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सरयू नदी भागलपुर में खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर
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सरयू नदी भागलपुर में खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर
भागलपुर। बारिश के चलते सरजू नदी के जल स्तर में दूसरे दिन भी बढ़त जारी रही। नदी के अप्रत्याशित परिवर्तन से तटीय लोगों के होश उड़ गए हैं। सोमवार से हो रही बढ़ोतरी मंगलवार को आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ ली। नदी खतरा निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी में हफ्ते भर से उतार-चढ़ाव जारी था। लेकिन मंगलवार को नदी में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी होने लगी। नदी में अगले 24 घंटे जलस्तर में वृद्धि जारी रहेगी। रेगुलेटर पर निगरानी रखी जा रही है। तुर्तीपार रेगुलेटर पर खतरे का निशान 64 मीटर 30 सेंटीमीटर है और नदी मंगलवार को दोपहर 65 मीटर 10 सेंटीमीटर पर पहुंच गई। जो खतरा निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ विभाग की लापरवाही से मईल भागलपुर मार्ग पर जगह जगह रैट होल है। पानी रिहायशी इलाकों की ओर फैलने लगा है। तुर्तीपार केंद्रीय जल आयोग के जेई ने बताया कि बारिश की वजह से नदी का पानी बढ़ रहा है आगे और भी पानी के बढ़ने के आसार हैं। जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोले पानी से घिरे, चारे का संकट गहराया
बरहज। सरयू नदी में आए सैलाब से तटवर्ती क्षेत्रों में पानी ही पानी हो गया है। जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी में आए बाढ़ के कारण भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोले पानी से घिर गए हैं। पिछले दो दिनों के स्थिरता के बाद सरयू नदी के जलस्तर में 13 सेमी की बढ़त दर्ज किया गया है। नदी के अचानक करवट लेने से लोगों में दहशत है।
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सरयू नदी खतरे के निशान 66.50मीटर से एक मीटर 13 सेमी ऊपर 67.63 मीटर पर बह रही है। सरयू में बाढ़ से राप्ती भी उफान पर है। नदी में दो दिनों के स्थिरता देखी गई थी। लोगों ने भी राहत महसूस की थी। मंगलवार को जलस्तर में 13 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों और आश्रय स्थलियों को अलर्ट कर दिया है। आए बाढ़ के कारण नदी खेतों के रास्ते गांवों की ओर बढ़ रही है। जबकि रामजानकी मार्ग और बिनवापुरी के समीप कपरवार-रुद्रपुर मार्ग तक पहुंच गई है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि दर्ज किया गया है।
शहर के मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुसने से बढ़ी दुश्वारियां
बरहज। सरयू नदी में आए सैलाब से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी नाली-नालों के रास्ते नगर के कुछ मोहल्लों के सड़कों पर पहुंच गया है। जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। सरयू के जलस्तर में हो रहे निरंतर बढ़त से नदी पटेल नगर पूर्वी, जहाज घाट संत रविदास मंदिर के निकट, पुरंदरनाथ मंदिर सड़कों पर पानी पहुंच गया है। सड़क तक आए बाढ़ के पानी के कारण मोहल्ले के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
नाव बढ़ाने की मांग
बरहज। सरयू और राप्ती में आई बाढ़ से नदी का पानी गांवों तक पहुंच गया है। जबकि कृषि भूमि मैरुंड हो गई हैं। नदियों में उमड़ रहे से भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रशासन की ओर से भदिला प्रथम में सात और परसियां-विशुनपुर देवार में पांच नावें लगाई गई हैं। नदी को विकराल होता देख आवागमन में सहूलियत को लेकर बाढ़ग्रस्त गांवों के लोगों ने नावें बढ़ाने की मांग की है।
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भागलपुर। बारिश के चलते सरजू नदी के जल स्तर में दूसरे दिन भी बढ़त जारी रही। नदी के अप्रत्याशित परिवर्तन से तटीय लोगों के होश उड़ गए हैं। सोमवार से हो रही बढ़ोतरी मंगलवार को आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ ली। नदी खतरा निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी में हफ्ते भर से उतार-चढ़ाव जारी था। लेकिन मंगलवार को नदी में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी होने लगी। नदी में अगले 24 घंटे जलस्तर में वृद्धि जारी रहेगी। रेगुलेटर पर निगरानी रखी जा रही है। तुर्तीपार रेगुलेटर पर खतरे का निशान 64 मीटर 30 सेंटीमीटर है और नदी मंगलवार को दोपहर 65 मीटर 10 सेंटीमीटर पर पहुंच गई। जो खतरा निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ विभाग की लापरवाही से मईल भागलपुर मार्ग पर जगह जगह रैट होल है। पानी रिहायशी इलाकों की ओर फैलने लगा है। तुर्तीपार केंद्रीय जल आयोग के जेई ने बताया कि बारिश की वजह से नदी का पानी बढ़ रहा है आगे और भी पानी के बढ़ने के आसार हैं। जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
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भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोले पानी से घिरे, चारे का संकट गहराया
बरहज। सरयू नदी में आए सैलाब से तटवर्ती क्षेत्रों में पानी ही पानी हो गया है। जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी में आए बाढ़ के कारण भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोले पानी से घिर गए हैं। पिछले दो दिनों के स्थिरता के बाद सरयू नदी के जलस्तर में 13 सेमी की बढ़त दर्ज किया गया है। नदी के अचानक करवट लेने से लोगों में दहशत है।
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सरयू नदी खतरे के निशान 66.50मीटर से एक मीटर 13 सेमी ऊपर 67.63 मीटर पर बह रही है। सरयू में बाढ़ से राप्ती भी उफान पर है। नदी में दो दिनों के स्थिरता देखी गई थी। लोगों ने भी राहत महसूस की थी। मंगलवार को जलस्तर में 13 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों और आश्रय स्थलियों को अलर्ट कर दिया है। आए बाढ़ के कारण नदी खेतों के रास्ते गांवों की ओर बढ़ रही है। जबकि रामजानकी मार्ग और बिनवापुरी के समीप कपरवार-रुद्रपुर मार्ग तक पहुंच गई है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि दर्ज किया गया है।
शहर के मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुसने से बढ़ी दुश्वारियां
बरहज। सरयू नदी में आए सैलाब से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी नाली-नालों के रास्ते नगर के कुछ मोहल्लों के सड़कों पर पहुंच गया है। जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। सरयू के जलस्तर में हो रहे निरंतर बढ़त से नदी पटेल नगर पूर्वी, जहाज घाट संत रविदास मंदिर के निकट, पुरंदरनाथ मंदिर सड़कों पर पानी पहुंच गया है। सड़क तक आए बाढ़ के पानी के कारण मोहल्ले के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
नाव बढ़ाने की मांग
बरहज। सरयू और राप्ती में आई बाढ़ से नदी का पानी गांवों तक पहुंच गया है। जबकि कृषि भूमि मैरुंड हो गई हैं। नदियों में उमड़ रहे से भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रशासन की ओर से भदिला प्रथम में सात और परसियां-विशुनपुर देवार में पांच नावें लगाई गई हैं। नदी को विकराल होता देख आवागमन में सहूलियत को लेकर बाढ़ग्रस्त गांवों के लोगों ने नावें बढ़ाने की मांग की है।