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Deoria News: सड़कों पर ट्रकों का रेला... बच्चे कैसे जाएंगे मेला
Fri, 20 Oct 2023 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 20 Oct 2023 11:29 PM IST
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देवरिया। शहर की सड़कों पर दशहरे की रौनक दिखने लगी है। लोग त्योहार की खरीदारी के लिए सड़कों पर निकल रहे हैं। कई स्थानों पर पंडाल सजे हैं जहां रोजाना सुबह-शाम लोग पूजा करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन सब के बीच शुक्रवार को बड़े मालवाहक इन व्यस्त सड़कों पर बे-रोकटोक आते-जाते दिखे। ये कब किसी हादसे का कारण बन रावण साबित हो जाएं, कहा नहीं जा सकता। पिछले वर्ष ही दशहरा में बड़ों वाहनों के प्रवेश पर कोई रोक न होेने एक बालिका की ट्रक की चपेट में आकर मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। इस वर्ष भी मेले में वाहनों के रूट डायजर्वन का कोई खाका तैयार नहीं किया गया है।
शुक्रवार को दिन में करीब बारह बजे कोतवाली रोड पर चौराहे से जीआईसी तक एक लेन पर करीब नौ मालवाहक वाहन खड़े थे। जिनसे सामान उतार कर छोटे वाहनों से बाजार में जा रहा था। लखनऊ नंबर का ट्रक सामान उतारने के बाद भीड़ के रास्ते ही मौका मिलते निकल गया। करीब 12:30 बजे सरसों का तेल लदा ट्रक सामान खाली कर मौका मिलते ही कुछ दूरी पर जाकर खड़ा हो गया। इसके कारण कुछ देर के लिए जाम भी इस मार्ग पर लग गया। राजकीय इंटर कॉलेज की छुट्टी हुई तो एक पिकअप चालक सड़क पर वाहन को आगे-पीछे करने लगा, जिससे राहगीरों को काफी दिक्कत हुई।
शाम को 4:30 बजे कोतवाली रोड पर सड़क के किनारे एक लाइन में करीब तेरह मालवाहक लगे हुए थे। इसके कारण फुटपाथ पर पैदल भी लोग नहीं चल पा रहे थे। जीआईसी से जिला कृषि रक्षा इकाई के गोदाम तक दोनों पटरियों पर अतिक्रमण होने के कारण रुक-रुक कर जाम भी लग रहा था। सबसे गंभीर बात तो यह है कि दशहरा मेला होने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इसके चलते मौका मिलते ही नो इंट्री को चकमा देकर कुछ ट्रक चालक मोतीलाल रोड होते हुए न्यू कालोनी के रास्ते सोनूघाट की तरफ चले जा रहे हैं। इससे भी हादसा होने का भय बना रह रहा है, क्योंकि न्यू कालोनी और जलकल रोड भी भीड़-भाड़ वाला इलाका है।
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पिछले दशहरा के दिन ट्रक से हुआ था हादसा
देवरिया। पांच अक्तूबर 2022 की रात में सदर कोतवाली रोड पर एक ट्रक चालक अचानक भीड़ से निकलने का प्रयास किया। इसी दौरान मेले में आए करीब आठ लोगों की बाइक को ठोकर मारते हुए ट्रक की चपेट में आने से बरियापुर थाना क्षेत्र के लाहिलपार गांव के बांसपार टोला निवासी रुपई यादव की बेटी साक्षी (13) और उसकी चचेरी बहन तृष्णा (4) पुत्री निगम घायल हो गईं। इसमें साक्षी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मेले में काफी अफरा-तफरी मच गई थी। घटना के पीछे बड़ा कारण यह था कि इस मार्ग पर मालवाहक वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है और देर रात वाहन खाली कर वापस लौटते हैं। इस वर्ष दशहरा का मेला शनिवार से शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक इस समस्या के निदान के लिए यातायात पुलिस ने कोई खास इंतजाम नहीं किया है। जबकि यह मुख्य मार्ग है और यहां से होकर काफी संख्या में लोग दुर्गा प्रतिमा देखने के लिए गुजरते हैं।
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कई बार प्रयास हुआ, लेकिन हासिल कुछ नहीं
देवरिया। देवरिया शहर में ओवरब्रिज से रुद्रपुर मोड़ तक नो इंट्री है। पर जो वाहन शहर में नो इंट्री के पहले आ जाते हैं वह वाहन देर शाम निकलते हैं। कोतवाली और स्टेशन रोड पर ट्रकों का आना जाना काफी संख्या में रहता है, इसको लेकर एडीजी अखिल कुमार ने भी निर्देश दिया था कि इसका विकल्प तलाशा जाए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
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इन मार्गों पर रहेगा रूट डाइवर्जन
देवरिया। मेले के दिन मालवीय रोड, नगर पालिका, रेलवे स्टेशन, राघव नगर को जाने वाले मार्ग पर चारपहिया वाहन का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। सिविल लाइंस पर रात 12 बजे तक कोई भी मालवाहक वाहन प्रवेश नहीं करेगा।
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नो इंट्री में किसी भी बड़े वाहन के घुसने की अनुमति नहीं होती है। मेले को देखते हुए कोतवाली रोड पर देर रात तक पुलिस को तैनात किया गया है, क्योंकि कोई ट्रक इस मार्ग से न गुजरे। पिछले साल के मामले में केस दर्ज हुआ था।
- श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी
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मेले का दो-तीन दिन का समय रहता है। इस पर प्रशासन को नजर रखनी चाहिए, जो ट्रक सुबह आ जा रहे हैं, उनके लिए नो इंट्री से बाहर निकलने का समय बढ़ा दिया जाए। जब मेला में रात एक बजे के बाद भीड़ न रहे तब उन्हें बाहर निकालना चाहिए।
- अखिलेश जायसवाल, जिलाध्यक्ष, जनपद व्यापार मंडल
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व्यापारिक दृष्टिकोण से जो ट्रक आते हैं इन्हें मेले के दौरान देर रात काफी सजगता के साथ बाहर निकालने की व्यवस्था पुलिस को करनी चाहिए। इसके लिए यातायात पुलिस कर्मियों की संख्या इस रोड पर बढ़ाने की जरूरत है।
- अजय अग्रवाल, व्यापारी
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यह व्यस्ततम सड़क है। ट्रकों का आवागमन मेले के दौरान नहीं होना चाहिए। इसके लिए प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। थोड़ी सी चूक से बड़ी घटना हो जाती है। इस पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए मैं एसपी को पत्र भी लिख चुका हूं।
- प्रदीप शर्मा, प्रधानाचार्य, जीआईसी
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शुक्रवार को दिन में करीब बारह बजे कोतवाली रोड पर चौराहे से जीआईसी तक एक लेन पर करीब नौ मालवाहक वाहन खड़े थे। जिनसे सामान उतार कर छोटे वाहनों से बाजार में जा रहा था। लखनऊ नंबर का ट्रक सामान उतारने के बाद भीड़ के रास्ते ही मौका मिलते निकल गया। करीब 12:30 बजे सरसों का तेल लदा ट्रक सामान खाली कर मौका मिलते ही कुछ दूरी पर जाकर खड़ा हो गया। इसके कारण कुछ देर के लिए जाम भी इस मार्ग पर लग गया। राजकीय इंटर कॉलेज की छुट्टी हुई तो एक पिकअप चालक सड़क पर वाहन को आगे-पीछे करने लगा, जिससे राहगीरों को काफी दिक्कत हुई।
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शाम को 4:30 बजे कोतवाली रोड पर सड़क के किनारे एक लाइन में करीब तेरह मालवाहक लगे हुए थे। इसके कारण फुटपाथ पर पैदल भी लोग नहीं चल पा रहे थे। जीआईसी से जिला कृषि रक्षा इकाई के गोदाम तक दोनों पटरियों पर अतिक्रमण होने के कारण रुक-रुक कर जाम भी लग रहा था। सबसे गंभीर बात तो यह है कि दशहरा मेला होने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इसके चलते मौका मिलते ही नो इंट्री को चकमा देकर कुछ ट्रक चालक मोतीलाल रोड होते हुए न्यू कालोनी के रास्ते सोनूघाट की तरफ चले जा रहे हैं। इससे भी हादसा होने का भय बना रह रहा है, क्योंकि न्यू कालोनी और जलकल रोड भी भीड़-भाड़ वाला इलाका है।
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पिछले दशहरा के दिन ट्रक से हुआ था हादसा
देवरिया। पांच अक्तूबर 2022 की रात में सदर कोतवाली रोड पर एक ट्रक चालक अचानक भीड़ से निकलने का प्रयास किया। इसी दौरान मेले में आए करीब आठ लोगों की बाइक को ठोकर मारते हुए ट्रक की चपेट में आने से बरियापुर थाना क्षेत्र के लाहिलपार गांव के बांसपार टोला निवासी रुपई यादव की बेटी साक्षी (13) और उसकी चचेरी बहन तृष्णा (4) पुत्री निगम घायल हो गईं। इसमें साक्षी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मेले में काफी अफरा-तफरी मच गई थी। घटना के पीछे बड़ा कारण यह था कि इस मार्ग पर मालवाहक वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है और देर रात वाहन खाली कर वापस लौटते हैं। इस वर्ष दशहरा का मेला शनिवार से शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक इस समस्या के निदान के लिए यातायात पुलिस ने कोई खास इंतजाम नहीं किया है। जबकि यह मुख्य मार्ग है और यहां से होकर काफी संख्या में लोग दुर्गा प्रतिमा देखने के लिए गुजरते हैं।
कई बार प्रयास हुआ, लेकिन हासिल कुछ नहीं
देवरिया। देवरिया शहर में ओवरब्रिज से रुद्रपुर मोड़ तक नो इंट्री है। पर जो वाहन शहर में नो इंट्री के पहले आ जाते हैं वह वाहन देर शाम निकलते हैं। कोतवाली और स्टेशन रोड पर ट्रकों का आना जाना काफी संख्या में रहता है, इसको लेकर एडीजी अखिल कुमार ने भी निर्देश दिया था कि इसका विकल्प तलाशा जाए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
इन मार्गों पर रहेगा रूट डाइवर्जन
देवरिया। मेले के दिन मालवीय रोड, नगर पालिका, रेलवे स्टेशन, राघव नगर को जाने वाले मार्ग पर चारपहिया वाहन का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। सिविल लाइंस पर रात 12 बजे तक कोई भी मालवाहक वाहन प्रवेश नहीं करेगा।
नो इंट्री में किसी भी बड़े वाहन के घुसने की अनुमति नहीं होती है। मेले को देखते हुए कोतवाली रोड पर देर रात तक पुलिस को तैनात किया गया है, क्योंकि कोई ट्रक इस मार्ग से न गुजरे। पिछले साल के मामले में केस दर्ज हुआ था।
- श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी
मेले का दो-तीन दिन का समय रहता है। इस पर प्रशासन को नजर रखनी चाहिए, जो ट्रक सुबह आ जा रहे हैं, उनके लिए नो इंट्री से बाहर निकलने का समय बढ़ा दिया जाए। जब मेला में रात एक बजे के बाद भीड़ न रहे तब उन्हें बाहर निकालना चाहिए।
- अखिलेश जायसवाल, जिलाध्यक्ष, जनपद व्यापार मंडल
व्यापारिक दृष्टिकोण से जो ट्रक आते हैं इन्हें मेले के दौरान देर रात काफी सजगता के साथ बाहर निकालने की व्यवस्था पुलिस को करनी चाहिए। इसके लिए यातायात पुलिस कर्मियों की संख्या इस रोड पर बढ़ाने की जरूरत है।
- अजय अग्रवाल, व्यापारी
यह व्यस्ततम सड़क है। ट्रकों का आवागमन मेले के दौरान नहीं होना चाहिए। इसके लिए प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। थोड़ी सी चूक से बड़ी घटना हो जाती है। इस पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए मैं एसपी को पत्र भी लिख चुका हूं।
- प्रदीप शर्मा, प्रधानाचार्य, जीआईसी