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कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में नियुक्तियों का रिकॉर्ड गायब
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कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में नियुक्तियों का रिकॉर्ड गायब
पूर्णकालिक शिक्षिकाओं के परिसर में रहने के हैं नियम, कई तो गायब रहती हैं
कई जगह विषय विशेषज्ञ शिक्षिकाओं के पद खाली, दूसरे विषय वाली पढ़ा रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरथिया। जिले के 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में नियुक्त वार्डेन, शिक्षिकाओं व कर्मचारियों के शैक्षिक रिकॉर्ड बीएसए कार्यालय से गायब हैं। किसकी नियुक्ति कब की है, किस आधार पर तैनाती हुई, किस विषय में हैं, इसका कोई अभलिेख वर्तमान में कार्यालय के पास नहीं है। दो माह पूर्व एक वार्डेन की शिकायत की जांच करने आई एसटीएफ को भी इस संबंध में विभाग कोई रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध करा सका।
जिले के 13 कस्तूरबा विद्यालयों में वर्तमान में वार्डेन के 13 पदों के सापेक्ष 11, पूर्णकालिक शिक्षक के 52 पदों के सापेक्ष 45, अंशकालिक शिक्षक के 39 पदों के सापेक्ष 32, उर्दू के दो, अकाउंटेंट 13, रसोइया 39, चपरासी व चौकीदार के 13-13 की तैनाती है। वर्ष 2015-16 में जिन पदों पर नियुक्तियां हुई थीं, उस पर भी एसटीएफ की नजर है। इधर, सलेमपुर क्षेत्र के एक कस्तूरबा विद्यालय में नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए वार्डेन की शिकायत एसटीएफ से की गई थी। इसकी जांच भी की जा रही है। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि कस्तूरबा में नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। जो भी सूचनाएं मौजूद थीं, उसे जांच एजेंसी को सौंप दिया गया है।
अनामिका प्रकरण की जांच की उठाई मांग
सपा नेता एवं समाजवादी व्यापार सभा राज्य समिति के पूर्व सदस्य हृदयनारायण जायसवाल ने सोमवार को बेसिक विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया। कहा कि कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला की नियुक्ति पूरे देश में सुर्खियों में है। इस मामले में नियुक्ति प्राधिकारी, वेतन आहरण अधिकारी, ड्यूटी प्रमाण पत्रा जारी करने वाले अन्य अधिकारियों व कर्मचारी भी दोषी हैं। इस प्रकरण की जांच सीबीआई से होनी चाहिए।
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पूर्णकालिक शिक्षिकाओं के परिसर में रहने के हैं नियम, कई तो गायब रहती हैं
कई जगह विषय विशेषज्ञ शिक्षिकाओं के पद खाली, दूसरे विषय वाली पढ़ा रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरथिया। जिले के 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में नियुक्त वार्डेन, शिक्षिकाओं व कर्मचारियों के शैक्षिक रिकॉर्ड बीएसए कार्यालय से गायब हैं। किसकी नियुक्ति कब की है, किस आधार पर तैनाती हुई, किस विषय में हैं, इसका कोई अभलिेख वर्तमान में कार्यालय के पास नहीं है। दो माह पूर्व एक वार्डेन की शिकायत की जांच करने आई एसटीएफ को भी इस संबंध में विभाग कोई रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध करा सका।
जिले के 13 कस्तूरबा विद्यालयों में वर्तमान में वार्डेन के 13 पदों के सापेक्ष 11, पूर्णकालिक शिक्षक के 52 पदों के सापेक्ष 45, अंशकालिक शिक्षक के 39 पदों के सापेक्ष 32, उर्दू के दो, अकाउंटेंट 13, रसोइया 39, चपरासी व चौकीदार के 13-13 की तैनाती है। वर्ष 2015-16 में जिन पदों पर नियुक्तियां हुई थीं, उस पर भी एसटीएफ की नजर है। इधर, सलेमपुर क्षेत्र के एक कस्तूरबा विद्यालय में नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए वार्डेन की शिकायत एसटीएफ से की गई थी। इसकी जांच भी की जा रही है। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि कस्तूरबा में नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। जो भी सूचनाएं मौजूद थीं, उसे जांच एजेंसी को सौंप दिया गया है।
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अनामिका प्रकरण की जांच की उठाई मांग
सपा नेता एवं समाजवादी व्यापार सभा राज्य समिति के पूर्व सदस्य हृदयनारायण जायसवाल ने सोमवार को बेसिक विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया। कहा कि कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला की नियुक्ति पूरे देश में सुर्खियों में है। इस मामले में नियुक्ति प्राधिकारी, वेतन आहरण अधिकारी, ड्यूटी प्रमाण पत्रा जारी करने वाले अन्य अधिकारियों व कर्मचारी भी दोषी हैं। इस प्रकरण की जांच सीबीआई से होनी चाहिए।
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