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Deoria News: साई टीबी जांच शुरू, मरीज के परिजनों का होगा टेस्ट
Thu, 15 May 2025 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 15 May 2025 12:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। क्षय रोग पर नियंत्रण के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज में साई टीबी जांच शुरू की गई है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच की जाएगी, जो निशुल्क होगी। साथ ही बीमारी से बचाव के लिए उन्हें दवा दी जाएगी, जिसका पूरा कोर्स तीन माह का होगा। इससे उन्हें टीबी बीमारी से बचाया जा सकेगा। इसके होने से सहूलियत होगी और टीबी बीमारी के फैलने से रोकने में आसानी होगी।
क्षय रोग को लेकर सरकार गंभीर है। इसके उन्मूलन की दिशा कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व टीबी विभाग में मरीजों की भीड़ लगती है। संभावित मरीजों की डॉक्टर जांच कराते हैं। रोजाना करीब छह से सात मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि होती है। अप्रैल माह से अब तक करीब 102 मरीज मिले हैं, जिनकी दवा चल रही है। मरीज के छींकने खांसने, थूकने से भी संक्रमण फैलता है, जिससे दूसरे लोग भी चपेट में आ जाते हैं। साथ ही मरीज के संपर्क में रहने वालों को संक्रमित होने की अधिक संभावना रहती है। टीबी के संक्रमण को रोकने के लिए संपर्क में रहने वालों की जांच कराई जाती है, लेकिन सुविधा न होने से जांच नहीं हो पाता था। इसके लिए निजी सेंटरों में जांच करानी पड़ती है, जहां धन खर्च करना पड़ता है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज के टीबी विभाग में साई जांच मंगलवार को शुरू कर दी गई। नए ओपीडी भवन के प्रथम तल पर एक कक्ष निर्धारित किया गया है। यहां स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। ओपीडी में आने वाले मरीज के टीबी बीमारी की पुष्टि होने के बाद उसके संपर्क और परिवार के सदस्यों की जांच कराई जा रही है। संपर्क में आने वाले 60 साल से अधिक, शुगर, नशा करने वाले, सीओपीडी, अस्थमा, कैंसर सहित अन्य हाईरिस्क कंडीशन में रहने वालों के लिए जांच आवश्यक होती है। प्रथम दिन चार मरीजों के संपर्क में रहने वाले दस लोगों की जांच की गई। अड़तालिस घंटे में रिपोर्ट आने पर उन्हें दवा दी जाएगी। इस जांच के शुरू होने से टीबी बीमारी के फैलने पर नियंत्रण हो सकता है।
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देवरिया। क्षय रोग पर नियंत्रण के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज में साई टीबी जांच शुरू की गई है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच की जाएगी, जो निशुल्क होगी। साथ ही बीमारी से बचाव के लिए उन्हें दवा दी जाएगी, जिसका पूरा कोर्स तीन माह का होगा। इससे उन्हें टीबी बीमारी से बचाया जा सकेगा। इसके होने से सहूलियत होगी और टीबी बीमारी के फैलने से रोकने में आसानी होगी।
क्षय रोग को लेकर सरकार गंभीर है। इसके उन्मूलन की दिशा कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व टीबी विभाग में मरीजों की भीड़ लगती है। संभावित मरीजों की डॉक्टर जांच कराते हैं। रोजाना करीब छह से सात मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि होती है। अप्रैल माह से अब तक करीब 102 मरीज मिले हैं, जिनकी दवा चल रही है। मरीज के छींकने खांसने, थूकने से भी संक्रमण फैलता है, जिससे दूसरे लोग भी चपेट में आ जाते हैं। साथ ही मरीज के संपर्क में रहने वालों को संक्रमित होने की अधिक संभावना रहती है। टीबी के संक्रमण को रोकने के लिए संपर्क में रहने वालों की जांच कराई जाती है, लेकिन सुविधा न होने से जांच नहीं हो पाता था। इसके लिए निजी सेंटरों में जांच करानी पड़ती है, जहां धन खर्च करना पड़ता है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज के टीबी विभाग में साई जांच मंगलवार को शुरू कर दी गई। नए ओपीडी भवन के प्रथम तल पर एक कक्ष निर्धारित किया गया है। यहां स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। ओपीडी में आने वाले मरीज के टीबी बीमारी की पुष्टि होने के बाद उसके संपर्क और परिवार के सदस्यों की जांच कराई जा रही है। संपर्क में आने वाले 60 साल से अधिक, शुगर, नशा करने वाले, सीओपीडी, अस्थमा, कैंसर सहित अन्य हाईरिस्क कंडीशन में रहने वालों के लिए जांच आवश्यक होती है। प्रथम दिन चार मरीजों के संपर्क में रहने वाले दस लोगों की जांच की गई। अड़तालिस घंटे में रिपोर्ट आने पर उन्हें दवा दी जाएगी। इस जांच के शुरू होने से टीबी बीमारी के फैलने पर नियंत्रण हो सकता है।
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