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Deoria News: राप्ती और गोर्रा लाल निशान छूने को बेताब
Tue, 16 Jul 2024 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 16 Jul 2024 12:19 AM IST
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रुद्रपुर मेंं पिड़रा पुल के एप्रोच पर कटान तेज होने से दहशत, 52 गांवों के कटने की आशंका
भागलपुर में सरयू नदी का जलस्तर दो दिन से घटाव पर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रुद्रपुर के दोआबा और कछार में नदियों के जलस्तर बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 पर पहुंच गई। राप्ती अभी खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे है। गोर्रा नदी के रास्ता बदलने से पिड़रा पुल पर खतरा मंडराने लगा है। इससे 52 गांवों के कटने का अंदेशा बन गया है। पुल के एप्रोच पर दबाव बढ़ने से कटान तेज हो गया है। बरहज में सरयू नदी सोमवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से 45 सेमी ऊपर 66.95 पर बह रही थी। 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की कमी दर्ज किया गया है। भागलपुर में नदी के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से कमी हो रही है। नदी अब भी खतरे के निशान से 8 सेमी ऊपर है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की कमी दर्ज की गई है।
रुद्रपुर संवाद के अनुसार दोआबा और कछार में नदियों के जलस्तर में उफान जारी है। सोमवार को गोर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छू लेने से दोआबा के 52 गांवों में दहशत है। यहां पिड़रा पुल के एप्रोच पर दबाव बढ़ने से कटान तेज हो गया है। पुल का एप्रोच कटा तो तहसील मुख्यालय से 52 गांवों का संपर्क कट सकता है।
सोमवार को गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 मीटर पर पहुंच गई। राप्ती नदी अभी खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे है। राप्ती का जलस्तर 70.35 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियों के जलस्तर में 10 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पिड़रा पुल पर खतरा मड़राने लगा है। यहां एक साल पहले गार्रा नदी ने रास्ता बदलकर पुल के एप्रोच और रुद्रपुर पिड़रा मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
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इस कारण करीब एक साल तक पुल से होकर गाड़ियों का आवागमन बाधित रहा। पीडब्ल्यूडी की सड़क पर बने पुल और एप्रोच के जीर्णोद्धार के लिए शासन स्तर पर परियोजना की फाइल एक साल से लटक रही है। यहां सड़क और एप्रोच कटा तो न केवल 52 गांवों का संपर्क कटेगा बल्कि कछार के 64 गांवों को बाढ़ की कहर झेलनी पड़ सकती है।
गोर्रा नदी बैंक रोलकर पिड़रा गांव और सड़क पर ठोकर मार रही है। गांव के प्रधान मनोज सिंह, बलवंत सिह,अटल पाल, रामधनी, चंद्रभान, शिवनाथ आदि ने कहा कि गांव और पुल को बचाने का कोई ठोस प्रयास नहीं हो रहा है। कटान रोकने के लिए विभाग पेड़ की टहनियों का सहारा ले रहा है। इस बार एप्रोच कटा तो भयावह तबाही मचना तय है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि अभी एप्रोच सुरक्षित है। एप्रोच बचाने का पूरा प्रयास हो रहा है।
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भदिला प्रथम गांव बना टापू, घराें के पास पानी भरने से उठ रही दुर्गंध
बरहज संवाद के अनुसार नगर स्थित घाट की पक्की सीढि़यों से सरयू नीचे उतर रही हैं। सोमवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से 45 सेमी ऊपर 66.95 पर बह रही थी। 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की कमी दर्ज की गई। जलस्तर में नरमी आने से लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी कटइलवा-कपरवार संगम नवीन तटबंध के अलावा महेन-मोहरा-केवटलिया बांध पर दबाव बना रही है। सरयू के जलस्तर में कमी आने से रिहायशी इलाकों तक पहुंचा बाढ़ का पानी नदी में वापस लौटने लगा है। कपरवार के बिनोवापुुरी में रुद्रपुर मार्ग के निकट राप्ती कटान कर रही है।
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बाक्स
बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए पशु विभाग की टीम गठित
फोटो समाचार
बरहज। ब्लॉक परिसर स्थित पशु विभाग की ओर से सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और गांवों में जानवरों के बेहतर इलाज के लिए वैन रवाना किया गया। विभाग द्वारा अभियान चलाकर पशुओं को होने वाले खुरपका, मुंहपका आदि रोगों से बचाव के लिए उनका टीकाकरण भी किया जाएगा। एफएमडीसीपी के 29वें चरण के टीकाकरण अभियान के तहत ब्लॉक परिसर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.अरविंद कुमार वैश्य के देखरेख में डॉ.कंचनलता कुशवाहा और पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. अशोक पांडेय ने टीम को रवाना किया। पशुधन प्रसार अधिकारी ने बताया कि 45 दिनों तक टीकाकरण अभियान चलाकर पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। जिससे बीमारियों से बचाव किया जा सके। मौके पर डॉ.राजेश मोहन, पप्पू पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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भागलपुर में सरयू नदी का जलस्तर दो दिन से घटाव पर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रुद्रपुर के दोआबा और कछार में नदियों के जलस्तर बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 पर पहुंच गई। राप्ती अभी खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे है। गोर्रा नदी के रास्ता बदलने से पिड़रा पुल पर खतरा मंडराने लगा है। इससे 52 गांवों के कटने का अंदेशा बन गया है। पुल के एप्रोच पर दबाव बढ़ने से कटान तेज हो गया है। बरहज में सरयू नदी सोमवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से 45 सेमी ऊपर 66.95 पर बह रही थी। 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की कमी दर्ज किया गया है। भागलपुर में नदी के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से कमी हो रही है। नदी अब भी खतरे के निशान से 8 सेमी ऊपर है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की कमी दर्ज की गई है।
रुद्रपुर संवाद के अनुसार दोआबा और कछार में नदियों के जलस्तर में उफान जारी है। सोमवार को गोर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छू लेने से दोआबा के 52 गांवों में दहशत है। यहां पिड़रा पुल के एप्रोच पर दबाव बढ़ने से कटान तेज हो गया है। पुल का एप्रोच कटा तो तहसील मुख्यालय से 52 गांवों का संपर्क कट सकता है।
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सोमवार को गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 मीटर पर पहुंच गई। राप्ती नदी अभी खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे है। राप्ती का जलस्तर 70.35 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियों के जलस्तर में 10 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पिड़रा पुल पर खतरा मड़राने लगा है। यहां एक साल पहले गार्रा नदी ने रास्ता बदलकर पुल के एप्रोच और रुद्रपुर पिड़रा मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
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इस कारण करीब एक साल तक पुल से होकर गाड़ियों का आवागमन बाधित रहा। पीडब्ल्यूडी की सड़क पर बने पुल और एप्रोच के जीर्णोद्धार के लिए शासन स्तर पर परियोजना की फाइल एक साल से लटक रही है। यहां सड़क और एप्रोच कटा तो न केवल 52 गांवों का संपर्क कटेगा बल्कि कछार के 64 गांवों को बाढ़ की कहर झेलनी पड़ सकती है।
गोर्रा नदी बैंक रोलकर पिड़रा गांव और सड़क पर ठोकर मार रही है। गांव के प्रधान मनोज सिंह, बलवंत सिह,अटल पाल, रामधनी, चंद्रभान, शिवनाथ आदि ने कहा कि गांव और पुल को बचाने का कोई ठोस प्रयास नहीं हो रहा है। कटान रोकने के लिए विभाग पेड़ की टहनियों का सहारा ले रहा है। इस बार एप्रोच कटा तो भयावह तबाही मचना तय है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि अभी एप्रोच सुरक्षित है। एप्रोच बचाने का पूरा प्रयास हो रहा है।
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भदिला प्रथम गांव बना टापू, घराें के पास पानी भरने से उठ रही दुर्गंध
बरहज संवाद के अनुसार नगर स्थित घाट की पक्की सीढि़यों से सरयू नीचे उतर रही हैं। सोमवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से 45 सेमी ऊपर 66.95 पर बह रही थी। 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की कमी दर्ज की गई। जलस्तर में नरमी आने से लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी कटइलवा-कपरवार संगम नवीन तटबंध के अलावा महेन-मोहरा-केवटलिया बांध पर दबाव बना रही है। सरयू के जलस्तर में कमी आने से रिहायशी इलाकों तक पहुंचा बाढ़ का पानी नदी में वापस लौटने लगा है। कपरवार के बिनोवापुुरी में रुद्रपुर मार्ग के निकट राप्ती कटान कर रही है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए पशु विभाग की टीम गठित
फोटो समाचार
बरहज। ब्लॉक परिसर स्थित पशु विभाग की ओर से सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और गांवों में जानवरों के बेहतर इलाज के लिए वैन रवाना किया गया। विभाग द्वारा अभियान चलाकर पशुओं को होने वाले खुरपका, मुंहपका आदि रोगों से बचाव के लिए उनका टीकाकरण भी किया जाएगा। एफएमडीसीपी के 29वें चरण के टीकाकरण अभियान के तहत ब्लॉक परिसर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.अरविंद कुमार वैश्य के देखरेख में डॉ.कंचनलता कुशवाहा और पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. अशोक पांडेय ने टीम को रवाना किया। पशुधन प्रसार अधिकारी ने बताया कि 45 दिनों तक टीकाकरण अभियान चलाकर पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। जिससे बीमारियों से बचाव किया जा सके। मौके पर डॉ.राजेश मोहन, पप्पू पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद