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शराब कारोबारियों पर लटकी आरसी की तलवार
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शराब कारोबारियों पर लटकी आरसी की तलवार
देवरिया। पिछले वर्ष के त्रैमास अक्तूबर से दिसंबर के समतुल्य शराब का उठान नहीं करने वाले शराब कारोबारियों पर आरसी की तलवार लटकेगी। इसकी तैयारी में आबकारी महकमा जुट गया है। 25 दिसंबर तक जिला आबकारी अधिकारी ने ऐसे शराब अनुज्ञापियों की सूची सभी इंस्पेक्टरों से मांगी है। इस निर्देश के बाद शराब कारोबारियों में खलबली मच गई है। जिले में तकरीबन 40 से 50 ऐसे अनुज्ञापी हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में शराब का उठान नहीं किया है। इसमें अंग्रेजी एवं बीयर की दुकानें अधिक हैं।
जिले में देसी शराब की 174, अंग्रेजी 84 और बीयर की 83 दुकानें हैं। इनसे प्रति वर्ष 700 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। इस वर्ष वर्ष 2020-21 आबकारी नीति के अंतर्गत गत वर्ष के त्रैमास के राजस्व के समतुल्य मदिरा की उठान किए जाने की बाध्यता की शर्त लगा दी गई। जिले में हरियाणा अंग्रेजी शराब की तस्करी, कोरोना संक्रमण और ठंड की वजह से बीयर की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में नहीं हो सकी है। जिले में 70 से 75 करोड़ प्रति माह राजस्व शराब की उठान से प्राप्त होता है। उठान नहीं होने की वजह से राजस्व घट गया है। दिसंबर माह समाप्त होने के कगार पर है। ऐसे में पिछले वर्ष की त्रैमास की तुलना में इस वर्ष 2020-21 में अंग्रेजी एवं बीयर की उठान कम होने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला आबकारी अधिकारी ने सभी तहसीलों के इंस्पेक्टरों को पत्र जारी कर ऐसे दुकानों की सूची मांगी है जो पिछले त्रैमास अक्तूबर से दिसंबर की तुलना में इस वर्ष शराब की उठान नहीं कर सकें। मदिरा की बिक्री पर भी विभाग को राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में राजस्व में कमी आ गई है। जिसे गंभीरता से लेते हुए जिला आबकारी अधिकारी ने कहा है गत वर्ष की तुलना में राजस्व समतुल्य मदिरा की उठान किया जाना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में राजस्व की कमी की वसूली संबंधित के खिलाफ रिकवरी आदेश जारी कर आरसी निर्गत कराते हुए भू राजस्व की तर्ज पर की जाएगी।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिले में तकरीबन 40 से 50 ऐसी दुकानें हैं जिन्होंने पिछले त्रैमास की तुलना में उठान नहीं कर पाएं है। ऐसे में आरसी जारी हुई तो इन्हें चार से पांच करोड़ रुपये देने होंगे।
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विदेशी छोड़ देसी गटकने लगे शराब के शौकीन
देवरिया। अंग्रेजी शराब एवं बीयर की बिक्री नहीं होने का सबसे बड़ा कारण है कि विदेशी शराब के शौकीन शराब की महंगाई की वजह से देसी गटगने लगे। लॉकडाउन के दौरान बाहर से हजारों की संख्या में मजूदर आएं तो देसी शराब की बिक्री में कोई कमी नहीं आई, लेकिन विदेशी शराब एवं बीयर की बिक्री में कमी आने की वजह से उठान भी प्रभावित हो गया है। ऐसे में शराब के कारोबारी लाखों रुपये राजस्व चुकाने में कर्जदार बन सकते हैं। देसी शराब की दुकानों पर उठान अपेक्षाकृत ठीक हुई है।
गत वर्ष त्रैमास के राजस्व के समतुल्य शराब की उठान किए जाने की बाध्यता नियम के तहत निर्धारित है। सभी तहसीलों के इंस्पेक्टरों से ऐसे दुकानों की सूची 25 दिसंबर तक मांगी गई है। जिन्होंने पिछले वर्ष त्रैमास की तुलना में उठान नहीं किया है। राजस्व की वसूली में कमी की वसूली संबंधित के खिलाफ आरसी जारी कर की जाएगी।
अश्वनी कुमार, जिला आबकारी अधिकारी
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देवरिया। पिछले वर्ष के त्रैमास अक्तूबर से दिसंबर के समतुल्य शराब का उठान नहीं करने वाले शराब कारोबारियों पर आरसी की तलवार लटकेगी। इसकी तैयारी में आबकारी महकमा जुट गया है। 25 दिसंबर तक जिला आबकारी अधिकारी ने ऐसे शराब अनुज्ञापियों की सूची सभी इंस्पेक्टरों से मांगी है। इस निर्देश के बाद शराब कारोबारियों में खलबली मच गई है। जिले में तकरीबन 40 से 50 ऐसे अनुज्ञापी हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में शराब का उठान नहीं किया है। इसमें अंग्रेजी एवं बीयर की दुकानें अधिक हैं।
जिले में देसी शराब की 174, अंग्रेजी 84 और बीयर की 83 दुकानें हैं। इनसे प्रति वर्ष 700 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। इस वर्ष वर्ष 2020-21 आबकारी नीति के अंतर्गत गत वर्ष के त्रैमास के राजस्व के समतुल्य मदिरा की उठान किए जाने की बाध्यता की शर्त लगा दी गई। जिले में हरियाणा अंग्रेजी शराब की तस्करी, कोरोना संक्रमण और ठंड की वजह से बीयर की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में नहीं हो सकी है। जिले में 70 से 75 करोड़ प्रति माह राजस्व शराब की उठान से प्राप्त होता है। उठान नहीं होने की वजह से राजस्व घट गया है। दिसंबर माह समाप्त होने के कगार पर है। ऐसे में पिछले वर्ष की त्रैमास की तुलना में इस वर्ष 2020-21 में अंग्रेजी एवं बीयर की उठान कम होने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला आबकारी अधिकारी ने सभी तहसीलों के इंस्पेक्टरों को पत्र जारी कर ऐसे दुकानों की सूची मांगी है जो पिछले त्रैमास अक्तूबर से दिसंबर की तुलना में इस वर्ष शराब की उठान नहीं कर सकें। मदिरा की बिक्री पर भी विभाग को राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में राजस्व में कमी आ गई है। जिसे गंभीरता से लेते हुए जिला आबकारी अधिकारी ने कहा है गत वर्ष की तुलना में राजस्व समतुल्य मदिरा की उठान किया जाना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में राजस्व की कमी की वसूली संबंधित के खिलाफ रिकवरी आदेश जारी कर आरसी निर्गत कराते हुए भू राजस्व की तर्ज पर की जाएगी।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिले में तकरीबन 40 से 50 ऐसी दुकानें हैं जिन्होंने पिछले त्रैमास की तुलना में उठान नहीं कर पाएं है। ऐसे में आरसी जारी हुई तो इन्हें चार से पांच करोड़ रुपये देने होंगे।
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विदेशी छोड़ देसी गटकने लगे शराब के शौकीन
देवरिया। अंग्रेजी शराब एवं बीयर की बिक्री नहीं होने का सबसे बड़ा कारण है कि विदेशी शराब के शौकीन शराब की महंगाई की वजह से देसी गटगने लगे। लॉकडाउन के दौरान बाहर से हजारों की संख्या में मजूदर आएं तो देसी शराब की बिक्री में कोई कमी नहीं आई, लेकिन विदेशी शराब एवं बीयर की बिक्री में कमी आने की वजह से उठान भी प्रभावित हो गया है। ऐसे में शराब के कारोबारी लाखों रुपये राजस्व चुकाने में कर्जदार बन सकते हैं। देसी शराब की दुकानों पर उठान अपेक्षाकृत ठीक हुई है।
गत वर्ष त्रैमास के राजस्व के समतुल्य शराब की उठान किए जाने की बाध्यता नियम के तहत निर्धारित है। सभी तहसीलों के इंस्पेक्टरों से ऐसे दुकानों की सूची 25 दिसंबर तक मांगी गई है। जिन्होंने पिछले वर्ष त्रैमास की तुलना में उठान नहीं किया है। राजस्व की वसूली में कमी की वसूली संबंधित के खिलाफ आरसी जारी कर की जाएगी।
अश्वनी कुमार, जिला आबकारी अधिकारी