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Deoria News: संग्राम के बाद राकेश ने संभाला धंधा, तलाश में इंदाैर एसटीएफ भी
Sat, 22 Feb 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 22 Feb 2025 12:41 AM IST
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देवरिया/बरहज। असलहा सप्लायर संग्राम सिंह की गिरफ्तारी के बाद राकेश ने धंधा संभाल लिया है। मध्यप्रदेश के इंदौर एसटीएफ की टीम उसकी तलाश में तेजी से जुटी हुई है। वह बरहज में तीन दिनों से डेरा जमाए हुए थी। टीम ने राकेश के बैंक खातों और संपत्ति का ब्योरा खंगाला। शुक्रवार को टीम संबंधित दस्तावेज अपने साथ लेकर वापस चली गई। अब बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। छह माह पूर्व टीम ने लक्ष्मीपुर के संग्राम सिंह और सीवान के गुठनी चितविश्राव गांव निवासी चंद्रभान सिंह के घर दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया था।
संग्राम आठ असलहों के साथ पिछले साल अक्टूबर में एमपी पुलिस के हत्थे चढ़ा था। इसके बाद इंदौर एसटीएफ बरहज में पहुंच छापेमारी की थी, उसे लेकर बिहार प्रांत के गुठनी के चितविश्राव में भी छापेमारी सप्लायर चंद्रभान सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद दोनों को लेकर एमपी चली गई थी। संग्राम सिंह के साथ इसमें संलिप्त राकेश सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर फिर से बरहज पहुंची थी। फिलहाल राकेश की संपत्ति व बैंक बैलेंस का ब्योरा लेकर वापस इंदौर एसटीएफ लौट गई।
तीन दिन पूर्व एसटीएफ प्रभारी हरी सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बरहज पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम ने दो दिनों तक तहसील में खुदियां निवासी राकेश के संपत्ति की जानकारी जुटाया। वहीं मदनपुर, महेन, करायल आदि जगहों पर बैंकों से भी उनके खाता आदि की जानकारी हासिल किया।
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पूर्व में पुलिस ने अवैध असलहों की तस्करी में संलिप्त संग्राम सिंह के साथियों के ठिकानों पर दबिश दी थी। एसटीएफ के अनुसार संग्राम सिंह मध्यप्रदेश से अवैध असलहों की खरीद कर उसकी खेप नगर क्षेत्र के अलावा बिहार प्रांत में पहुंचाता था। जिसके रैकेट में और लोगों के भी शामिल होने की जानकारी पर एसटीएफ बरहज पहुंची थी।
उस समय टीम ने राकेश के घर के अलावा मदनपुर थाना क्षेत्र के समोगर और सीवान के गुठनी स्थित चितविश्राव गांव में दबिश दिया था। दबिश में गुठनी थाना क्षेत्र के चिंतविश्राव गांव में पहुंच आर्म्स सप्लायर के यहां छापेमारी की थी। एसटीएफ ने चितविश्राव गांव निवासी चंद्रभान सिंह उर्फ मान सिंह को लेकर एसटीफ ने एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों को लेकर चली गई थी। करीब छह माह बाद इंदौर एसटीएफ बरहज पहुंची और फरार राकेश सिंह की संपत्ति व बैंक बैलेंस का ब्योरा लेने के बाद वापस लौट गई। इंस्पेक्टर राहुल सिंह ने बताया कि टीम आई हुई थी, जो असलहा तस्करों का रिकार्ड खंगालने के बाद वापस चली गई।
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संग्राम आठ असलहों के साथ पिछले साल अक्टूबर में एमपी पुलिस के हत्थे चढ़ा था। इसके बाद इंदौर एसटीएफ बरहज में पहुंच छापेमारी की थी, उसे लेकर बिहार प्रांत के गुठनी के चितविश्राव में भी छापेमारी सप्लायर चंद्रभान सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद दोनों को लेकर एमपी चली गई थी। संग्राम सिंह के साथ इसमें संलिप्त राकेश सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर फिर से बरहज पहुंची थी। फिलहाल राकेश की संपत्ति व बैंक बैलेंस का ब्योरा लेकर वापस इंदौर एसटीएफ लौट गई।
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तीन दिन पूर्व एसटीएफ प्रभारी हरी सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बरहज पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम ने दो दिनों तक तहसील में खुदियां निवासी राकेश के संपत्ति की जानकारी जुटाया। वहीं मदनपुर, महेन, करायल आदि जगहों पर बैंकों से भी उनके खाता आदि की जानकारी हासिल किया।
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पूर्व में पुलिस ने अवैध असलहों की तस्करी में संलिप्त संग्राम सिंह के साथियों के ठिकानों पर दबिश दी थी। एसटीएफ के अनुसार संग्राम सिंह मध्यप्रदेश से अवैध असलहों की खरीद कर उसकी खेप नगर क्षेत्र के अलावा बिहार प्रांत में पहुंचाता था। जिसके रैकेट में और लोगों के भी शामिल होने की जानकारी पर एसटीएफ बरहज पहुंची थी।
उस समय टीम ने राकेश के घर के अलावा मदनपुर थाना क्षेत्र के समोगर और सीवान के गुठनी स्थित चितविश्राव गांव में दबिश दिया था। दबिश में गुठनी थाना क्षेत्र के चिंतविश्राव गांव में पहुंच आर्म्स सप्लायर के यहां छापेमारी की थी। एसटीएफ ने चितविश्राव गांव निवासी चंद्रभान सिंह उर्फ मान सिंह को लेकर एसटीफ ने एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों को लेकर चली गई थी। करीब छह माह बाद इंदौर एसटीएफ बरहज पहुंची और फरार राकेश सिंह की संपत्ति व बैंक बैलेंस का ब्योरा लेने के बाद वापस लौट गई। इंस्पेक्टर राहुल सिंह ने बताया कि टीम आई हुई थी, जो असलहा तस्करों का रिकार्ड खंगालने के बाद वापस चली गई।