{"_id":"600c69238ebc3e31c87ac9f9","slug":"salute-given-to-the-dead-body-of-bsf-jawan-deoria-news-gkp3820859141","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसएफ जवान के पार्थिव शरीर को दी गई सलामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसएफ जवान के पार्थिव शरीर को दी गई सलामी
विज्ञापन
बीएसएफ जवान गौरी शंकर सिंह उर्फ गोलू के शव को सलामी देते पुलिस बल के लोग तथा साथ में खड़ा उनका 1 वर्?
- फोटो : DEORIA
बीएसएफ जवान के पार्थिव शरीर को दी गई सलामी
फुलवरिया/भाटपाररानी (देवरिया)। नगर पंचायत मझौली राज के मठिया वार्ड में सलेमपुर-मैरवा मार्ग पर बृहस्पतिवार को बोलेरो की चपेट से बाइक सवार बीएसएफ जवान गौरी शंकर सिंह उर्फ गोलू व उनके मित्र रत्नेश सिंह की मौत हो गई थी। शुक्रवार देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद बीएसएफ के जवान के तिरंगे में लिपटे शव को सीओ पंचम लाल की मौजूदगी में छोटी गंडक नदी के चनुकी घाट पर अंत्येष्टि की गई।
इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने मातमी धुन बजाकर अंतिम सलामी दी। शुक्रवार देर रात छोटी गंडक नदी के चनुकी घाट पर दोनों शव का अंतिम संस्कार किया गया। गौरी शंकर उर्फ गोलू की चिता को उनके छोटे भाई हरिशंकर तथा रत्नेश सिंह की चिता को चचेरे भाई उपेंद्र सिंह ने मुखाग्नि दी। उल्लेखनीय है कि पोस्टमार्टम के बाद जवान का शव जब घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव के लोग उनके दरवाजे पर उमड़ पड़े।
मृत बीएसएफ जवान गौरी शंकर सिंह उर्फ गोलू तथा रत्नेश सिंह दोनों मित्र थे और ग्राम फुलवरिया थाना भाटपाररानी, जनपद देवरिया के रहने वाले थे। दोनों किसी काम से सलेमपुर गए थे। एक ही बाइक पर वापस लौटते समय मझौली राज के मठिया वार्ड में सलेमपुर-मैरवा मार्ग पर बोलेरो की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई थी। दोनों का देर रात चनुकी घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान ग्राम प्रधान अमित सिंह, भाजपा नेता अश्वनी सिंह, लालबाबू सिंह, अमर बहादुर सिंह, सतीश सिंह, गिरीश तिवारी, विजेंद्र सिंह, सतीश सिंह सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
फुलवरिया/भाटपाररानी (देवरिया)। नगर पंचायत मझौली राज के मठिया वार्ड में सलेमपुर-मैरवा मार्ग पर बृहस्पतिवार को बोलेरो की चपेट से बाइक सवार बीएसएफ जवान गौरी शंकर सिंह उर्फ गोलू व उनके मित्र रत्नेश सिंह की मौत हो गई थी। शुक्रवार देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद बीएसएफ के जवान के तिरंगे में लिपटे शव को सीओ पंचम लाल की मौजूदगी में छोटी गंडक नदी के चनुकी घाट पर अंत्येष्टि की गई।
इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने मातमी धुन बजाकर अंतिम सलामी दी। शुक्रवार देर रात छोटी गंडक नदी के चनुकी घाट पर दोनों शव का अंतिम संस्कार किया गया। गौरी शंकर उर्फ गोलू की चिता को उनके छोटे भाई हरिशंकर तथा रत्नेश सिंह की चिता को चचेरे भाई उपेंद्र सिंह ने मुखाग्नि दी। उल्लेखनीय है कि पोस्टमार्टम के बाद जवान का शव जब घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव के लोग उनके दरवाजे पर उमड़ पड़े।
विज्ञापन
मृत बीएसएफ जवान गौरी शंकर सिंह उर्फ गोलू तथा रत्नेश सिंह दोनों मित्र थे और ग्राम फुलवरिया थाना भाटपाररानी, जनपद देवरिया के रहने वाले थे। दोनों किसी काम से सलेमपुर गए थे। एक ही बाइक पर वापस लौटते समय मझौली राज के मठिया वार्ड में सलेमपुर-मैरवा मार्ग पर बोलेरो की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई थी। दोनों का देर रात चनुकी घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान ग्राम प्रधान अमित सिंह, भाजपा नेता अश्वनी सिंह, लालबाबू सिंह, अमर बहादुर सिंह, सतीश सिंह, गिरीश तिवारी, विजेंद्र सिंह, सतीश सिंह सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
विज्ञापन