दिनों नेपाल से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी बंधों से सटकर बहने लगा है। नदी में विलीन कुरह परसियां पिच मार्ग के पास सरयू बंधे से टकरा रही है, जिससे आसपास रहने वालों में खतरा बढ़ गया है। जियो बैग कटर बनाकर समय से गांवों को सुरक्षित नहीं किया गया तो नदी भारी तबाही मचा सकती है। हालांकि विभाग ने बाढ़ से बचाव के लिए करीब एक हजार मिट्टी से भरी बोरियों का स्टॉक करा रखा है।
सरयू और राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी आई है। दिल्ली सहित अन्य प्रांतों में आई बाढ़ और नदी के तेवर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। जलस्तर के बढ़ने से नदी कपरवार संगम तट से कटइलवा गांव तक बने नवीन बंधे से सटकर बह रही है। कपरवार संगम और रवींद्र यादव के छावनी के पास नदी बंधे से सीधे टकरा रही है। नदी की धारा का वेग तेज हो गई है। शनिवार को बाढ़ खंड विभाग के जेई नागेंद्र प्रताप सिंह बंधों पर जगह-जगह मिट्टी का ढेर था। करीब 1000 प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरवा रहे थे। अखिलेश सिंह, ज्ञान सिंह, हनुमान गुप्त आदि का कहना है कि नवीन बांध बनने से फिलहाल गनीमत है। नदी बंधे से जिस प्रकार टकरा रही है। बाढ़ आने पर काफी नुकसान हो सकता है। मिट्टी भरी बोरियां ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगी। समय से कटर बनवा लिया गया तो कुछ हद तक राहत मिलेगी।
कोट-
बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां कराई जा रही हैं। गांवों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में पिछले दिनों नेपाल से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी बंधों से सटकर बहने लगा है। नदी में विलीन कुरह परसियां पिच मार्ग के पास सरयू बंधे से टकरा रही है, जिससे आसपास रहने वालों में खतरा बढ़ गया है। जियो बैग कटर बनाकर समय से गांवों को सुरक्षित नहीं किया गया तो नदी भारी तबाही मचा सकती है। हालांकि विभाग ने बाढ़ से बचाव के लिए करीब एक हजार मिट्टी से भरी बोरियों का स्टॉक करा रखा है।
सरयू और राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी आई है। दिल्ली सहित अन्य प्रांतों में आई बाढ़ और नदी के तेवर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। जलस्तर के बढ़ने से नदी कपरवार संगम तट से कटइलवा गांव तक बने नवीन बंधे से सटकर बह रही है। कपरवार संगम और रवींद्र यादव के छावनी के पास नदी बंधे से सीधे टकरा रही है। नदी की धारा का वेग तेज हो गई है। शनिवार को बाढ़ खंड विभाग के जेई नागेंद्र प्रताप सिंह बंधों पर जगह-जगह मिट्टी का ढेर था। करीब 1000 प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरवा रहे थे। अखिलेश सिंह, ज्ञान सिंह, हनुमान गुप्त आदि का कहना है कि नवीन बांध बनने से फिलहाल गनीमत है। नदी बंधे से जिस प्रकार टकरा रही है। बाढ़ आने पर काफी नुकसान हो सकता है। मिट्टी भरी बोरियां ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगी। समय से कटर बनवा लिया गया तो कुछ हद तक राहत मिलेगी।
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कोट-
बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां कराई जा रही हैं। गांवों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग