फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Rampravesh set up smuggling network in many provinces

रामप्रवेश ने कई प्रांतों में खड़ा किया तस्करी का नेटवर्क

Wed, 14 Apr 2021 11:13 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Apr 2021 11:13 PM IST
विज्ञापन
Rampravesh set up smuggling network in many provinces
रामप्रवेश ने कई प्रांतों में खड़ा किया तस्करी का नेटवर्क
विज्ञापन

देवरिया। रामप्रवेश यादव ने कई प्रांतों में असलहा तस्करों का नेटवर्क खड़ा कर लिया है। इस गैंग के तार बड़े बदमाशों से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद वह जिले की पुलिस की नजर से बचता रहा। एक बार लार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद उसे अपना नेटवर्क मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र में खड़ा कर लिया। करीब एक सप्ताह पहले वह अपने गांव भी आया था, लेकिन यहां की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जिले की पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की कुंडली खंगाल रही है।
लार थानाक्षेत्र के सकरापार गांव निवासी रामप्रवेश यादव को लार पुलिस ने वर्ष 2010 में 20 पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। करीब एक दशक के समय में वह असलहा तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का सरगना बन गया। करीब चार दिन पहले लखनऊ में एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया है। उसके पास से 32 बोर की 20 पिस्टल व 40 मैगजीन बरामद हुआ। पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो रामप्रवेश प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अवैध असलहों की तस्करी का काम करता है। मध्य प्रदेश और बिहार से असलहा लाकर बदमाशों को बेचता था। पिता मध्य प्रदेश के खंडवा में नौकरी करते हैं। इसी दौरान उसकी पहचान तस्कर के साथ हो गई थी। लखनऊ में शनिवार को गिरफ्तार होने के पहले वह गांव आया था और एक दिन रुका भी था। यहीं से 20 पिस्टल व 40 मैगजीन लेकर प्रयागराज के रास्ते लखनऊ पहुंचा था। जहां पर एक व्यक्ति को पिस्टल बेचने से पहले गिरफ्तार हो गया।
विज्ञापन

विदेशी मार्का और मुंगेर के असलहों की पहुंच रही खेप
देवरिया। जनपद कुछ वर्षों में अवैध असलहों की तस्करी का हब बन गया है। बिहार के मुंगेर में बनने वाले असलहों से लेकर विदेशी असलहे तस्कर बदमाशों को मुहैया करा रहे हैं। तस्कर विदेश से पुर्जे लाकर उससे यहां असलहा बना रहे हैं। हाल में ही सदर कोतवाली के पिपरपाती गांव के पास हुए पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ में यूएसए लिखा पिस्टल पुलिस ने बदमाश के पास से बरामद किया था। सदर कोतवाली पुलिस ने भी बिहार के कुछ लोगों को मार्च में साकेत नगर से गिरफ्तार किया था। इनके पास से तीन पिस्टल पुलिस ने बरामद किया था। असलहा तस्कर मुंह मांगे दामों पर असलहों को बेच रहे हैं। जिले में कई बार पुलिस ने कारबाइन तक बदमाशों के पास से बरामद कर चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे मिल जाता है कारतूस
देवरिया। तस्कर असलहा बेचकर अपना काम पूरा कर लेते हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर असलहा खरीदने वालों को कारतूस कैसे मिल रहा है। क्योंकि असलहे आसानी से तैयार हो सकते हैं, लेकिन कारतूस फैक्ट्रियों में ही बनाए जा सकते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि दुकानदारों की मिलीभगत से ही कारतूस मिलता है।

कोट
लखनऊ में पकड़े गए असलहा तस्कर के बारे में जानकारी मिली है। इस गिरोह पर पुलिस की नजर है। जिले में इसकी गतिविधियां नहीं मिल रही थीं। इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में छानबीन की जा रही है।
राजेश कुमार, एएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed