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Deoria News: लेखपालों नेे दी आंदोलन की चेतावनी
Sun, 02 Nov 2025 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 02 Nov 2025 12:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई सलेमपुर के अध्यक्ष कीे देखरेख में मांगों के संबंध में शनिवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम दिशा श्रीवास्तव को सौंपा। साथ ही, आंदोलन की चेतावनी दी।
संघ के अनुसार, पिछले नौ वर्षों से लेखपाल पद की शैक्षणिक योग्यता और पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान का उच्चीकरण, एसीपी विसंगति तथा मृतक आश्रित लेखपालों की पुरानी पेंशन विसंगति जैसी मुख्य मांगें लंबित हैं।
इसके अतिरिक्त, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पदों का सृजन, स्टेशनरी भत्ता सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करना, नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर वाहन भत्ता/मोटर साइकिल भत्ता देना और विशेष वेतन भत्ता सौ रुपये से बढ़ाकर 15 सौ रुपये प्रति माह करने की मांग भी शामिल है।
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तहसील अध्यक्ष लक्मुद्दीन अंसारी ने कहा कि मांगों पर कई बार विभागीय सहमति बनी, फिर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कहा कि तीन हजार लेखपाल अपने परिवारों से पांच सौ से एक हजार किमी दूर कार्यरत हैं। 23 अगस्त 2018 को जारी शासनादेश के तहत अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, लेकिन अभी तक स्थानांतरण नहीं किए गए हैं।
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सलेमपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई सलेमपुर के अध्यक्ष कीे देखरेख में मांगों के संबंध में शनिवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम दिशा श्रीवास्तव को सौंपा। साथ ही, आंदोलन की चेतावनी दी।
संघ के अनुसार, पिछले नौ वर्षों से लेखपाल पद की शैक्षणिक योग्यता और पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान का उच्चीकरण, एसीपी विसंगति तथा मृतक आश्रित लेखपालों की पुरानी पेंशन विसंगति जैसी मुख्य मांगें लंबित हैं।
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इसके अतिरिक्त, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पदों का सृजन, स्टेशनरी भत्ता सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करना, नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर वाहन भत्ता/मोटर साइकिल भत्ता देना और विशेष वेतन भत्ता सौ रुपये से बढ़ाकर 15 सौ रुपये प्रति माह करने की मांग भी शामिल है।
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तहसील अध्यक्ष लक्मुद्दीन अंसारी ने कहा कि मांगों पर कई बार विभागीय सहमति बनी, फिर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कहा कि तीन हजार लेखपाल अपने परिवारों से पांच सौ से एक हजार किमी दूर कार्यरत हैं। 23 अगस्त 2018 को जारी शासनादेश के तहत अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, लेकिन अभी तक स्थानांतरण नहीं किए गए हैं।